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5 दिन में 55.8 मिमी बारिश, सब्जियों के साथ दलहन-तिलहन को हुआ नुकसान
तीन मार्च से अब तक मौसम में बदलाव का दौर जारी ही है, और आने वाले चार दिन में भी ऐसा ही हाल रहने का अनुमान है। मौसम में बदलाव की प्रमुख वजह चक्रीय चक्रवाती घेरा का बनना और दो दिशाओं से हवा का बहना है। शुक्रवार को मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच अधिकतम तापमान 29 डिग्री व न्यूनतम तापमान 19 डिग्री रहा। इसके पहले गुरुवार रात 9 बजे के बाद गरज-चमक के साथ बालोद, डौंडीलोहारा व गुंडरदेही ब्लॉक क्षेत्र में 13.4 मिमी बारिश हुई। वहीं डौंडी व गुरुर क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हुई। मार्च में लगातार 11 दिन से मौसम में बदलाव के चलते किसान वर्ग ज्यादा चिंतित नजर आ रहे हैं। इसके कारण दलहनी-तिलहनी फसलों को ज्यादा नुकसान पहुंच रहा है। मिंजाई नहीं हो पा रही है।
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि शुक्रवार रात से शनिवार तक बालोद जिले के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है, अब तक राजस्थान में चक्रीय चक्रवाती घेरा सक्रिय है। साथ ही दोनों दिशाओं से हवा पहुंच रही है। जिसके असर से यहां मौसम में बदलाव जारी है। आने वाले चार दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव होगा। शनिवार को हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद तीन दिनों तक धूप-छांव रहने का अनुमान है। दिन में गर्मी व रात में हल्की ठंडी का अहसास होगा।
मौसम में बदलाव के लिए अभी सिस्टम सक्रिय
उत्तर पाकिस्तान और उसके आसपास में 1.5 किलोमीटर से 9.5 किलोमीटर तक समुद्री हवाएं सक्रिय है। इसके प्रभाव से एक चक्रीय चक्रवर्ती घेरा हरियाणा और उसके आसपास में 0.9 किलोमीटर तक स्थित है। एक चक्रीय चक्रवाती घेरा पूर्व उत्तर प्रदेश और उसके आसपास 0.9 किलोमीटर पर स्थित है। एक द्रोणिका पूर्वी उत्तर प्रदेश से पश्चिमी विदर्भ तक पूर्वी मध्य प्रदेश होते हुए 0.9 किलोमीटर पर स्थित है।
जिले के तीनों ब्लाॅक का हाल: बालाेद, लाेहारा, गुंडरदेही में हुई 13.4 मिमी बारिश
फसलों व सब्जियों को नुकसान पहुंचा है
बारिश व मौसम में बदलाव होने से दलहनी-तिलहनी फसलों के अलावा टमाटर, बरबटी, भिंडी, करेला, मिर्च सहित अन्य सब्जियों को नुकसान पहुंचा है। कीट लगने की संभावना बढ़ गई है। बासीन में तबाही का मंजर अब तक दिख रहा है। किसान गोपी पटेल, डेविड साहू ने बताया कि तिवड़ा, चना फसल व सब्जियों को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। बढ़वार नहीं होने से उत्पादन पर असर पड़ेगा। कितना नुकसान पहुंचा है, अभी आकलन कर रहे है। खेतों व खलिहानों में बर्बादी का मंजर दिख रहा है। नेवारीकला के हेमराज, तुकाराम ने बताया कि इस माह मौसम की खराबी के चलते फसल भी खराब हो रहे है।
बालोद से लगे गांवों में रातभर बिजली बंद
बेमौसम बारिश, आंधी तूफान के चलते केबल ब्रस्ट होने से बालोद के आसपास गांव बघमरा, ओरमा, मेड़की, पर्रेगुड़ा, खरथुली, भोथली सहित आसपास 10 गांवों में 15 घंटे तक बिजली बंद रही। लोगों को रतजगा करना पड़ा। गुरुवार रात 11 बजे से बिजली बंद रही, फॉल्ट सुधार के बाद शुक्रवार दोपहर 12.30 बजे व्यवस्था दुरूस्त हो पाया। तब लोगों ने राहत की सांस ली। रातभर मच्छरों से लोग परेशान रहे। सीएसईबी के एई एलएल ध्रुव ने बताया कि बघमरा रेलवे क्रासिंग के पास केबल फॉल्ट होने से बिजली बंद करने की नौबत आई। अब व्यवस्था बहाल हो गई है।
2019- एक साल पहले 2019 में भी मार्च माह में गरज-चमक के साथ तीन दिन में ही 65.6 मिमी बारिश हुई थी। तब 3 मार्च को 6.7 मिमी- औसत 1.3 मिमी, 4 मार्च को 35.7 मिमी- औसत 7.1 मिमी, 21 मार्च को 23.2 मिमी- औसत 4.6 मिमी बारिश हुई थी। बालोद व गुंडरदेही ब्लॉक क्षेत्र में ज्यादा बारिश हुई थी।
2020- इस साल मार्च के 5 दिन में 55.8 मिमी बारिश हो चुकी है। 3 व 5 मार्च को 16 मिमी, 6 मार्च को 23 मिमी, 10 मार्च को 3.4 मिमी ,12 मार्च को 13.4 मिमी बारिश हो चुकी है। पिछले साल की तरह इस बार भी बालोद ब्लॉक क्षेत्र में ज्यादा बारिश हुई है। मौसम विभाग ने मार्च अंत तक कभी भी बारिश होने का अनुमान लगाया है।
बालोद. बासीन में टमाटर, प्याज भाजी सहित अन्य सब्जियों को नुकसान।
2020
2019
डौंडीलोहारा
गुंडरदेही
बालोद
आंकड़ों से जानिए रात में तीन ब्लॉक में कितनी बारिश
3.6
2.4
7.4
बारिश के आंकड़े मिमी में