इस बार संगम में भरपूर पानी इसलिए श्रद्धालु लगा सकेंगे डुबकी

Anchalik News - छत्तीसगढ़ के प्रयागराज राजिम संगम में 12 नवंबर मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर भव्य मड़ाई मेला का आयोजन...

Nov 10, 2019, 07:36 AM IST
छत्तीसगढ़ के प्रयागराज राजिम संगम में 12 नवंबर मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर भव्य मड़ाई मेला का आयोजन होगा। वैसे मातर मड़ाई के बाद क्षेत्र में मड़ई उत्सव की परंपरा शुरू हो जाती है किंतु संगम में कुलेश्वर नाथ महादेव मंदिर के पास कार्तिक पूर्णिमा को शानदार मेला लगता है, जिसके बाद ही अन्य क्षेत्रों व गांवों में मड़ाई मेला शुरू होते हैं।

इस बार संगम में पानी की धार आ रही है यानी नदी में पानी भरपूर है। श्रद्धालुओं को पूर्व वर्ष की तरह इस बार भटकने की जरूरत नहीं पड़ेंगी, पानी भरपूर होने से नदी में कहीं भी स्नान किया जा सकता है। पिछले साल दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं को स्नान के लिए इधर उधर खूब भटकना पड़ा था और जब पानी नहीं मिला तो अंततः श्रद्धालुओं ने झिरिया खोदकर स्नान की औपचारिकता पूरी की थी, लेकिन इस बार नवागांव एनीकट पानी से लबालब है, जहां से निरंतर संगम में पानी की सप्लाई की जा रही है।

एनीकट से थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। पानी की धार निरंतर संगम में प्रवाहित हो रही है। वहीं सोंढ़ूर, पैरी, महानदी में पानी की धार आने से संगम की खूबसूरती दोगुनी हो गई है। फूल पत्र के साथ ही अन्य सामानों से संगम अट गया है लेकिन कहीं-कहीं गंदगी भी दिखाई दे रही है। शौच से घाट गंदे व अशुद्ध हो गए हैं। कई जगह स्नान के लिए पत्थर रखे हुए हैं लेकिन गंदगी होने के कारण श्रद्धालुओं को दिक्कत हो सकती है। इस गंदगी को साफ करने के लिए अभी तक सामाजिक संगठन या फिर स्वच्छता टीम ने पहल नहीं की है। पौराणिक मान्यता के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा को संगम में स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। आज भी गांव में परंपरा है कि कार्तिक माह लगते ही बालिकाएं प्रति रोज सुबह 4 बजे उठकर नदी, तालाब, सरोवर में स्नान के लिए जाती हैं तथा भोलेनाथ का पूजन आराधना करती हैं। कार्तिक पूर्णिमा को इस अनुष्ठान का समापन किया जाता है। इस दिन नदी व तीर्थ स्थलों में स्नान करने की परंपरा है। इस वजह से राजिम संगम में पूरे छत्तीसगढ़ से लोग बड़ी संख्या में अलसुबह स्नान, दान, होम आदि कृत्य के लिए पहुंचते हैं और संगम स्थित कुलेश्वर नाथ महादेव के साथ ही तट पर विराजमान राजीव लोचन आदि देवों के दर्शन कर परिवार सहित बैठकर भोजन (दूतभात) का आनंद लेते हैं।

राजिम. नवागांव एनीकट से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण संगम में भरपूर प्रवाह बना हुआ है।

गुरुनानक जयंती और कार्तिक पूर्णिमा एक ही दिन

गुरुनानक जयंती और कार्तिक पूर्णिमा एक ही दिन होने के कारण शासकीय अवकाश भी है। शासकीय अवकाश होने के कारण लोग सपरिवार धर्मनगरी राजिम पहुंचकर स्नान, दान, दर्शन पूजन करेंगे, साथ ही यहां से 25 किमी दूर जंगल के मध्य माता घटारानी एवं माता जतमाई सहित कुकदा डैम, सिकासेर डैम जैसे मनोरम स्थल पर भ्रमण के लिए पहुंचेंगे।

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