45 लाख का चेक बाउंस, मिलर ने 14.50 ही दिए, नाराज किसानों ने नहीं लिया भुगतान

Anchalik News - मंडी प्रशासन एवं राजस्व प्रशासन तथा पीड़ित किसानों के मध्य 45 लाख रुपए का भुगतान देने का करार चंद्रेश एग्रो राइस...

Oct 25, 2019, 07:25 AM IST
Nayapara Rajim News - chhattisgarh news 45 lakh check bounced miller gave 1450 only angry farmers did not take payment
मंडी प्रशासन एवं राजस्व प्रशासन तथा पीड़ित किसानों के मध्य 45 लाख रुपए का भुगतान देने का करार चंद्रेश एग्रो राइस मिल के साथ 35 दिनों के भीतर हुआ था। करार के मुताबिक गुरुवार को भुगतान लेने 35वें दिन अंचल के पीड़ित करीब 100 किसान कृषि उपज मंडी राजिम पहुंचे थे, लेकिन मात्र 14 लाख 50 हज़ार रुपए की ही व्यवस्था करने की बात से किसान चंद्रेश एग्रो राइस मिल संचालक व मंडी प्रशासन से पूरी राशि 45 लाख रुपए एक साथ लेने पर अड़े रहे और आखिरकार भुगतान नहीं लिया।

नाराज 18 गांवों के 80 से ज्यादा किसान कलेक्टर श्याम धावड़े से मिलने गरियाबंद रवाना हो गए। कलेक्टर ने कहा कि मामला मंडी बोर्ड तय करेगा। किसान नेता तेजराम साहू विद्रोही ने बताया कि बरोंंड़ा स्थित चंद्रेश एग्रो राइस मिल ने जून से अगस्त के बीच मंडी परिसर में अंचल के किसानों से 45 लाख रुपए का धान खरीदा था, जिसका चेक किसानों को मिलर द्वारा तो दे दिया गया लेकिन सभी चेक बैंक से बाउंस हो गए। बैंक ने कहा कि मिलर के खाते में पैसा नहीं है।

कलेक्टर से मिलने गरियाबंद रवाना, कलेक्टर ने कहा- जिम्मा मंडी बोर्ड का

राजिम. आक्रोशित सैकड़ों किसान आज कृषि उपज मंडी परिसर पहुंचकर हंगामा किये।

मंडी में 19 सितंबर को धरना भी दे चुके हैं किसान

इसके पहले भी सभी पीड़ित किसानों ने विधायक अमितेश शुक्ला, पूर्व सांसद चंदूलाल साहू , पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय से मिलकर राइस मिलर से चुकारा दिलाने की मांग की थी। 11 सितंबर को किसान नेता तेजराम विद्रोही के साथ कलेक्टर श्याम धावड़े से मिलने गरियाबंद पहुंचे तथा भुगतान की समस्या बताई। कलेक्टर ने 1 हफ्ते के भीतर किसानों को भुगतान दिलाने आश्वस्त किया परंतु 1 हफ्ता बीत जाने के बाद भी किसानों को राशि नहीं मिलने पर आक्रोशित किसान 19 सितंबर को कृषि उपज मंडी परिसर राजिम में धरना पर बैठ गए और धान खरीदी का बहिष्कार कर दिया था। उस दौरान कलेक्टर ने मातहतों के जरिए आश्वस्त किया था कि 35 दिनों के भीतर सभी किसानों को उनका चुकारा दिला दिया जाएगा। राजिम मंडी पहुंचे पीड़ित किसानों में तुलसी साहू, पूनम, लक्ष्मण, संतराम, परस, युवराज, केजू सहित 80 से ज्यादा किसान शामिल थे।

मिलर को प्रतिबंधित करना था, दे दिया खरीदी का अधिकार

करार के मुताबिक गुरुवार 24 अक्टूबर को 35 दिन बीत जाने के बाद भी किसानों को राशि नहीं मिली, तब फिर आक्रोशित हो गए। किसानों ने मंडी प्रभारी सचिव प्रदीप शुक्ला को पुनः करार की बातें याद दिलाई। शुक्ला ने कहा कि पूरी राशि की व्यवस्था राइस मिल ने नहीं की है, अभी 14 लाख 50 हजार रुपए ही जमा किए गए हैं। जरूरतमंद किसान इस राशि से काम चला सकते हैं। इतना सुनते ही पीड़ित किसान आगबबूला हो गए और भुगतान नहीं लिया। किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष संजीव चंद्राकर ने कहा कि मंडी प्रशासन सबसे बड़ा दोषी है, जिसने इस राइस मिलर पर प्रतिबंध लगाने के बजाय उसे खरीदी करने अनुबंधित कर लिया।

सीएम निवास तक पदयात्रा की चेतावनी: गरियाबंद से मिली खबर के अनुसार राजिम के 18 गांवों के 80 किसानों ने दो दिवस के भीतर भुगतान नहीं होने पर गरियाबंद से मुख्यमंत्री निवास तक पदयात्रा और आंदोलन का अल्टीमेटम दिया है।

किसान राशि लेने तैयार नहीं : सचिव

कृषि उपज मंडी राजिम के प्रभारी सचिव प्रदीप शुक्ला ने कहा कि गुरुवार 14 लाख 50 हजार रुपए मिलर ने किसानों को देने जमा किए हैं, उसे किसानों को देने तैयार हैं लेकिन किसान पूरी राशि लेने पर अड़े हैं। हमारा कहना है कि जरूरतमंद गरीब किसान इस राशि को लेकर अपना काम चला सकते हैं।

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