शहीदों की याद में हर साल मुंडन करवाते हैं बलराम

Balod News - गंजपारा गांधीनगर बालोद व मूलनिवासी हथबंध( कुरुद) के रहने वाले बलराम साहू लोगों में देशभक्ति जगाने हर स्वतंत्रता...

Bhaskar News Network

Aug 19, 2019, 06:35 AM IST
Balod News - chhattisgarh news balaram gets shaved every year in memory of martyrs
गंजपारा गांधीनगर बालोद व मूलनिवासी हथबंध( कुरुद) के रहने वाले बलराम साहू लोगों में देशभक्ति जगाने हर स्वतंत्रता दिवस पर अपना सिर मुंडवाते हैं। ऐसा वे 1996 से कर रहें हैं। उनकी सोच है कि इस तरह से वे आजादी दिलाने के लिए शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि देते हैं। उनका कहना है कि परिवार में किसी के निधन पर शोक कार्यक्रम में एक बार सिर मुंडाते हैं।देश के लिए कुर्बानी देने वाले सैनिक मरते नहीं,शहीद होते हैं इसलिए हर साल उनकी याद में वे मुंडन करवाते हैं।

उनसे प्रेरित होकर उनके गांव के कार्तिक राम सहित अन्य ग्रामीण भी लगभग 7 साल से सिर मुंडवा रहे हैं। इस तरह सभी लोगों में देशभक्ति की भावना प्रेरित करने का प्रयास करते हैं और आजादी की यादों को जिंदा रखना चाहते हैं। ताकि आज के इस आधुनिक दौर में लोग शहीदों की शहादत को ना भूल जाएं।

सिर मुंडन कराते हुए बलराम साहू।

स्कूल में निशुल्क पढ़ाया, 19 गरीब बच्चों को भी मदद

वर्तमान में क्रेडा विभाग में सोलर सुपरवाइजर पद पर काम कर रहे बलराम साहू को सामाजिक और शिक्षा के क्षेत्र में भी पूर्व में ग्राम र|, अक्षर सैनिक, शिक्षा दूत, ज्ञान र|, मानस दूत सहित कई अवॉर्ड भी प्राप्त हो चुके हैं। राज मानस संघ धमतरी के सचिव रमाकांत साहू ने कहा कि बलराम के इन अच्छे कार्यों को देखते हुए उन्हें संघ की आजीवन सदस्यता भी सौंपी गई है वे शिव शक्ति मानस परिवार हथ बंध के सचिव भी हैं। इसके जरिए वे छग के कई मंचों में मानस का महत्व भी लोगों को बताते हैं।सरकारी सेवा में आने से पहले हुए इलेक्ट्रिकल कांट्रेक्टर थे। इसके अलावा बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करने ग्राम पंचायत करगा के हायर सेकेंडरी स्कूल में बिना वेतन के बच्चों को पढ़ाते रहे। 19 गरीब बच्चों को भी वे पढ़ाई लिखाई में आर्थिक मदद करते हैं। आगे भी यह मुहिम जारी रखेंगे।

गांव में बाढ़ आई तो लोगों को बचाया, मिला अवॉर्ड: 2007 में हथ बंध में बाढ़ आ गई थी। इस दौरान उन्होंने कई ग्रामीणों को बचाने में अहम भूमिका निभाई। इसके लिए धमतरी के तत्कालीन कलेक्टर त्रिलोकचंद महावर ने उन्हें अग्रदूत सैनिक अवॉर्ड से भी सम ्मानित किया था। आज भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर काम करते हैं। उन्होंने ग्रामीणों को तालाब किनारे पौधे लगाने प्रेरित किया, जो आज पेड़ बन चुके हैं।

चौराहे पर चिपकाते थे अखबार की कटिंग

हथबंध के दिनेश साहू ने कहा कि बलराम में लोगों की मदद करने की भी अलग तरह की भावना है। जब 10 साल पहले तक गांव में अखबार नहीं आता था या गिने-चुने लोगों के घर ही आता था तो वे लोगों को रोजगार समाचार और देश-दुनिया की खबरों की जानकारी देने सभी अखबार मंगा कर उनकी कटिंग को चौराहे पर चिपकाते थे।

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