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बारिश और आेलावृष्टि के कारण फसलें हुईं नष्ट जाे बच गईं उनमें भी लगने लगे कीड़े और फंगस
मौसम के बदलते तेवर ने इस बार किसानों को रुला दिया है। बार-बार रुक-रुककर हो रही बारिश के साथ ओलावृष्टि ने इस बार रबी की फसल नष्ट कर दी है। वहीं सब्जी उत्पादक किसानों की भी परेशानी बढ़ गई है।
रबी फसल के नाम पर चना, तिवरा, मसूर, बर्रे, सरसो, बटर, अलसी, धनिया की फसल चौपट हो चुकी है। आए दिन मौसम के तेवर बदल रहे हैं। कभी कम दबाव के नाम पर तो कभी पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। दिसंबर से रुक-रुककर हो रही बारिश ने किसानों की मुसीबतें बढ़ा दी है। फसल के साथ सब्जियांे में कीड़े लगने के साथ पेड़ भी गलने लगे हैं। किसानों का लगभग 1 लाख क्विंटल धान जिले के खरीदी केंद्रों में बिकने के लिए 20 फरवरी से अब तक जाम है। शासन ने टोकन जारी किए हुए किसानों से धान खरीदने की घोषणा की है। इसके लिए सचिव स्तर के अधिकारी जांच करेंगे, तब जाकर धान खरीदी की कार्यवाही शुरू होगी, लेकिन इन दिनों लगातार हो रही बारिश और ओले गिरने से उनका धान भीग रहा है। बारिश और ओले की वजह से किसानों को जो नुकसान हो रहा है, उससे किसानों को अब शासन से उम्मीद की दरकार है। रबी फसलों में बीमा कवरेज का दौर ज्यादा नहीं है। सीमित संख्या और सीमित रकबा में ही बीमा हो रहा है। ऐसी स्थिति में गैर बीमित किसान सरकार से आस लगाए बैठे हैं कि सरकार उन्हें राहत दिलाकर संकट से उबार सकती है।
किसानों की बढ़ गई मुसीबत, किसानों को भरपाई करने की सता रही चिंता, बीमा क्लेम दिलाने की मांग
ओले के कारण वाहनों के कांच भी टूटे
बांकी के शिवप्रताप बघेल, विनोद पुरी गोस्वामी, रामनाथ यादव, जैतपुरी के हीरा पुरी ने बताया कि बांकी, चातरखार, चलान, धनगांव, टिंगीपुर, चमारी, सोनपुरी, जैतपुरी, डौकीदाह, दामापुर में गुरुवार रात बड़े-बड़े ओले गिरे। इससे घर के सामने खड़ी आॅटो और कार के कांच टूट गए। चना, गेहूं, तिवरा, सरसो, धनिया, अलसी, बर्रेे की फसल चौपट हो गई। सब्जियांे की खेती भी नष्ट हो गई।
जिले के इन गांव में नजरी आंकलन के अनुसार 30 से 70 प्रतिशत बताया फसल को नुकसान
उद्यान विभाग के अधीक्षक केदारनाथ उपाध्याय ने बताया कि मुंगेली ब्लॉक के लोहड़िया, केशलीकला, दुल्लापुर, चमारी, गाड़ाघाट, शितलकुंडा, देवरी, प्रतापपुर, पंडरभट्ठा, पेडराकापा, टेढाधौरा, रामगढ़ में टमाटर, बैगन, प्याज, पत्तागोभी सब्जी को नजरी आंकलन के अनुसार 50 से 70 प्रतिशत होना बताया गया है। वहीं लोरमी ब्लॉक दुल्लापुर, डिंडौरी, मलकछरी, चरनीटोला, धनियाडोली, कारीडोंगरी ग्राम में टमाटर, बैगन, प्याज, पत्तागोभी सब्जी को नजरी आंकलन के अनुसार 40 से 80 प्रतिशत होना बताया है। वहीं पथरिया ब्लॉक के ग्राम भटगांव, बछेरा, सरगढ़ी, रोहराकला, कलारजेवरा, लाटा ग्राम में नजरी आंकलन के अनुसार क्षति 30 से 60 प्रतिशत होना बताया गया है।
किसान बोले: इस साल सिर्फ नुकसान हुआ फसल पूरी नष्ट हो चुकी है, कैसे होगी भरपाई
डांडगांव के अरविंद कुमार घोसले ने बताया कि वे 7 एकड़ में सब्जी उत्पादन कर रहे हैं। पिछले साल 200 स्कवेयर मीटर नेट हाउस में टमाटर का उत्पादन में 1.5 से 2 लाख का फायदा हुआ था। इस साल लाभ की संभावना समाप्त हो गई है। क्योंकि अधिक बारिश, आंधी और ओले से फसल खराब हो चुकी है। आंधी से नेट ड्रीप एरीगेशन की बांस-बल्ली गिर गई है। इससे टमाटर मिट्टी और पानी के संपर्क में आकर गलने लगा है। सप्ताह में 3-4 दिन बारिश होने से यह स्थिति बनी। वहीं फूल गोभी में कीड़े लग गए हैं। करेला और बरबटी में फंगस लग गया है। रबी फसल भी चौपट हो चुकी है। चना, तिवरा और गेहूं की स्थिति अभी उतनी खराब नहीं है। सरसो, अलसी, बर्रे, अरहर और धनिया भी प्रभावित है।
किसानों को हुए नुकसान से राहत दिलाने की मांग, बीमा कंपनी को लिखा गया पत्र
पंडरभट्ठा के किसान प्रफूल शुक्ला ने बताया कि रबी फसल चना तिवरा, मसूर, बर्रेे, सरसो, बटर पूरी तरह चौपट हो गई है। बीमित किसान को बीमा का क्लेम जल्द दिलाया जाय। वहीं उन्होंने गैर बीमित किसान को क्षति के लिए शासन से राहत दिलाने की मांग की है। गीधा के किसान आनंद मिश्रा ने बताया कि तिवरा, चना, अलसी, धनिया, मसूर, सरसों की फसल की स्थिति खराब है। सहायक संचालक उद्यानिकी ने बीमा कंपनी बजाज आलियांज जनरल इश्योरेंश लिमिटेड कंपनी को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने ओलावृष्टि से उद्यानिकी फसलों के हुई क्षति का सर्वे करने कहा है। साथ ही क्षति निर्धारकों को भेजकर क्षति आंकलन कराते हुए समय-सीमा में बीमा दावा राशि का भुगतान सुनिश्चित करने को कहा है।
कई गांव में बड़े साइज के गिरे ओले, किसान परेशान
ओलावृष्टि से ग्राम बांकी, चातरखार, चलान, धनगांव, टिंगीपुर, चमारी, सोनपुरी, जैतपुरी, डौकीदाह, दामापुर, केशली, भालापुर, चकरभट्ठा, सिंगबांधा में लगभग एक-एक पाव के ओले गिरने से फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है। वहीं किरना, धपई, भरदा, मुंगेली, रोहराखुर्द, गीधा, करही, धरमपुरा, चमारी में भी लगभग 50 ग्राम के समकक्ष गिरे ओले ने फसल नष्ट हो चुकी है। रबी फसल के नाम पर सिर्फ गेहूं को आंशिक क्षति हुई है।
गोभी में लगने लगे कीड़े।
बारिश और ओलावृष्टि के कारण टमाटर की फसल हो चुकी नष्ट।