आदेश के बाद भी ट्रस्ट की जमीन का पंजीयन नहीं

Anchalik News - ट्रस्ट की 130 एकड़ जमीन का धान बेचने के लिए 20 दिनों तक पंजीयन कराने किसान तहसील, एसडीएम व कलेक्टर कार्यालय के चक्कर...

Nov 10, 2019, 07:36 AM IST
ट्रस्ट की 130 एकड़ जमीन का धान बेचने के लिए 20 दिनों तक पंजीयन कराने किसान तहसील, एसडीएम व कलेक्टर कार्यालय के चक्कर काटते रहे, इन किसानों को रोज रोज नए नए दस्तावेज लेकर संबंधित दफ्तरों में बुलाया जाता रहा। पंजीयन की अंतिम तारीख 7 नवंबर की रात्रि 8 बजे तक कलेक्टर दफ्तर के बाहर ये किसान खड़े रहे मगर अधिकारियों ने किसानों से मिलना तक मुनासिब नहीं समझा।

पूरा मामला लवन के आर्य प्रतिनिधि सभा लवन के ट्रस्ट की 130 एकड़ जमीन का है जहां ट्रस्ट छोटे छोटे किसानों को 130 एकड़ जमीन को रेघा पर देकर खेती कराता है। राज्य शासन ने ट्रस्ट की जमीन का रेघा पर लिए किसानों के नाम पर धान बेचने पंजीयन करने का आदेश दिया है। इसके लिए लवन उपतहसील, तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर दफ्तर तक किसान चक्कर काटते रहे मगर रोज रोज किसानों को नए नए दस्तावेज के साथ बुलाया गया जिससे वे परेशान हो गए।

अधिकारी दिन भर टाइम पास कर उन्हें वापस भेज देते तथा दूसरे दिन की तारीख देकर फिर बुलाते। कई बार तो अधिकारी मिलते ही नहीं थे। किसान शिवरतन जायसवाल, कन्हैया साहू, नारायण रजक, शत्रुहन रजक, नरोत्तम चन्द्राकर, अजय, भागीरथी, रामनारायण, ओमप्रकाश, गोवर्धन, बिसहत, आचार्य अंशुदेव आर्य आदि ने बताया कि लवन में ट्रस्ट की जमीन किसानों ने रेघा पर ली है रेघा जिसका धान समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए 7 नवंबर तक पंजीयन कराना था। इसके लिए अधिकारी बेवजह घुमाते रहे, राज्य शासन के आदेश की कापी दिखाने के बाद भी आखिरकार पंजीयन नहीं किया जिससे किसानों को अब आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

पंजीयन के लिए बलौदाबाजार में कलेक्टर कार्यालय में भटकते किसान।

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