बदली गांव की सरकार: कहीं पति ने पत्नी को सौंपा पदभार तो कहीं बहू ने जेठ को

Balod News - त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद मंगलवार को जिले के 435 पंचायतों में पहला सम्मेलन हुआ। जहां जीते हुए पंच- सरपंच ने...

Feb 12, 2020, 06:36 AM IST

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद मंगलवार को जिले के 435 पंचायतों में पहला सम्मेलन हुआ। जहां जीते हुए पंच- सरपंच ने शपथ ग्रहण किया तो वही पुराने सरपंचों ने नए सरपंच को पदभार सौंपा। कई पंचायतों में रिश्तेदार ही चुनाव जीत कर आए हैं। ऐसे में वहां का नजारा भी रोचक रहा। कहीं पति ने प|ी को पदभार सौंपा तो कहीं प|ी ने पति को तो कहीं भाई बहू ने जेठ को भी। अधिकतर जगह रिश्तेदारों में ही पंचायत की कमान पांच साल के लिए सौंपने का दस्तूर निभाया गया। बालोद ब्लॉक के ग्राम ओरमा में पिछले पंचवर्षीय में रुक्मणी बाई साहू सरपंच थी। यहां उनके जेठ तेजराम साहू सरपंच बने हैं। भाई बहू ने जेठ को पदभार सौंपा। इसी तरह गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम कलंगपुर में गोविंदराम सिन्हा ने अपनी प|ी पुष्पा सिन्हा तो सकरौद में भी तामेश्वर देशमुख ने प|ी ममता देशमुख को पदभार सौंपा।

नई पंचायतों में आश्रित ग्राम से आजादी का उत्सव: जिन गांवों को नई पंचायत का दर्ज मिला है, वहां के लोगों ने पहले सम्मेलन को आश्रित ग्राम से आजादी का उत्सव मनाया। बालोद ब्लॉक में गठित नई पंचायत खैरतराई, बोरी और बिरेट्रा में भी पहले सरपंच चुनाव के बाद शपथ ग्रहण हुआ। ग्रामीणों ने इस सम्मेलन को उत्सव के रूप में मनाया। क्योंकि उनके लिए यह ऐतिहासिक दिन था।

ये पूर्व सरपंच बने जनपद या जिला पंचायत सदस्य


बरही पंचायत में पिछले पंचवर्षीय में सरपंच रही धनेश्वरी देशमुख अब जिला पंचायत सदस्य बन गई है। मुल्लेगुड़ा में सरपंच रही अमृता नेताम भी अब जनपद सदस्य बन चुकी है। तो हीरापुर की सरपंच रही कीर्तिका सतानंद साहू भी जिला पंचायत चुनाव लड़कर सदस्य बन चुकी है।

नई पंचायत बने खैरतराई में चुने गए पहले सरपंच व पंचों ने ली शपथ।

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