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बारिश से लाखों क्विंटल धान भीगा अब जरई निकलने लगी, नुकसान

एक वर्ष पहले
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एक दिन पहले शाम को हुई तेज बारिश से नवागढ़ क्षेत्र में किसानों के अब तक नहीं बिके धान को नुकसान हुआ है। बारदाने के अभाव में अनाज मंडियों में भौतिक सत्यापन कर धान की फसल बड़े पैमाने पर रखी गई है, जो बारिश के चलते खराब हो रही है। बारिश से धान के पौधे बोरियों से बाहर आने लगे हैं। बिना शेड और छत वाली मंडियों में धान खुले में रखा गया था और बारिश से यह लबालब हो गया। नतीजतन खुले में रखे और बोरियों में बंद धान पानी से भर गया।

इसका मुख्य कारण परिवहन की धीमी रफ्तार बताई जा रही है। इसके चलते मंडियों में क्षमता से 8 से 10 गुना अधिक धान डंप पड़े हुए हैं। मंडियों की ऐसी हालत हो गई कि कीचड़ और पानी का जमावड़ा हो गया। एक ही बारिश ने मंडियों में प्रशासन के प्रबंध की पोल खोलकर रख दी। इस कारण किसानों को लाखों रुपयों का नुकसान झेलना होगा। नवागढ़ शाखा की 10 केंद्रों में से 8 धान खरीदी केंद्र बिना शेड के ही हैं, वहीं 2 मंडी में शेड है भी तो कम स्तर पर।

बारदाने की कमी यथावत नहीं हुआ कोई निर्णय

इस वर्ष धान खरीदी में प्रमुख समस्या बारदाना की रही है। बारदाना के अभाव में लगातार किसानों को परेशान होना पड़ा है। अभी भी नवागढ़ शाखा अंतर्गत कुल 122459 बारदानों की आवश्यकता है, लेकिन जिला प्रशासन व सहकारिता विभाग इस पर कोई खास कदम उठाते नजर नहीं आ रहा है। समिति में धान खरीदी के बाद से अब तक डंप किए धान यथावत पड़े हुए हैं। न ही कोई बारदाना भेजा जा रहा है, न शासन से कोई निर्देश मिला है।

धान की सुरक्षा करना सबसे बड़ी चुनौती

नवागढ़ शाखा प्रभारी पर्यवेक्षक नरेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि शाखा नवागढ़ के सभी केन्द्रों में इस वर्ष बार-बार बेमौसम बारिश से खरीदी केन्द्रों में रखे धान की सुरक्षा करना एक चुनौती है। साथ ही परिवहन की गति भी धीमी है। हैं।

17 दिन में सिर्फ 50 हजार क्विंटल धान का हुआ उठाव


नवागढ़ शाखा में धान खरीदी के अंतिम दिवस कुल 185486.40 क्विंटल धान डंप करके रख गया था, जिसमें खरीदी के 17 दिन बीत जाने के बाद अभी भी शाखा में 134848 क्विंटल धान परिवहन के अभाव में शेष पड़ा हुआ है। इस लिहाज से 17 दिनों में केवल 50638.40 क्विंटल धान का ही परिवहन हुआ है। वहीं मारो में भी 43646 क्विंटल धान डंप है। खरीदी के बाद केवल 1440 क्विंटल धान का ही परिवहन हुआ है। परिवहन में लापरवाही की तलवार समिति प्रबंधकों को झेलनी पड़ रही है। नवागढ़ समिति में दिनभर समिति प्रबन्धक मंडी में जमा पानी को खाली करवाते रहे।


बढ़ी चिंता: टोकनधारी किसानों को करना पड़ रहा रतजगा

क्षेत्र के 1270 किसानों का धान बिना खरीदी के डंप

नवागढ़ शाखा अंतर्गत कुल 1270 टोकनधारी किसानों का 48375 क्विंटल धान बारदाना के अभाव में भौतिक सत्यापन कर मंडियों में रखा गया है। अब बारिश के चलते इनके गीले होने पर किसानों की चिंता बढ़ गई है। उनके मन में सवाल है कि यदि धान खराब हो गए, तो क्या शासन इसे खरीदेगी।

समिति में रखा धान बारिश से भीग गया, जिससे उनमें जरई निकल आई।
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