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जिले में खतरा नहीं, बेफिक्र होकर मनाएं होली
विश्व के 14 देशों में कोरोना की दस्तक की बातें सामने आ रही है। ऐसे में देश में भी होली पर कोरोना का खौफ नजर आ रहा है। लेकिन बालोद जिले को स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना मुक्त घोषित किया है। यह इसलिए क्योंकि अब तक यहां एक भी संदिग्ध नहीं मिला है। चीन से एक युवती पिछले माह लौटी जरूर थी लेकिन 28 दिनों तक निगरानी के बाद भी कोरोना से संबंधित कोई लक्षण नजर नहीं आने के कारण विभाग ने अब युवती सहित जिले को कोरोना से सुरक्षित बताया है। यानी कह सकते हैं जिले में कोरोना का कोई साया नहीं है। आप बेफिक्र होकर होली खेल सकते हैं। कलेक्टर रानू साहू ने भी कहा है कि लोग किसी भी तरह के अफवाह पर ध्यान ना दें। सामान्य सर्दी, खासी को भी कोरोना से ना जोड़ें।
पिछले माह चीन से बालोद की एक युवती देश लौटी थी। इसी दौरान चीन के वुहान शहर से कोरोना के दहशत की शुरुआत हुई थी। विभाग ने लगभग 1 माह तक युवती को निगरानी में रखा। जांच हुई तो पता चला वह वुहान से नहीं बल्कि चीन के दूसरे शहर से आई थी। जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर वीरेंद्र गंजीर का कहना है कि 28 दिनों तक निगरानी के दौरान युवती में कोरोना से संबंधित कोई लक्षण नजर नहीं आया।
केमिकल नहीं, हर्बल गुलाल से ही खेलें होली
डॉक्टरों ने लोगों को केमिकल युक्त गुलाल के बजाय हर्बल गुलाल से होली खेलने की भी अपील की है ताकि उनकी त्वचा पर भी कोई प्रभाव ना पड़े। इस साल जिले के कई गांव में महिला समूह हर्बल गुलाल बना रही है। पलाश के फूलों से यह गुलाल तैयार किया गया है। सोमवार को स्कूलों में भी इस तरह के गुलाल से होली खेली गई। मरकाटोला में वहां की महिलाओं द्वारा बनाए गए हर्बल गुलाल से ही स्कूल में होली की शुरुआत की गई।
हाथ मिलाने के बजाय दूर से करें नमस्ते: डॉ. रात्रे
सीएमएचओ डॉ बीएल रात्रे ने कहा कि होली के दौरान ज्यादा भीड़भाड़ वाले जगहों पर जाने से बचे। अगर किसी की तबीयत खराब है तो वे सार्वजनिक जगहों पर ना जाएं और होली भी ना खेले। वरना उन्हें परेशानी हो सकती है। सभी लोगों को साफ सफाई पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। खांसते और छींकते समय हथेली के बजाय कोहनी का सहारा ले तो बेहतर है। लोगों से हाथ मिलाने के बजाय दूर से ही नमस्ते करके अभिवादन स्वीकार करें। एक दूसरे से कम से कम 3 फीट की दूरी भी मेंटेन करें।
जिला अस्पताल में बनाया गया आइसोलेशन वार्ड
कोरोना के संदिग्ध केसों की जांच के लिए जिला अस्पताल में अलग से आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया है। सिविल सर्जन डॉ आरके श्रीमाली का कहना है कि जरूरत पड़ने पर हम निजी अस्पतालों के वार्ड का भी सहयोग ले सकते हैं। फिलहाल जिले में एक भी कोरोना के संदिग्ध केस अब तक सामने नहीं आए थे। जिस युवती को संदिग्ध माना जा रहा था वह भी पूरी तरह से सुरक्षित है। जिला सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के सभी स्टाफ व डॉक्टर को ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है।