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नारी को हर क्षेत्र में दिलाना है समानता का अधिकार

एक वर्ष पहले
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ग्राम पंचायत सुरडोंगर में रेडक्रॉस सोसायटी के तत्वावधान में रेडक्रॉस काउंसलर संजय बंजारे एवं सह काउंसलर ओमान मारकंडे के संयुक्त योजना अनुरूप आई एम जेनेरेशन इक्वालिटी रियालाइजिंग वुमेन्स राइट की थीम पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया।

रेडक्रॉस प्रभारियों ने कहा कि महिला दिवस मनाने के मुख्य उद्देश्य नारी को समाज में एक सम्मानित स्थान दिलाना और उन्हें सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक क्षेत्रों में समानता का अधिकार दिलाना है। उनमें स्वयं में निहित शक्तियों से उनका ही परिचय कराना होता है। संपूर्ण सृष्टि का सृजन करने वाली नारी शक्ति के योगदान को पूरे विश्व में सराहना की जाती है।

आज के परिदृश्य में काफी सुधार दिखाई देता है, तभी तो एक समय में जब नारियों को शारीरिक रूप से दुर्बल समझकर रोकने का प्रयास किया जाता था, लेकिन खेलों में अपना परचम लहरा रही है। आज की महिलाएं आत्मनिर्भर हैं। समाज और देश के विकास के लिए एक बड़ा योगदान दे रही है। हर महिला समान रूप से महत्वपूर्ण है, भले ही वह कामकाजी महिला हो या अपने परिवार की बच्चों की देखभाल करने वाली घरेलू महिला। महिला सशक्तीकरण आज भी आवश्यक है, क्योंकि कई गांवों में आज भी लड़कियों को शिक्षा नहीं मिलती है। कम उम्र में ही उनकी शादी करा दी जाती है। कन्या भ्रूण हत्या, लैंगिक भेदभाव यहां तक कि उनकी जन्म लेने के लिए कानून की बाध्यता माननी पड़ती है। रानी लक्ष्मी बाई, इंदिरा गांधी, प्रतिभा पाटिल, अनुसूइया उइके, लता मंगेशकर, मदर टेरेसा, कल्पना चावला, सुषमा स्वराज, निर्मला सीतारमण, अरुणिमा सिंह, साइना नेहवाल, जैसी महिलाओं ने दिखा दिया है कि वे किसी भी क्षेत्रों में कम नहीं। इस अवसर पर बेटी बचाओ, बेटी पढाओ योजना को सफल बनाने के लिए संकल्पित कराया गया।

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