मूकबधिर व श्रवण बाधित बच्चों ने फेंका गोला तो अस्थि बाधित बच्चों ने लगाई दौड़

Balod News - मंगलवार को विश्व दिव्यांग दिवस पर जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता जुंगेरा हाईस्कूल मैदान में हुई। जहां जिलेभर से...

Dec 04, 2019, 07:40 AM IST
Balod News - chhattisgarh news hearing impaired and hearing impaired children threw a ball and bone impaired children ran
मंगलवार को विश्व दिव्यांग दिवस पर जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता जुंगेरा हाईस्कूल मैदान में हुई। जहां जिलेभर से दिव्यांग खेल प्रतिभागी अपनी प्रतिभा दिखाने जुटे। मूकबधिर व श्रणव बाधित बच्चों ने गोला फेंक तो अस्थि बाधित बच्चों ने 50-100 मीटर दौड़ में अपना दम दिखाया। इसी तरह दृष्टिबाधित बच्चों के लिए भी अलग-अलग खेल हुआ।

डीईओ आरआर ठाकुर ने कहा कि सामान्य बच्चों के लिए अक्सर हम खेल का आयोजन करते हैं। लेकिन दिव्यांगों के लिए समाज कल्याण व राजीव गांधी शिक्षा मिशन के माध्यम से इस तरह का आयोजन साल में एक बार हो पाता है। इनके हुनर का मुकाबला कोई नहीं कर सकते। क्योंकि ये कमी के बावजूद अपनी कमी का एहसास नहीं होने देते। आज जो बच्चे यहां खेल में प्रथम आएंगे, उन्हें राज्य में जाने का मौका मिलेगा।

65 बच्चे हुए थे राज्य के लिए चयनित: एपीसी राधेश्याम साहू ने भी दिव्यांग बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि ये ऐसे बच्चे हैं जो सामान्य बच्चों के साथ खेल में भाग नहीं ले पाते। लेकिन दिव्यांग अधिनियम 2016 में इसका प्रावधान हुआ। आज उन्हें भी मंच व मैदान मिल रहा है। पिछले साल 65 बच्चे राज्य स्तर के लिए चयनित हुए थे। जिसमें 16 बच्चों ने मेडल भी जीता।

बढ़ाया हौसला:अब राज्य स्तरीय स्पर्धा में हिस्सा लेंगे विजेता

बालोद. विश्व दिव्यांग दिवस पर जुंगेरा के हाईस्कूल मैदान में गोला फेंक प्रतियोगिता में हिस्सा लेते बच्चे।

इन दिव्यांगों ने मारी बाजी

50 मीटर दौड़ 6 से 11 वर्ष बालक में अस्थि बाधित में निलेश कुमार संबलपुर, प्रथम, राजकुमार बोरगहन द्वितीय, बालिका में तोमेश्वरी सिवनी प्रथम, चांदनी मटिया द्वितीय, 11 से 14 वर्ष बालक अस्थि बाधित में तोरण दरगहन प्रथम, तारेंद्र कुमार साजा द्वितीय, बालिका में खुशबू झलमला प्रथम, अमृता सिवनी द्वितीय, 14 से 18 वर्ष अस्थि बाधित बालक में डोमन लाल अमलीडीह प्रथम, अर्जुन कोटेरा द्वितीय, बालिका में काजल जमरुवा प्रथम, फ़लेश्वरी डौंडीलोहारा द्वितीय रही।

दिव्यांग कर्मचारी ने बताई अपनी जिंदगी की जंग

इस दिवस पर विशेष रूप से तहसील कार्यालय बालोद में सहायक ग्रेड 2 के पद पर कार्यरत मेड़की निवासी बसंत हिरवानी को बुलाया गया था। जो दिव्यांगों के प्रेरणा स्रोत माने जाते हैं। उनके दोनों हाथ नहीं है। वे पैरों से लिखते हैं और आज कई संघर्षों के बावजूद इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने लोगों को प्रेरित करने अपनी जिंदगी की जंग को बयां किया। कहा कि वे अपने दोस्तों के साथ लिफ्ट लेकर साइकिल से बालोद स्कूल पढ़ने आते थे। अपने साथियों को लिखते देख उन्हें भी लगता था कि वह भी लिखे पढ़े और जिंदगी में आगे बढ़े और कभी हार नहीं मानी।

गोला फेंक में ये रहे प्रथम

श्रवण एवं मूकबधिर बच्चों ने गोला फेंक में प्रतिभा दिखाई। जिसमें 6 से 11 वर्ष बालक में संतुल पेंडरवानी, बालिका में टेमिन जोरातराई,11 से 14 वर्ष बालक में लाकेश कुमार कचांदूर, बालिका में वैष्णवी अमलीडीह, 14 से 18 वर्ष बालक में खोमेंद्र कुमार गुंडरदेही, बालिका में राखी अर्जुन्दा प्रथम रहे। दीपेश योगी, उपसरपंच गोस्वामी सहित अन्य मौजूद रहे।

Balod News - chhattisgarh news hearing impaired and hearing impaired children threw a ball and bone impaired children ran
Balod News - chhattisgarh news hearing impaired and hearing impaired children threw a ball and bone impaired children ran
X
Balod News - chhattisgarh news hearing impaired and hearing impaired children threw a ball and bone impaired children ran
Balod News - chhattisgarh news hearing impaired and hearing impaired children threw a ball and bone impaired children ran
Balod News - chhattisgarh news hearing impaired and hearing impaired children threw a ball and bone impaired children ran
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना