श्रद्धालुओं ने पुत्र दात्री मां काली के दर्शन-पूजन कर मांगी मन्नत

Anchalik News - शुक्रवार को हजारों श्रद्धालुओं ने पुत्र दात्री मां काली के दर्शन किए। मौसम खराब होने के चलते इस वर्ष मेले में बहुत...

Jan 11, 2020, 07:00 AM IST
Dongridih News - chhattisgarh news devotees pray for the son dattri mother kali by paying obeisance
शुक्रवार को हजारों श्रद्धालुओं ने पुत्र दात्री मां काली के दर्शन किए। मौसम खराब होने के चलते इस वर्ष मेले में बहुत कम भीड़ हुई, इस अवसर पर किसी प्रकार का कोई विवाद या अप्रिय घटना नहीं हुई। कसडोल से सिरपुर मुख्य मार्ग पर स्थित तुरतुरिया में हर साल पौष पूर्णिमा पर मेला भरता है। मेले में पहाड़ावाली मां काली विराजमान हैं जिन्हें पुत्र दात्री के रूप में माना जाता है।

कसडोल क्षेत्र के ही लोग नहीं बल्कि दूर दूर के लोग तुरतुरिया के काली माता से संतान प्राप्ति की कामना लिए दर्शन करने आते हैं और मन्नतें पूरी होने पर पुनः दर्शन करने आते हैं। प्रारम्भ में यहां बकरे की बलि देने की प्रथा थी लेकिन शासन द्वारा जब से प्रतिबंध लगाया गया तब से मंदिर में बलि नहीं दी जाती लेकिन लोग मन्नतें पूरी होने पर उसके निमित्त मेला स्थल के आस पास बलि देकर प्रसाद खाकर आते हैं। तुरतुरिया में पौष पूर्णिमा के दिन रात्रि 12 बजे के बाद (बीती रात) मंदिर का दरवाजा खोलते हैं फिर रात्रि 12 बजे से मां काली की दर्शन प्रारम्भ होते हैं जो दूसरे दिन भर भारी भीड़ के साथ चलता है।

मेला स्थल के पास ही बालम देही नदी बहती है जिसमें लोग स्नान करते हैं। मेला के बाईं ओर सीताराम व लक्ष्मण भैया का मंदिर है। उसी परिसर में हनुमानजी, भगवान शंकर का भी मंदिर है। मंदिर के बगल में एक गौ मुख बना हुआ है जिसमें अनवरत आठों काल बारह माह पानी बहता रहता है। लोग इस जल से भी स्नान करते हैं और पेयजल के रूप में भी उपयोग किया जाता है।

कसडोल. तुरतुरिया मेला स्थल के मंदिर में लगी श्रद्धालुओं की भीड़।

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