रोज की मुसीबत, 8 बोगियों के डेमू ट्रेन में बैठने के लिए कुल सीटें 800, रोज करते हैं 16 सौ से ज्यादा यात्री सफर

Balod News - चार जिले कांकेर, बालोद, दुर्ग व रायपुर के दायरे में केंवटी से रायपुर तक रोजाना सुबह चलने वाली डेमो ट्रेन में सफर अब...

Sep 14, 2019, 06:41 AM IST
चार जिले कांकेर, बालोद, दुर्ग व रायपुर के दायरे में केंवटी से रायपुर तक रोजाना सुबह चलने वाली डेमो ट्रेन में सफर अब आसान नहीं रह गया। इसको दर्शाती यह तस्वीर ही सच्चाई बयां कर रहा है कि लोग किस तरह से सफर करने मजबूर है। ट्रेन में चढ़ने वाले ज्यादा तो उतरने वाले कम है।

दरअसल केंवटी से भानुप्रतापपुर स्टेशन पहुंचने पर ही 800 सीट की क्षमता की ट्रेन में चढ़ने वालों की संख्या 200 पार पहुंच जाती है, फिर गुदुम, सल्हाईटोला, दल्लीराजहरा स्टेशन तक सभी सीटें फुल हो जाती है। लिहाजा इसके बाद कुसुमकसा, भैंसबोड़, बालोद, लाटाबोड़, सिकोसा, गुंडरदेही, रिसामा, पाउवारा स्टेशन में टिकट कटाने वालों को सीट नहीं मिलती। मरोदा स्टेशन में 60%यात्री उतर जाते हैं। इसके अनुरुप यहां कम यात्री ही बैठकर दुर्ग व रायपुर पहुंचते है, क्योंकि दुर्ग से लगातार रायपुर के लिए ट्रेन आने व जाने का सिलसिला चलता रहता है। बहरहाल स्थिति ऐसी है कि पांच स्टेशनों में ही सीटें फूल हो रही है और 8 स्टेशनों में टिकट कटाने वाले यात्रियों को सीटें नहीं मिल पा रही है।

भास्कर मौके पर: बे-टिकट यात्री अधिक, सुविधाओं पर ध्यान नहीं दे रहा रेलवे

आप ऐसे समझंे- पहले से खचाखच भीड़ फिर 15 जुलाई से 4 स्टेशनों में 300 से ज्यादा यात्री सफर कर रहे

आप ऐसे समझंे- पहले से खचाखच भीड़ फिर 15 जुलाई से 4 स्टेशनों में 300 से ज्यादा यात्री सफर कर रहे

15 जुलाई से केंवटी रेलवे स्टेशन से ट्रेन निकल रही है। तब से अब तक पहले की अपेक्षा 300 से ज्यादा यात्री अतिरिक्त सफर कर रहे है। ऐसा इसलिए क्योंकि केंवटी, भानुप्रतापपुर, गुदुम, सल्हाईटोला स्टेशन में पहले सुबह ट्रेन नहीं पहुंचती थी। जो अब पहुंच रही है। गौरतलब है कि दल्ली से केंवटी तक एक नई ट्रेन (78823) चल रही है। जो सुबह 4 दल्ली से रवाना हो रही है फिर 4.50 बजे केंवटी से इसी ट्रेन का नंबर बदलकर रायपुर के लिए रवाना किया जा रहा है। जो अब तक दल्ली से शुरु होती आ रही थी।

15 जुलाई से केंवटी रेलवे स्टेशन से ट्रेन निकल रही है। तब से अब तक पहले की अपेक्षा 300 से ज्यादा यात्री अतिरिक्त सफर कर रहे है। ऐसा इसलिए क्योंकि केंवटी, भानुप्रतापपुर, गुदुम, सल्हाईटोला स्टेशन में पहले सुबह ट्रेन नहीं पहुंचती थी। जो अब पहुंच रही है। गौरतलब है कि दल्ली से केंवटी तक एक नई ट्रेन (78823) चल रही है। जो सुबह 4 दल्ली से रवाना हो रही है फिर 4.50 बजे केंवटी से इसी ट्रेन का नंबर बदलकर रायपुर के लिए रवाना किया जा रहा है। जो अब तक दल्ली से शुरु होती आ रही थी।

यात्रियों का भार एक ही डेमू ट्रेन पर है

कांकेर जिले के दायरे में यह स्टेशन- केंवटी, भानुप्रतापपुर, बालोद जिले के दायरे में- गुदुम, सल्हाईटोला (डौंडी), गुदुम, दल्लीराजहरा, कुसुमकसा, भैंसबोड़, बालोद, लाटाबोड़, सिकोसा, गुंडरदेही, दुर्ग जिला के दायरे में- रिसामा, पाउवारा, दुर्ग, भिलाईनगर, पावरहाउस, भिलाई, चरोदा, रायपुर के दायरे में- सरोना, सरस्वती नगर, रायपुर जंक्शन।

ये भी जानें- ट्रेन का विस्तार 50 किलोमीटर, यात्री भी दोगुना बढ़े पर बोगी की संख्या 8 ही रखी गई है

ये भी जानें- ट्रेन का विस्तार 50 किलोमीटर, यात्री भी दोगुना बढ़े पर बोगी की संख्या 8 ही रखी गई है

रावघाट रेल परियोजना के तहत तीन साल 7 माह में दल्लीराजहरा तक चलने वाली ट्रेन का विस्तार केंवटी तक यानी 50 किलोमीटर तक कर लिया गया है। लेकिन एक भी बोगी नहीं बढ़ी है। बोगी 8 ही है। जिसकी क्षमता 800 यात्रियों की बिठाने की है लेकिन मजबूरी ऐसी है कि दोगुना 1500 से 1600 तक यात्री सफर कर रहे है। वैसे भी केंवटी तक विस्तार के अलावा भैंसबोड़ व सल्हाईटोला (डौंडी) में ट्रेन रुक रही है। ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों की संख्या और बढ़ रही है। ट्रेन बालोद तक पहुंचती है तो खचाखच भीड़ रहती है।

रावघाट रेल परियोजना के तहत तीन साल 7 माह में दल्लीराजहरा तक चलने वाली ट्रेन का विस्तार केंवटी तक यानी 50 किलोमीटर तक कर लिया गया है। लेकिन एक भी बोगी नहीं बढ़ी है। बोगी 8 ही है। जिसकी क्षमता 800 यात्रियों की बिठाने की है लेकिन मजबूरी ऐसी है कि दोगुना 1500 से 1600 तक यात्री सफर कर रहे है। वैसे भी केंवटी तक विस्तार के अलावा भैंसबोड़ व सल्हाईटोला (डौंडी) में ट्रेन रुक रही है। ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों की संख्या और बढ़ रही है। ट्रेन बालोद तक पहुंचती है तो खचाखच भीड़ रहती है।

जानें, किस स्टेशन में कितने यात्री चढ़े व कितने उतरे

स्टेशन समय चढ़े उतरे

बालोद 6.31 200 18

लाटाबोड़ 6.42 100 02

सिकोसा 6.49 300 06

गुंडरदेही 6.58 200 04

रिसामा 7.11 60 12

पाउवारा 7.18 65 05

मरौदा 7.30 100 700

विचार करें तो ऐसे हो सकता है समस्या का समाधान

1. ट्रेन की बोगी बढ़ाई जाए ताकि सफर आसान हो।

2.नई ट्रेन चलाई जाए। रेल ने प्लान बनाया है लेकिन अब तक कुछ नहीं हो पाया।

3.तीन दिन दुर्ग तक चलने वाली ट्रेन को रोजाना चलाई जाए।

यात्रियों की संख्या बढ़ी है

चीफ स्टेशन मास्टर पीके वर्मा का कहना है कि ट्रेन में बोगी बढ़ाने का निर्णय रेल मंडल हेड कार्यालय की ओर से ही लिया जाता है। ट्रेन का विस्तार हुआ है, स्वाभाविक है पहले की अपेक्षा यात्रियों की संख्या बढ़ गई होगी।

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