हाथियों ने टेमरी-खैरा में 50 किसानों की सब्जी बाड़ी रौंदी

Anchalik News - ग्राम टेमरी खैरा के करीब 50 किसान नाला किनारे सब्जी बाड़ी लगाकर जीविकोपार्जन करते हैं। जंगली हाथियों के उत्पात से...

Nov 11, 2019, 07:26 AM IST
ग्राम टेमरी खैरा के करीब 50 किसान नाला किनारे सब्जी बाड़ी लगाकर जीविकोपार्जन करते हैं। जंगली हाथियों के उत्पात से बाड़ी लगाने वाले किसानों को चिंता सता रही है कि अगर हाथी रोहांसी के जंगल से नहीं भागे तो उसके सामने रोजी-रोटी के लाले पड़े जाएंगे। किसानों ने कहा कि वन विभाग जल्द ही हाथियों को खदेड़ने की व्यवस्था करे, नहीं तो गांव के आधे परिवार के सामने पलायन की मजबूरी हो जाएगी।

ज्ञात हो कि 17 हाथियों का झुंड 27 दिनों से मैदानी इलाकों में घूमता हुआ 22 दिनों से एक ही जगह पर रोहांसी के बांस के झुरमुट में डेरा जमाए बैठा है। झुंड आसपास गांवों की फसलों को चौपट कर रहा है, जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान ग्राम टेमरी अौर खैरा में सब्जी बाड़ी लगाने वाले छोटे-छोटे किसानों को हो रहा है।

हाथी जिस किसान की बाड़ी में जाते हैं, उसे रौंदकर बर्बाद कर रहे हैं। करीब 10 एकड़ से ज्यादा सब्जी बाड़ी और 8 किसानों के बाड़ी में बने मकानों को ध्वस्त कर दिए हैं। तीन सोलर पैनल को तोड़ डाले हैं। इस तरह रोज हाथियों का झुंड रात में सब्जी बाड़ी और धान के खेतों को रौंद रहा है। इसके कारण महीनों पहले हजारों रुपए खर्च कर सब्जी बाड़ी लगाए किसानों का नुकसान हो चुका है।

 

पलारी. सब्जी बाड़ी को दिखाते किसान, जहां हाथियों ने सब्जी को रौंद डाला है।

चार लाख रुपए की सब्जी काे पहंुचा नुकसान

चार लाख रुपए की सब्जी काे पहंुचा नुकसान

लेखराम निषाद, सुरित, रामा पटेल, जानू पटेल, टेकराम, भोजराम, अर्जुन, रामेश्वर, बल्लू, सहदेव, मान सिंह, मनहरण निषाद, श्याम र|, कार्तिक, तोरन, अक्तू पटेल, किसन निषाद आदि किसानों ने बताया कि वे लोग मुख्य रूप से नाला किनारे सब्जी बाड़ी लगाकर अपना खर्चा अौर घर-परिवार चलाते हैं। इस साल बाजी भट्टा, टमाटर, मिर्च, मूली, भिंडी लगाए थे, जिसको हाथियों ने रौंद दिया है। इसके कारण करीब 4 लाख रुपए की सिर्फ सब्जी का नुकसान हो गया है। इसे दोबारा लगाने की हिम्मत नहीं हो रही है क्योंकि हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। अगर हाथियों को यहां से भगाया नहीं गया तो हम लोग सब्जी बाड़ी नहीं लगा सकते हैं, जिससे हमारे सामने जीविकोपार्जन की समस्या होने लगी है।

लेखराम निषाद, सुरित, रामा पटेल, जानू पटेल, टेकराम, भोजराम, अर्जुन, रामेश्वर, बल्लू, सहदेव, मान सिंह, मनहरण निषाद, श्याम र|, कार्तिक, तोरन, अक्तू पटेल, किसन निषाद आदि किसानों ने बताया कि वे लोग मुख्य रूप से नाला किनारे सब्जी बाड़ी लगाकर अपना खर्चा अौर घर-परिवार चलाते हैं। इस साल बाजी भट्टा, टमाटर, मिर्च, मूली, भिंडी लगाए थे, जिसको हाथियों ने रौंद दिया है। इसके कारण करीब 4 लाख रुपए की सिर्फ सब्जी का नुकसान हो गया है। इसे दोबारा लगाने की हिम्मत नहीं हो रही है क्योंकि हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। अगर हाथियों को यहां से भगाया नहीं गया तो हम लोग सब्जी बाड़ी नहीं लगा सकते हैं, जिससे हमारे सामने जीविकोपार्जन की समस्या होने लगी है।

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