एक वोट से कांग्रेस की स्मृति बनीं गरियाबंद जिला पंचायत अध्यक्ष

Anchalik News - जिला पंचायत के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पद के लिए शुक्रवार को विधिवत चुनाव संपन्न हुआ। 11 सदस्यीय जिला पंचायत में...

Feb 15, 2020, 06:55 AM IST
Devbhog News - chhattisgarh news gariaband zilla panchayat president became the memory of congress by one vote

जिला पंचायत के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पद के लिए शुक्रवार को विधिवत चुनाव संपन्न हुआ। 11 सदस्यीय जिला पंचायत में कांग्रेस की स्मृति नीरज ठाकुर अंतत: गरियाबंद जिला पंचायत की एक वोट से अध्यक्ष चुन ली गईं। वे पहले दिन से बहुमत होने का दावा कर रही थीं। इसके बावजूद कांग्रेस की ही लक्ष्मी साहू ने भाजपा व जोगी कांग्रेस का साथ लेकर परचा भर दिया था पर वे एक वोट से हार गईं। कांग्रेस के ही संजय नेताम उपाध्यक्ष चुने गए। उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस के संजय नेताम ने जोगी कांग्रेस समर्थक रोहित साहू को 1 मतों से पराजित कर विजय हासिल की। स्मृति के पक्ष में 6 वोट पड़े जबकि लक्ष्मी को 5 वोट मिले।

पंचायत में लक्ष्मी, स्मृति और संजय को मिलाकर 3 सदस्य कांग्रेस के जीते हैं पर लक्ष्मी के भाजपा के खेमे में जाने से कांग्रेस के दो ही सदस्य रह गए थे। स्मृति को 3 निर्दलीयों व एक भाजपा सदस्य का साथ मिला, जबकि लक्ष्मी को जोगी कांग्रेस के एक व 3 भाजपा सदस्यों ने लक्ष्मी का साथ दिया। यही स्थिति संजय की भी रही। चुनाव के तीन दिन पहले ही 12 फरवरी के अंक में भास्कर ने जिला पंचायत के लिए तय हुए समीकरण का खुलासा कर दिया था। भास्कर ने बताया था कि स्मृति का अध्यक्ष बनना तय है, यह भी बताया था कि लक्ष्मी साहू ने भाजपा के 3 व जोगी कांग्रेस के एक सदस्य के साथ टीम भी तैयार कर ली है।

रोहित साहू को उपाध्यक्ष के लिए नामांकन भराने की बात भी सही साबित हुई। मामले के खुलासे के बाद पार्टी आलाकमान ने रमेश वर्ल्यानी को प्रभारी बनाकर
भेजा था। स्मृति के बहुमत की पड़ताल के बावजूद चुनाव प्रभारी लक्ष्मी को मना नहीं सके। संगठन चाहता तो यह चुनाव निर्विरोध भी हो सकता था पर प्रभारी ने रुचि नहीं दिखाई।

बिंद्रानवागढ़ को नेतृत्व दिलाने विनोद की भूमिका अहम रही


पूरे चुनाव की कमान कांग्रेस प्रदेश सहसचिव विनोद तिवारी ने संभाल रखी थी। जनपद सदस्यों के परिणाम आते ही स्मृति के समर्थन में बहुमत के आंकड़े 6 को अध्यक्ष चुनाव के पहले ही हासिल कर लिया गया था। 11 में से 4 सीट भाजपा के पास थी, समय पर रणनीति नहीं बनती तो भाजपा बाजी मार सकती थी। आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री जनक ध्रुव की भूमिका भी अहम रही। संजय को जनक का राजनीतिक विरोधी माना जाता है पर ऐन वक्त पर जनक ने संजय को साध कर समन्वय स्थापित कर लिया। विनोद तिवारी ने कहा कि बिंद्रानवागढ़ विधानसभा के विकास के लिए सरकार के साथ समन्वय बनाने निर्वाचित जनप्रतिनिधि की आवश्यकता थी। उल्लेखनीय है कि संजय की नजर आगामी विधानसभा चुनाव में बिंद्रानवागढ़ पर है।


क्रॉस वोटिंग के भरोसे थी विरोधी खेमा

11 सदस्यों वाली जिपं में बहुमत के लिए 6 का आंकड़ा जरूरी था, जो स्मृति व संजय खेमा ने शुरू से हासिल कर लिया था। बचे 5 सदस्यों के साथ विरोधी खेमे को भरोसा था कि क्रॉस वोटिंग से वह जीत जाएगा पर स्मृति के सभी समर्थक एक राय थे जिसे उन्होंने अंत तक मतों में तब्दील करके भी दिखा दिया। इस तरह विरोधी खेमे को हार देखनी पड़ी।

देवभोग। जीत के बाद कांग्रेस भवन पहुंचे नवनिर्वचित अध्यक्ष, उपाध्यक्ष का जोरदार स्वागत किया गया।

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