23 करोड़ रु. पहुंचा, सरपंच बोले- कार्यकाल अब खत्म होने वाला है, उधारी ही चुका पाएंगे

Balod News - आखिरकार पंचायत चुनाव के एक माह पहले 14 वें वित्त आयोग का 23 करोड़ रुपए जिला पंचायत को मिल गया है। जिसे 421 ग्राम पंचायतों...

Dec 04, 2019, 07:40 AM IST
आखिरकार पंचायत चुनाव के एक माह पहले 14 वें वित्त आयोग का 23 करोड़ रुपए जिला पंचायत को मिल गया है। जिसे 421 ग्राम पंचायतों के खाते में दो दिन में स्थानांतरित करने का दावा अफसर कर रहे हैं। सरपंचों की मानें तो वित्तीय वर्ष शुरू होने के 6 माह बाद राशि मिलने वाली है। इसके पहले भी 2015 में तेरहवें से चौदहवें हाेने की वजह से लेटलतीफी हुई थी। तब एक अप्रैल से चौदहवें वित्त आयोग की अनुशंसा शासन ने लागू की। इसके पहले तेरहवें वित्त आयोग की अनुशंसा प्रभावशील थी। ऐसा हर साल होने की बात पंचायत प्रतिनिधि कह रहे हैं।

साल में दो किस्त में राशि जारी होती है। बहरहाल खाते में राशि जल्द आने की सूचना पाकर पंचायत प्रतिनिधियों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि कई पंचायतों में अब तक उधारी से काम चल रहा था। लोगों के हित में कई सरपंच अपने घर का पैसा लगाकर काम करवा रहे हैं। अब पैसा मिलने के बाद उधारी चुकाएंगे। वहीं ग्रामीण भी उम्मीद कर रहे हैं कि गांव में विभिन्न विकास कार्य होंगे। रकम आने से थोड़ी राहत मिली है।

मिलेगी राहत:विकास कार्य करवा सकेंगे पंचायत प्रतिनिधि

बालोद. गांव के भीतर भवन मरम्मत व स्वच्छता कार्य करवा सकेंगे पंचायत प्रतिनिधि।

एक माह बाद त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रस्तावित

सरपंच संघ के प्रतिनिधि पुरुषोत्तम यादव, रितेश देवांगन का कहना है कि कार्यकाल खत्म होने वाला है तब राशि मिल रही है। किसी पंचायत में 10 तो किसी में 20 हजार रुपए तक भेजा जाता है। एक माह बाद जनवरी में त्रिस्तरीय चुनाव प्रस्तावित है। ऐसे में अधिकांश सरपंच चाहेंगे कि कार्यकाल के अंतिम दिन में विकास कार्य करवाए।

इसलिए महत्वपूर्ण है केंद्र सरकार की यह राशि

केंद्र सरकार के 14वें वित्त आयोग की राशि पंचायतों के खाते में स्थानांतरित होने के बाद आधारभूत संरचना को विकसित करने में खर्च करने की योजना तैयार की जाती है। इसी से गांवों में लोगों से जुड़े अधिकांश विकास कार्य होते हैं। सीधे तौर पर राशि तो केंद्र से खाते में प्राप्त हो जाती है, लेकिन इस राशि से खर्चों का हिसाब-किताब जिला मुख्यालय में नहीं रहता है।

पंचायत अपने स्तर पर खर्च करती है राशि

स्वीकृत राशि का उपयोग स्वास्थ्य पर 15 प्रतिशत, पेयजल 15 प्रतिशत, शिक्षा 10 प्रतिशत, पोषण 5 प्रतिशत, अधोसंरचना निर्माण 18 प्रतिशत, समाज कल्याण 2 प्रतिशत, सौर ऊर्जा, विद्युत ऊर्जा 20 प्रतिशत, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट 4 प्रतिशत एवं स्वच्छता पर 10 प्रतिशत राशि खर्च करने का प्रावधान है। पंचायत अपने अनुसार राशि खर्च करती हैं।

यह काम रुके हुए हैं

1. पंचायत में फंड नहीं होने से रोड भवन निर्माण मरम्मत कार्य थमा है।

2. तालाब, नाली की सफाई नहीं हो पा रही है।

3. किसी गली का लाइट खराब है तो नया खरीदने पैसा नहीं है।

4. बैठक नहीं हो पा रहा है क्योंकि मानदेय देने के लिए पैसे नहीं है।

5. हमर गांव हमर योजना के तहत कोई भी काम भी नहीं हो रहा है।

यह कार्य होंगे इन पैसों से


पंचायतों को जल्द मिलेगा: पंचायत उपसंचालक व जिला पंचायत एसीईओ हेमंत कुमार ठाकुर ने बताया कि 14वें वित्त आयोग की 23 करोड़ रुपए जारी हो चुका है। अब एक-दो दिन में ग्राम पंचायतों में पहुंच जाएगा। ऐसा अनुमान है।

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