पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Balod News Chhattisgarh News Preparing To Meet Sugarcane Target From Dhamtari Final Crushing Of Session Started

धमतरी से गन्ना मंगाकर लक्ष्य पूरा करने की तैयारी, शुरू हुई सत्र की अंतिम पेराई

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

शक्कर कारखाना करकाभाट में 11वें सत्र की पेराई 15 मार्च तक चलेगी। ऐसा निर्णय प्रबंधन की ओर से लिया गया है। गुरुवार को टरबाइन, बायलर मशीन को चालू किया गया। देर शाम से पेराई शुरू की गई। शक्कर उत्पादन एक दिन बाद होने की बातें अफसर कह रहे हैं। वहीं लक्ष्य पूरा करने के लिए धमतरी जिले के आमदी व आसपास क्षेत्र के किसानों से गन्ना मंगाने की तैयारी चल रही है।

किसानों ने गन्ना लाने सहमति दे दी है लेकिन कब तक लाएंगे, इस संबंध में कोई बता नहीं पा रहे है। महाप्रबंधक कह रहे हैं कि रबी फसल के तहत जलाशयों से पानी छोड़ा जा रहा है, इसलिए गन्ना कटाई में किसान देरी कर रहे हैं, जमीन गीली होने के कारण उस क्षेत्र में कटाई नहीं हो पाई है। बावजूद एक-दो दिन के अंदर गन्ना पहुंच जाएगा, ऐसा अनुमान है। इस संबंध में किसानों से चर्चा कर चुके हैं। हालांकि अफसर यह भी कह रहे है कि गन्ना पहुंचने के बाद भी लक्ष्य यानी 60 हजार क्विंटल शक्कर उत्पादन होना मुश्किल लग रहा है फिर भी प्रयास कर रहे हैं।

गन्ने की खरीदी के साथ पेराई की रफ्तार धीमी


मार्च के 12 दिन गुजर गए हैं, पेराई की रफ्तार धीमी ही है। इसकी वजह मशीनों में रुक-रुककर फॉल्ट आना है। लिहाजा गन्ना खरीदी की रफ्तार ही धीमी पड़ गई है। ऐसे में आने वाले समय में आलम यह रहेगा कि किसान लंबी दूरी तय कर यहां इंतजार करने मजबूर होंगे, वह भी खुले में बदलते मौसम में, समस्या का निराकरण करने के बजाए अफसर व कारखाना बोर्ड के पदाधिकारी सब कुछ व्यवस्थित होने की बातें कहते आ रहे है। बहरहाल पेराई में देरी के चलते गन्ना सूख रहा है, डंप 600 टन गन्ना की पेराई शुक्रवार को करने दावे कर रहे हैं। यहां कार्यरत कर्मचारी कह रहे है कि गर्मी में गन्ना सूखने पर रिकवरी प्रतिशत पर असर पड़ता ही है।


गन्ने की कमी: रबी के लिए छोड़ा पानी, जमीन गीली, गन्ने की कटाई प्रभावित

जल्द पहुंचेगा गन्ना, कर रहे इंतजार: महाप्रबंधक

महाप्रबंधक पीतांबर ठाकुर ने बताया कि धमतरी जिले के कुछ गांवों के किसान गन्ना लाएंगे। इंतजार कर रहे हैं कि जल्द गन्ना पहुंचे, ताकि पेराई शुरू हो सकें। गुरुवार से पेराई शुरू कर दिया गया है। संभवतः 15 मार्च तक पेराई चलेगी। अभी लगभग 600 टन गन्ना ही डंप है, जिसे खपत में ज्यादा समय नहीं लगेगा।

पिछले साल अप्रैल भर पेराई, इस बार 15 तक

कारखाना के प्रबंधन का दावा है कि गन्ना की कमी है, लिहाजा इस बार 15 मार्च तक ही पेराई चल पाएगी। जबकि पिछले साल अप्रैल में भी कारखाने में गन्ने की पेराई चलती रही। पिछले साल भी देरी के चलते 30 प्रतिशत से ज्यादा किसान गन्ना नहीं ला पाए थे। जिनके लिए अतिरिक्त समय दिया गया था।

किसानों ने गन्ना लाने सहमति दे दी है लेकिन कब तक लाएंगे, इस संबंध में कोई बता नहीं पा रहे है। महाप्रबंधक कह रहे हैं कि रबी फसल के तहत जलाशयों से पानी छोड़ा जा रहा है, इसलिए गन्ना कटाई में किसान देरी कर रहे हैं, जमीन गीली होने के कारण उस क्षेत्र में कटाई नहीं हो पाई है। बावजूद एक-दो दिन के अंदर गन्ना पहुंच जाएगा, ऐसा अनुमान है। इस संबंध में किसानों से चर्चा कर चुके हैं। हालांकि अफसर यह भी कह रहे है कि गन्ना पहुंचने के बाद भी लक्ष्य यानी 60 हजार क्विंटल शक्कर उत्पादन होना मुश्किल लग रहा है फिर भी प्रयास कर रहे हैं।

गर्मी में यह रहेगी चुनौती: अब तक गन्ना की कमी व मशीनों में तकनीकी फॉल्ट के चलते पेराई प्रभावित रही है। पिछले साल नया पार्ट्स लगाए गए थे। बावजूद समस्या बरकरार है। ऐसे में पेराई कभी भी बंद हो सकती है। वहीं अब गर्मी बढ़ रही है तो मोटर गर्म होने के चलते इससे जुड़े पार्ट पर प्रभाव पड़ेगा। वजह यह है कि ज्यादा तापमान सह नहीं पाने की वजह से मोटर में फाॅॅॅल्ट आता है। जिसके कारण पेराई प्रभावित होती है।

बालोद. गन्ने की पेराई चालू, शक्कर उत्पादन एक दिन बाद होगा।
खबरें और भी हैं...