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कोरोना: दो आइसोलेशन वार्डों में से एक टीबी व संक्रामक मरीजों से भरा है

एक वर्ष पहले
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कोरोना वायरस से विभिन्न देशों में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है जिससे शहर में भी इसका भय बढ़ता रहा है। प्रदेश में भी कोरोना को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। खास तौर से स्वास्थ्य विभाग को इससे निपटने के लिए पर्याप्त तैयारियां करने की हिदायत दी गई है मगर इसके बाद भी जिले में स्वास्थ्य विभाग लापरवाह बना हुआ है। जिला अस्पताल में मरीजों को कोरोना से जागरूक करने की कोई व्यवस्था नहीं दिखी। वहीं संदिग्ध मरीजों की जांच करने के साथ ही उनके लिए जिला अस्पताल में जिन दो वार्डों को आइसोलेशन करने हेतु आरक्षित किया गया है उसमें से एक वार्ड टीबी तथा अन्य संक्रामक मरीजों से पहले ही भरा हुआ है।

बताना जरूरी है कि कलेक्टर श्याम धावड़े ने 6 मार्च को सभी संबंधित विभागों की बैठक लेकर कोरोना से बचाव के सारे एहतियाती उपाय करने को कहा था। उनके आदेश के एक दिन बाद जिला अस्पताल में सारी तैयारियां हवा हवाई नजर आईं। कोरोना से बचाव के लिए प्रचार के नाम पर अस्पताल में सिर्फ बैनर लगे हैं। राज्य सरकार ने एडवाइजरी जारी की है जिसके तहत सभी जिलों के अस्पतालों में संदिग्ध मरीज की जांच की व्यवस्था के साथ ही उन्हें भर्ती करने के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाने का निर्देश दिए गए हैं। शनिवार को भास्कर ने अस्पताल के मुआयना में पाया कि मरीजों को कोरोना वायरस से जागरूक करने खास व्यवस्था नहीं थी, सिर्फ एक छोटा सा फ्लैक्स लगा था, जिस पर सीधी नजर भी नहीं पड़ती और न ही पैथॉलाजी लैब में जांच की सुविधा है। अस्पताल में मास्क तो हैं मगर वे उसी मानक स्तर के मास्क हैं जो एड्स व टीवी जैसी संक्रामक बीमारियों के बचाव के लिए उपयोग किए जाते हैं।

न काॅल लगता है, न डॉक्टर रिसीव करते हैं


कोरोना वायरस के संबंध में जानकारी लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से जरूरत के समय बात नहीं हो पाती। जब इन अधिकारियों के नंबर पर काॅल किया जाता है तो अक्सर रिसीव वे फोन नहीं करते या उनका नंबर नहीं लगता। भास्कर प्रतिनिधि ने स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ डाॅ. खेमराज सोनवानी को उनके मोबाइल नंबर 98278 72102 पर शनिवार को रात 8.28 मिनट से लगातार कई बार अलग अलग नंबरों से फोन किया मगर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया ।वहीं जिला सर्विलेंस अधिकारी डाॅ. राकेश कुमार के मोबाइल नंबर 99261 50535 पर रात 8.30 मिनट पर दो तीन बार काॅल किया गया मगर उनका नंबर नेटवर्क से बाहर मिला। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर कार्तिकेय गोयल ने शनिवार की बैठक में ये मोबाइल नंबर नागरिकों की मदद के लिए जारी किए थे।

एन-95 मास्क जिले में नहीं

कोरोना वायरस से बचाव के लिए एन-95 मास्क को ही मानक स्तर का माना गया है मगर यह जिले में कहीं भी उपलब्ध नहीं है। यह मास्क थ्री लेयर का होता है जो कोरोना जैसे वायरस को रोकने में पूरी सक्षम है, जबकि साधारण मास्क में यह क्षमता नहीं होती।

विदेशी नागरिक नहीं

जिले मे 6 अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सीमेंट संयंत्र हैं जहां बाहरी प्रदेशों के साथ-साथ विदेशी नागरिकों का भी यहां आना-जाना होता है मगर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डाॅ. अभय सिंह परिहार की मानें तो उनके संज्ञान में एक भी विदेशी नागरिक यहां नहीं है। हालांकि सतर्कता बरतते हुए नजर रखी जा रही है।

आइसोलेशन के वार्ड-2 में टीबी तथा अन्य संक्रमित मरीज भर्ती हैं।
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