अलर्ट इफेक्ट: जिले में मात्र 117.5 मिमी बारिश मानसूनी तेवर: 300 मिमी से अधिक गिरा पानी

Balod News - बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के चलते मंगलवार को 4.4 मिमी बारिश के बाद मौसम विभाग रायपुर ने एक साथ बालोद जिलेवासियों...

Bhaskar News Network

Aug 14, 2019, 08:30 AM IST
Balod News - chhattisgarh news alert effect monsoon rains in the district with only 1175 mm of rain more than 300 mm of spilled water
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के चलते मंगलवार को 4.4 मिमी बारिश के बाद मौसम विभाग रायपुर ने एक साथ बालोद जिलेवासियों के लिए दो अलर्ट जारी किया है। बुधवार सुबह 8.30 बजे तक रेड अलर्ट तो गुरुवार सुबह 8.30 बजे तक आरेंज अलर्ट के साए में हमारा जिला रहेगा। अनुमान हर बार की तरह इस बार भी भारी बारिश का है।

वैसे यह सावन मास का तीसरा रेड और पहला ऑरेंज अलर्ट है। अलर्ट जारी करने का तर्क मौसम विभाग बता रहा है कि उत्तर उड़ीसा कोस्ट तक निम्न दाब का क्षेत्र बना हुआ है। जो छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से दक्षिण छत्तीसगढ़ के आने वाले जिले जिसमें बालोद जिला भी शामिल है, वहां से बस्तर तक भारी बारिश का अनुमान है। वैसे पिछले दो रेड अलर्ट के दौरान जिले में उम्मीद अनुरुप बारिश नहीं हो पाई है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दो बार रेड अलर्ट अवधि में जिले में 91.3 मिमी बारिश हुई। जबकि एक ही बार में 100 मिमी या इससे ज्यादा बारिश का अनुमान रहता है। वहीं येलो अलर्ट अवधि में महज 26.2 मिमी बारिश हो पाई। इससे ज्यादा बारिश बिना अलर्ट के 300 मिमी हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा का कहना है कि सिस्टम बनने से बादल तो बनते है लेकिन तेज हवाओं के कारण भारी बारिश नहीं हो पाती। यह परिस्थिति पर निर्भर करता है।

अभी यह स्थिति: निम्न दाब का क्षेत्र बना हुआ है जो छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है

बालाेद. मंगलवार को बारिश से बचने इस तरह बस का सहारा लिया।

बारिश के लिए अनुकूल सिस्टम बनने के बाद मौसम विभाग को यह अलर्ट जारी करने का अधिकार

येलो अलर्ट- खतरे के प्रति सचेत रहें। मौसम विभाग के अनुसार येलो अलर्ट के तहत लोगों को सचेत रहने के लिए अलर्ट किया जाता है। यह अलर्ट जस्ट वॉच यानी सावधान रहने का सिग्नल है।

ऑरेंज अलर्ट - खतरा, तैयार रहें। मौसम विभाग के अनुसार जैसे-जैसे मौसम और खराब होता है तो येलो अलर्ट को अपडेट करके ऑरेंज कर दिया जाता है। इसमें लोगों को इधर-उधर जाने के प्रति सावधानी बरतने को कहा जाता है।

रेड अलर्ट - खतरनाक स्थिति। मौसम विभाग के अनुसार जब मौसम खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है और भारी नुकसान होने की आशंका होती है तो रेड अलर्ट जारी किया जाता है।

ग्रीन अलर्ट- कोई खतरा नहीं, यानी बारिश की संभावना नहीं है, आप सुरक्षित है।

अब आगे क्या: मौसम विभाग की मानें तो जिले में 15 अगस्त की सुबह 8.30 बजे तक बारिश का पूर्वानुमान है। इसलिए रेड व ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार दिनभर छुटपुट बारिश सुबह10 से शाम तक होती रही। बादल छाए रहे, 16 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। आने वाले समय में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

जब-जब अलर्ट, उम्मीद अनुरुप बारिश नहीं- जानें कब क्या

रेड अलर्ट

कब जारी- 29 जुलाई को सुबह 8.30 बजे, कब तक के लिए- 31 जुलाई को सुबह 8.30 बजे तक

किसलिए अलर्ट- उड़ीसा, झारखंड में 7.6 किमी तक ऊपरी चक्रवात, राजस्थान से पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक समुद्र तल से 3.1 से 5.8 किमी ऊंचाई पर चक्रीय हवाओं का घेरा, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में द्रोणिका बना।

असर क्या हुआ- 29 जुलाई को 10.1 मिमी, 30 जुलाई को 30.1 मिमी, 31 जुलाई को 7.1 मिमी बारिश हुई।

अलर्ट अवधि में कुल बारिश- 72 घंटे में 48.3 मिमी बारिश हुई

येलाे अलर्ट

कब जारी- 25 जुलाई को सुबह 8.30 बजे

कब तक- 27 जुलाई को सुबह 8.30 बजे तक

किसलिए अलर्ट- बंगाल की ख ाड़ी में7.6 किलोमीटर तक ऊपरी चक्रवात, राजस्थान से होकर पटना होते उत्तर बंगाल की खाड़ी में द्रोणिका।

असर क्या हुआ- 26 जुलाई को 24.1 मिमी व 27 जुलाई को 1.9 मिमी बारिश हुई

अलर्ट अवधि में कुल बारिश- 48 घंटे में 26 मिमी बारिश हुई। अब आगे फिर मौसम में बदलाव हो रहा है।

रेड अलर्ट

कब जारी- 8 अगस्त को सुबह 8.30 बजे

कब तक- 9 अगस्त को सुबह 8.30 बजे तक

किसलिए अलर्ट- उत्तर पूर्व छत्तीसगढ़ अंबिकापुर से 40 किलोमीटर दूर अवदाब, पड़ोसी राज्यों में द्रोणिका, ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा, उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी एवं उससे लगे उत्तरी ओडिशा एवं प. बंगाल के समुद्र तट पर सीजन का सबसे स्ट्रांग मानसूनी सिस्टम बना।

असर क्या हुआ- 8 को 34.9 मिमी, 9 को 8.1 मिमी बारिश। अलर्ट अवधि में कुल बारिश- 48 घंटे में 43 मिमी बारिश हुई।

येलो अलर्ट

कब जारी- 7 अगस्त को सुबह 8.30 बजे

कब तक- 8 अगस्त को सुबह 8.30 बजे तक

किसलिए अलर्ट- ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा, उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी एवं उत्तरी ओडिशा एवं प. बंगाल के समुद्र तट पर सीजन का स्ट्रांग मानसूनी सिस्टम बना

असर क्या हुआ- 7 अगस्त को 0.2 मिमी बारिश हुई

अलर्ट अवधि में कुल बारिश- 24 घंटे में 0.2 मिमी बारिश हुई।

मायने क्या- दो बार रेड, दो बार येलो अलर्ट जारी हुआ।

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