दावा; घर-घर कचरा कलेक्शन, नियमित सफाई का सच्चाई; गंदगी फैली, नहीं मिला ओडीएफ डबल प्लस

Balod News - बालोद.नियमित सफाई के दावों के बीच गंगासागर तालाब में फैली गंदगी। स्वच्छता सर्वेक्षण 2020

Jan 24, 2020, 07:00 AM IST
Gunderdehi News - chhattisgarh news claim door to door garbage collection the truth of regular cleaning dirt spread odf double plus not found
बालोद.नियमित सफाई के दावों के बीच गंगासागर तालाब में फैली गंदगी।

स्वच्छता सर्वेक्षण 2020
सर्वे का नतीजा डेढ़ माह बाद सभी के सामने आएगा

बालोद नगर पालिका क्षेत्र में एक दिन पहले टीम पहुंचकर गोपनीय सर्वे कर लौट गई है। जिसका नतीजा डेढ़ माह बाद सभी के सामने रहेगा। भले ही नगर पालिका डोर टू डोर कचरा कलेक्शन व नियमित सफाई से शहर सुंदर होने का दावा कर रही हो लेकिन हकीकत में अभी भी सुधार की जरूरत है, क्योंकि तालाबों में गंदगी का आलम है, कचरामुक्त, ओडीएफ डबल प्लस की श्रेणी में बालोद नहीं आ सका है।

सीएमअाे कह रहे लाेगाें की जागरूकता भी जरूरी

नपा सीएमओ विकास पाटले ने बताया कि एक दिन पहले ही सर्वे टीम साफ, सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने पहुंचे थे। यह उनका गोपनीय दौरा था। इसलिए कुछ कह नहीं सकते। डेढ़ माह बाद नतीजे आएंगे। शहर के सभी 20 वार्डों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन हो रहा है। तालाबों की सफाई भी करवाते आ रहे हैं। सफाई व्यवस्था को सुधारने कई काम भी हुए है। लोग भी जागरूक हों, इस बार फीडबैक में 1500 अंक तय है।

जानिए: सफाई को लेकर हम कहां, क्या पैरामीटर, कितना अंक तय और वजह

सिटीजन फीडबैक, निर्धारित अंक- 1500

क्या होगा- केन्द्र सरकार की ओर से गठित सर्वे टीम शहर के लोगों से पूछेगी कि शौचालय का उपयोग कर रहे हो कि नहीं? सफाई का हाल कैसा है? नियमित सफाई हो रही है या नहीं? कचरा उठ रहा है कि नहीं?

दावा- डोर टू डोर कचरा कलेक्शन हो रहा है। फीडबैक को लेकर अफसर व कर्मचारी सक्रिय हैं

हकीकत- सार्वजनिक स्थानों में नियमित सफाई जरूरी है। घरों में रोजाना कचरा उठाने समूह की महिलाएं पहुंच रही है लेकिन सार्वजनिक जगहों में लोग कचरा फेंक रहे है।

क्योंकि- जिन अफसरों व सफाई को जिम्मेदारी दी गई है, वह डोर टू डोर कचरा कलेक्शन पर ही फोकस कर रहे है।

तीनों तिमाही का औसत प्रगति रिपोर्ट - निर्धारित अंक- 1500

क्या होना है- अप्रैल से जून, जुलाई से सितंबर और अक्टूबर से दिसंबर यानी तिमाही रिपोर्ट के आधार पर भी अंक मिलेगे। प्रोग्रेस रिपोर्ट का अध्ययन कर टीम अंक देंगे।

दावा- दो तिमाही में परिणाम बेहतर रहा है। पहली तिमाही में 59वें रैंक में रहे फिर दूसरी तिमाही में 9वें नंबर पर पहुंच गए।

हकीकत- सफाई को लेकर जिले के 8 शहरी क्षेत्र को उस जोन में रखा गया है, जहां देशभर के 423 शहर भी शामिल है। इसलिए बेस्ट प्रदर्शन करना चुनौती रहेगी।

क्योंकि- सूखा व गीला कचरों को एकत्रित कर जैविक खाद बनाया जा रहा है। लेकिन कचरामुक्त श्रेणी में नहीं अा सके है।

बालोद|स्वच्छता सर्वेक्षण- 2020 के तहत जिले के 8 शहरी क्षेत्र बालोद, दल्लीराजहरा, डौंडी, डौंडीलोहारा, गुंडरदेही, चिखलाकसा, अर्जुन्दा में सर्वे का दौर शुरू हो गया है। इस बार सभी शहरों में सफाई का हाल कैसा है, यह 6 हजार अंकों से परखे जाएंगे। इसी को ध्यान में रखकर 2 नपा व 6 नगर पंचायत प्रशासन कार्य कर रही है, लोगों को जागरूक कर रही है ताकि दिल्ली से सर्वे टीम पहुंचे तो सब अपटूडेट दिखे व इसी आधार पर बेहतर अंक मिल सके। सफाई व्यवस्था की सच्चाई जानने 31 जनवरी तक शहरी क्षेत्रों में टीम दौरा पर रहेगी। क्षेत्र में सरप्राइज विजिट कर टीम लोगों से फीडबैक भी ले रही है।

प्रत्यक्ष अवलोकन, निर्धारित अंक- 1500

क्या होगा- सर्वे टीम बालोद के वार्डों में पहुंचकर सफाई व्यवस्था का जायजा लेंगे। कचरा एकत्रित होने के बाद उसका क्या उपयोग हो रहा है, शौचालय का उपयोग लोग कर रहे है कि नहीं? क्या आज भी लोग खुले में शौच करने जा रहे है, यह सब देंखेंगे।

दावा- सभी घरों में शौचालय है। इसलिए खुले में शौच नहीं जाते। साथ ही सार्वजनिक शौचालय का उपयोग हो रहा है।

हकीकत- टीम के आने पर ही नपा अमला सक्रिय रहता है। फिलहाल की स्थिति में किसी को जानकारी नहीं है कि कब टीम दौरा करेगी। सिर्फ पुराने आंकड़ों के आधार पर दावा कर रहे है।

क्योंकि- मॉनिटरिंग नहीं हो रही है।

ओडीएफ डबल प्लस, निर्धारित अंक- 500

क्या होना है- निजी सहित सार्वजनिक शौचालय अप टू डेट, डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, नालियों में पानी निकासी व्यवस्था, सार्वजनिक जगहों की सफाई, सफाई के प्रति जागरुकता देखा जाएगा।

दावा- 500 अंक मिलने में किसी प्रकार का रोड़ा नहीं है, क्योंकि ओडीएफ प्लस श्रेणी में आ चुके है।

हकीकत- तालाबों की गंदगी, नालियों में कचरा जाम, निकासी व्यवस्था रोड़ा बनेगा। भले ही मार्च 2018 में बालोद ओडीएफ प्लस मिल गया लेकिन डबल के लिए चुनौती बरकरार है।

क्योंकि- बरसों से बारिश के दौरान निकासी की समस्या से जूझ रहे लोग वास्तविक जानकारी देंगे तो सच्चाई भी सामने आएगी।

कचरामुक्त शहर, निर्धारित अंक- 1000

क्या होना है- सर्वे टीम शहर के लोगों से चर्चा कर व मौके पर पहुंचकर जानेगी कि प्रमुख स्थानों में क्या स्थिति है यानी कचरामुक्त है कि कचरा युक्त है।

दावा- अफसर ही खुद कह रहे है कि फिलहाल की स्थिति में कचरामुक्त शहर की श्रेणी में नहीं आ पाए है। लेकिन जल्द आ जाएंगे।

हकीकत- तालाब व नालियां कचरा युक्त है। घरों में सफाई होने के बाद भी यह रोड़ा बन रहा है।

क्योंकि- डोर टू डोर कचरा कलेक्शन से घरों का कचरा निकल रहा है लेकिन नियमित सफाई नहीं होने से तालाबों व नालियों में कचरा जाम है, नतीजा- गंदगी पसरी है।

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