3 साल बाद अक्टूबर में 90 मिमी बारिश, 24 घंटे में 68.4 मिमी, दिवाली तक बौछारें संभव

Balod News - सोमवार को दिनभर बादलों में सूरज ढंका रहा। अधिकतम तापमान 24 डिग्री व न्यूनतम तापमान 22 डिग्री रहा यानी दिन व रात के...

Oct 22, 2019, 06:35 AM IST
सोमवार को दिनभर बादलों में सूरज ढंका रहा। अधिकतम तापमान 24 डिग्री व न्यूनतम तापमान 22 डिग्री रहा यानी दिन व रात के तापमान में महज 2 डिग्री का अंतर रहा। लिहाजा लोगों को ठंडकता का अहसास हुआ। ऐसा हाल आने वाले 5 दिन तक रहेगा। यह मौसम विभाग का अनुमान है। बहरहाल जिले में 24 घंटे में ही 68.4 मिमी औसत बारिश हुई। इस तरह अक्टूबर के 21 दिन में 90मिमी बारिश हो चुकी है। जो एक रिकार्ड है। इसके पहले 2016 में सबसे ज्यादा 122.5 मिमी बारिश हुई थी। अभी भी इस माह के 9 दिन बचे है। वहीं मौसम विभाग का अनुमान है कि दीपावली तक बौछारें पड़ सकती है, क्योंकि कम दाब का क्षेत्र कभी भी सक्रिय हो रहा है। द्रोणिका भी मौजूद है। वहीं उड़ीसा व आंध्रप्रदेश से हवा आ रही है। इसलिए जिले में चल रही हवा ठंडी हो गई है। इससे बादल बन रहे है। मानसून की विदाई के बाद इस सीजन में 1102 मिमी बारिश का कोटा अब पूरा हो चुका है। जिले में अब 1118.7 मिमी बारिश हो चुकी है।

आंकड़ों में बारिश- मिमी में

तहसील 24 घंटे में कुल

बालोद 104.2 1385.3

गुरुर 44.2 1220.8

डौंडी 47.8 1126.3

डौंडीलोहारा 49.9 932.9

गुंडरदेही 96 928.2

औसत 68.4 1118.7

किसानों को नुकसान: खेतों में बिछ गई धान की फसल

क्लिक टाइम : 4:15 PM स्थान : आमापारा

बारिश थमने के बाद बादल छाए रहे, जिससे पारा गिरा।

चार कारण... जिनकी वजह से बूंदें गिरीं, आज भी ठंडक रहेगी


1. अरब सागर,बंगाल की खाड़ी वेस्ट सेंट्रल में लाे प्रेशर एरिया यानी कम दाब का क्षेत्र बना हुअा है। इसके प्रभाव से जिले के अधिकांश क्षेत्रों में नमी अा रही है।

बारिश से जनजीवन प्रभावित

बारिश थमने के बाद भी जनजीवन प्रभावित रहा। बालोद-अर्जुन्दा मार्ग के दायरे में कोंगनी नाला में पुराने पुल के ऊपर डेढ़ फीट पानी बहने से लोगों को आने जाने में परेशानी हुई। सुबह 11 बजे तक बसें नहीं चली। शहर के सिंधी कॉलोनी, नए बस स्टैंड सहित कई वार्ड व हीरापुर क्षेत्र में रातभर बिजली बंद व चालू होने का सिलसिला चला।


2. एमपी, राजस्थान व यूपी में बने चक्रवात से जिले में बादल बना और तेज बारिश हुई। चक्रवात आगे गुजर रहा है लेकिन असर बरकरार है।


3. विदर्भ तक द्रोणिका लाइन बनी थी। जो दक्षिण छग से गुजरी। इसके प्रभाव से बारिश हुई। यह पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी की तरह आगे बढ़ रहा है।

कम दबाव के क्षेत्र का पडे़गा असर

5 दिन का अनुमान-
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि भले ही बारिश की एक्टीविटी कम हो जाएगी लेकिन लो प्रेशर एरिया के चलते आगे कुछ भी हो सकता है। अगर यह चेन्नई की ओर जाएगा तो बारिश की संभावना कम और विशाखापटनम के आसपास गुजरेगा तो बालोद सहित छत्तीसगढ़ के कई जिले में बारिश हो सकती है।

फागुन्दाह में धान की फसल बारिश के बाद इस हालात में है।


4. ओडिशा यानी पूर्व दिशा से 0.7 किमी की गति से हवा आ रही है। दक्षिण आंध्रप्रदेश से वहीं 1.5 से 4.5 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा आ रही है।

और इधर तबाही का मंजर, घटेगा उत्पादन

धान की फसल झुकी, आने लगा अंकुरण, नुकसान तय-बालोद ब्लॉक के नयापारा, मेड़की, बघमरा, नेवारीकला, ओरमा, खरथुली, भोथली, सुंदरा, देवीनवागांव, गुरुर ब्लॉक के फागुन्दाह, पेरपार, दर्रा, उसरवारा, बागतराई सहित आसपास के गांवों में 300 से ज्यादा एकड़ में लगी धान की फसल झुक गई है। किसानों का कहना है कि नुकसान तय है, भरपाई नहीं हो पाएगा।

केस 1- फागुन्दाह के किसान महेश साहू ने बताया साढ़े 6 एकड़ में लगी धान फसल झुक गई है। 50% से ज्यादा पैदावार नहीं हो पाएगा।

केस 2- किसान सुंदरलाल ने बताया कि धान फसल की कटाई होने के बाद खेत में रखे थे और अचानक बारिश हो गई। जिससे नुकसान तय है, अंकुरण आना शुरू हो गया है।

केस 3- किसान ठाकुर राम निषाद ने बताया कि एक एकड़ में लगी धान फसल झुक गई है। अभी जो बारिश हुई, वह हमारे साथ बाकी किसानों के लिए नुकसानदायक है।

केस 4- किसान परमानंद साहू ने कहा कि आधा डिसमिल से ज्यादा रकबा में लगी धान की फसल झुक गई है। अफसरों को यहां आकर वास्तविक स्थिति देखना चाहिए।

ये कह रहे- कृषि डीडीए एसएन ताम्रकर का कहना है कि तेज बारिश होने के बाद भी ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। खड़ी धान की फसल सुरक्षित है। कहां क्या स्थिति है, अफसरों से जानकारी मंगाएंगे।

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