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मौसम में बदलाव के बीच खुले में एक हजार टन गन्ना डंप, 12 से शुरू होगी अंतिम पेराई

एक वर्ष पहले
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जब भी बारिश हुई पेराई बंद रही, होली के चलते 9 से 11 तक पेराई बंद

जिले के एकमात्र शक्कर कारखाना करकाभाट में पिछले दो दिनों से पेराई बंद है। नतीजतन मौसम में बदलाव के बीच खुले में गन्ना डंप होता जा रहा है। प्रबंधन व बोर्ड तर्क दे रहे है कि अब तीन दिन बाद संभावित होली मनाकर 12 मार्च को 11वां सत्र का अंतिम बार एक साथ गन्ने की पेराई के लिए मशीनों को चालू करेंगे, ताकि बार-बार बंद-चालू करने की नौबत न आए।

दूसरी ओर किसान वाहनों में गन्ना ला रहे हैं। जिसे डंप किया जा रहा है। रविवार शाम तक मौसम में बदलाव के बीच खुले में एक हजार टन गन्ना डंप हो चुका था। बारिश होने के बाद भी पेराई प्रभावित नहीं होने की बातें अफसर व बोर्ड अध्यक्ष कह रहे हैं लेकिन हकीकत यह है कि जब भी बारिश हुई है तब पेराई बंद रही। होली के चलते 9 से 11 तक पेराई बंद रहेगी।

जो किसान गन्ना लाएगा उसकी खरीदी की जाएगी

कारखाना के महाप्रबंधक पीतांबर ठाकुर ने बताया कि होली तक पेराई नहीं होगी। किसानों के लिए अब टोकन की बाध्यता भी खत्म हो गई है। इसलिए जो किसान गन्ना लाएगा उसकी खरीदी होगी। परंतु कम मात्रा में गन्ना पहुंच रहा है। हालांकि इसके बावजूद रोजाना खपत अनुसार गन्ना नहीं पहुंच पा रहा है। एक दिन में 1250 टन गन्ने की खपत होती है। वर्तमान में 400 से 500 टन ही गन्ना पहुंच पा रहा है। जिसे डंप किया जा रहा है।

28 जनवरी से ही रुक रुककर हो रही पेराई


प्रबंधन की ओर से गन्ना बेचने वाले किसानों के लिए टोकन की बाध्यता खत्म कर दी गई है। बावजूद पेराई की गति धीमी ही है। इसकी प्रमुख वजह गन्ने की कमी व मशीनों का बार-बार बंद होना है। इसी को ध्यान में रखकर प्रबंधन की ओर से सूचना चस्पा कर निर्णय लिया गया था कि गन्ना पेराई का कार्य 27 फरवरी तक होगा लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। इस दौरान कई किसानों के खेतों में गन्ने की कटाई नहीं हो पाई थी।

अभी और गन्ना आने का इंतजार कर रहे

कारखाना बोर्ड अध्यक्ष बल्दूराम साहू ने बताया कि अभी होली तक पेराई बंद ही रहेगी। 55 से 60 वाहनों में गन्ना और पहुंचने का अनुमान लगा रहे है। गन्ना आने का ही इंतजार कर रहे है। होली के बाद 12 मार्च को गन्ने की पेराई शुरू होगी। मौसम में बदलाव के बीच गन्ना डंप करना मजबूरी है।

50 हजार से ज्यादा शक्कर उत्पादन, रिकवरी 9.34%


अब तक शुगर मिल में इस 11वें सत्र में 56 हजार मीट्रिक टन गन्ने की पेराई हो चुकी है। जिससे 52 हजार 600 क्विंटल शक्कर उत्पादन हुआ है। रिकवरी प्रतिशत 9.34 है। जिसे बेहतर माना जा रहा है लेकिन लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि 3 से 4 हजार टन गन्ना और पहुंचेगा। जिससे शक्कर उत्पादन, रिकवरी प्रतिशत में इजाफा होगा। 25 फरवरी दोपहर 2 बजे के बाद से लगातार एक सप्ताह तक गन्ने की पेराई बंद रही। जिसके बाद मार्च के पहले सप्ताह में पेराई शुरु की गई। जिससे शक्कर उत्पादन 50 हजार क्विंटल से ज्यादा हो पाया। 25 फरवरी तक 54 हजार 823 टन गन्ना पेराई से 49 हजार 775 क्विंटल शक्कर उत्पादन हो पाया था। रिकवरी 9.34 प्रतिशत ही रहा। जो अब तक बरकरार है। इस लिहाज से 25 फरवरी से अब तक 2 हजार 825 क्विंटल शक्कर उत्पादन हो पाया। मौसम में बदलाव ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।


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