हाईटेक निगरानी ठप, शहर में 20 कैमरे 2 माह से बंद, फंड का रोना रो रही पुलिस

Balod News - हाल ही में दुधली हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा के अपहरण केस के बाद पुलिस की निगरानी व्यवस्था की पोल खुल रही है।...

Feb 12, 2020, 06:35 AM IST
Balod News - chhattisgarh news high tech surveillance stalled 20 cameras shut in city for 2 months police crying for funds

हाल ही में दुधली हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा के अपहरण केस के बाद पुलिस की निगरानी व्यवस्था की पोल खुल रही है। क्योंकि शहर में पुलिस द्वारा लगाए गए सभी 20 कैमरे बंद पड़े हुए हैं। जब भास्कर ने कैमरे बंद होने की वजह की पड़ताल की तो यह बात सामने आई कि पुलिस प्रशासन के पास कैमरे को चलाने के लिए बजट तक नहीं है। फंड के अभाव में ना ही कैमरे का मेंटेनेंस हो रहा है और ना ही इसे सही तरीके से चला पा रहे हैं। इसी कारण से यह लगभग 2 माह से बंद पड़ा है। जिस कंपनी को कैमरा लगाने का टेंडर मिला था, उसने भी अब यहां का हाल देखना बंद कर दिया है। क्योंकि मेंटेनेंस के लिए उन्हें कोई पैसा ही नहीं मिल पाता।

कंपनी के अफसरों का कहना है कि जब टेंडर मिला तो हमें एक साल तक का ही मेंटेनेंस करना था। वह समय भी समाप्त हो चुका है। अब बिना फंड के कोई काम नहीं करेंगे। इधर फंड बगैर पुलिस कुछ नहीं कर पा रही है।

बिजली कंपनी ने काट दिया अस्थाई कनेक्शन

कैमरे को चलाने के लिए बिजली कनेक्शन का भी झंझट है। पहले शुरुआत में पुलिस ने डेमो के तौर पर अस्थाई रूप से कनेक्शन लेकर कैमरा चालू करवाया था। लेकिन बाद में बिजली कंपनी के अफसरों ने कनेक्शन काट दिया, यह कहकर कि स्थाई कनेक्शन लेना पड़ेगा। शहर के चौक चौराहों की निगरानी के लिए अगर कैमरा चालू रखना है तो बिजली बिल भी देना पड़ेगा।इस वजह से भी अब अधिकारी जिम्मेदारी को निभाना नहीं चाह रहे हैं।

फंड मिलेगा तो करेंगे मेंटेनेंस: एमएल कुरैशी

कैमरा लगाने वाली कंपनी राघव एडवरटाइजमेंट बिलासपुर के सुपरवाइजर एमएल कुरैशी का कहना है कि पुलिस मुख्यालय रायपुर को पत्र लिखकर कैमरा पर मेंटेनेंस के लिए सालाना फंड देने की मांग की गई थी। कोई फंड ही नहीं मिला। अब फंड आएगा तभी हम कोई काम कर पाएंगे। एक साल का टेंडर हुआ था फिर भी हमने डेढ़ साल तक मेंटेनेंस किया।

भगवान भरोसे निगरानी: कंट्रोल रूम में बंद पड़ा है मॉनिटर

कंट्रोल रूम में बंद पड़ा मॉनिटर, यही से होती थी निगरानी।


बालोद. फव्वारा चौक में बंद पड़े तीन कैमरे।


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पिछली बार खुद के खर्च से सुधारे कैमरे: डीएसपी

डीएसपी दिनेश सिन्हा ने कहा कि हमारे विभाग में बजट का संकट है। कोई फंड आता नहीं है। ऐसे में बंद कैमरे को फिर से चालू करवाने में दिक्कत हो रही है। पिछली बार चुनाव के समय मैंने अपने खर्च से सुधरवाए थे। अब फिर से खराब हो गया है तो और क्या कर सकता हूं? डीएमएफ से भी कोई मदद नहीं मिल पाई है। शासन से भी मांग कर रहे हैं।

केबल कटा है उसे सुधारने भी कोई नहीं आ रहा सामने

शासन से भी कैमरा लगाने या उनका मेंटेनेंस करने को लेकर पुलिस को कोई फंड जारी नहीं होता है। इससे पुलिस ने भी अब कैमरे से निगरानी का जिम्मा भगवान भरोसे छोड़ दिया है। कोई फंड नहीं होने के कारण ही शहर के कैमरे एक-एक करके बंद हो गए। केबल कटा हुआ है उसे सुधारने के लिए भी कोई सामने नहीं आया।

अफसर बोले- मेंटेनेंस के लिए नहीं दे सकते फंड

पुलिस प्रशासन की ओर से जिला प्रशासन से खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से भी कैमरे के मेंटेनेंस के लिए फंड देने की मांग की गई थी लेकिन वहां से भी कोई मदद नहीं मिल पाई। डीएमएफ से जुड़े अफसरों ने सीधा कह दिया कि हम मेंटेनेंस के लिए नहीं दे सकते। नया कैमरा लगाना रहता तो अलग बात है। कमरे बंद हाेने के कारण निगरानी व्यसस्था ठप है।

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