गन्ने की आवक कम, हालात नहीं सुधरे तो बंद करना पड़ सकता है पेराई सत्र

Balod News - जिले के एकमात्र शक्कर कारखाना करकाभाट में 28 जनवरी के बाद से अब तक गन्ने की कमी के चलते पेराई प्रभावित हो रही है।...

Feb 23, 2020, 06:35 AM IST
Balod News - chhattisgarh news sugarcane arrivals are low if conditions do not improve then crushing session may have to be stopped

जिले के एकमात्र शक्कर कारखाना करकाभाट में 28 जनवरी के बाद से अब तक गन्ने की कमी के चलते पेराई प्रभावित हो रही है।
शनिवार को सुबह से दोपहर तक पेराई बंद रही। ऐसा सिलसिला जनवरी के अंतिम सप्ताह से
जारी है।

प्रबंधन की मानें तो ऐसे ही हालात रहेंगे तो एक सप्ताह बाद पेराई सत्र ही बंद करने की नौबत आ सकती है क्योंकि किसान गन्ना ही नहीं ला पा रहे हैं। अभी कारखाना परिसर में 8 हजार टन गन्ना डंप है। जो 7 फरवरी के बाद से शनिवार तक किसानों के माध्यम से पहुंचा है। जिसकी पेराई रुक-रुककर एक सप्ताह में होगी।

फरवरी के पहले सप्ताह में जब बारिश हुई थी, तब बोर्ड अध्यक्ष व अफसरों ने कहा था कि मौसम खराब होने के कारण गन्ना नहीं पहुंच रहा, दावा किया था कि 20 हजार टन गन्ना पहुंचेगा। जिससे लक्ष्य हासिल करेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। जबकि अब मौसम साफ है तो ज्यादा दिन तक पेराई नहीं होने की बातें भी कह रहे हैं।

24 घंटे पेराई के लिए नहीं पहुंच रहा 1250 टन गन्ना


रोजाना यानी 24 घंटे पेराई के लिए 1250 मीट्रिक टन गन्ना पहुंचना चाहिए लेकिन नहीं पहुंच पा रहा है। इसे प्रबंधन भी स्वीकार कर रहा है। फरवरी के पहले सप्ताह तक 600 से 700 मीट्रिक टन गन्ना पहुंच पा रहा था, यह भी अब घटते क्रम में है। इस स्थिति में मशीनों को बंद करना पड़ रहा है। रोजाना 8 से 10 घंटे तक पेराई नहीं हो पा रही है। कारखाना बोर्ड के अध्यक्ष बल्दूराम साहू ने कहा कि सभी किसानों को टोकन दिया जा चुका है। अधिकांश किसान गन्ना ला चुके है। कम ही किसान बचे है, जो गन्ना नहीं ला पाए है। पेराई पर असर पड़ेगा।

वजह: जिले के अलावा दूसरे जिले के किसान भी कारखाने में नहीं ला रहे हैं गन्ना

जब 12 हजार क्विंटल शक्कर उत्पादन और होगा, तभी लक्ष्य हासिल कर पाएंगे

इस 11वें सत्र में जब 12 हजार क्विंटल शक्कर उत्पादन और होगा, तभी लक्ष्य हासिल हो पाएगा। लेकिन ऐसा होना मुश्किल लग रहा क्योंकि बालोद के अलावा दूसरे जिले से भी पर्याप्त मात्रा में गन्ना नहीं पहुंच पा रहा है। हालांकि एक ओर गन्ने की कमी से पेराई प्रभावित हो रही है। वहीं दूसरी ओर इस बार कारखाना में पेराई के लिए 70 हजार मीट्रिक टन गन्ना पहुंचने का अनुमान भी अफसर लगा रहे है। इसलिए इसी आधार पर 60 हजार क्विंटल शक्कर उत्पादन का लक्ष्य रखने की बात कह रहे है। बताया गया है कि 20 हजार टन गन्ना पहुंचेगा, तभी लक्ष्य के आसपास शक्कर उत्पादन हो सकता है।

47 हजार 740 क्विंटल शक्कर उत्पादन हो पाया

बालोद के अलावा इस बार धमतरी, दुर्ग, राजनांदगांव जिले से भी गन्ना पहुंचा है। 4 जिले के 51 हजार 368 टन गन्ने की पेराई से अब तक 47 हजार 740 क्विंटल शक्कर उत्पादन हो पाया है। वहीं 2330 टन मोलासिस उत्पादन हुआ है। रिकवरी प्रतिशत 9.33 है।

{मौसम साफ है, बावजूद पेराई अब तक रुक-रुककर हो रही है?

- पर्याप्त मात्रा में गन्ना ही नहीं पहुंच रहा है, इसलिए यह नौबत आ रही है, मजबूरी में ऐसा करना पड़ रहा है।

{चार जिले से गन्ना मंगाने के बाद भी यह स्थिति क्यों बन रही?

- बालोद के अलावा अन्य जिलों से भी उम्मीद अनुरुप गन्ना पहुंच नही पाया।

{गन्ने की कमी है, कब तक पेराई और चलेगी?

- अनुमान लगा रहे हैं और गन्ना पहुंचेगा, वैसे अभी 8 हजार टन गन्ना डंप है, एक सप्ताह तक तो पेराई चलेगी ही।

{लक्ष्य से अभी काफी दूर है, इसे पूरा करने क्या प्लान है?

- फिलहाल तो उम्मीद ही कर रहे हैं गन्ना पहुंच जाए और शक्कर उत्पादन को लेकर तय लक्ष्य पूरा हो, लेकिन ऐसा मुश्किल भी लग रहा है।

बालोद. गन्ना कम आने से शक्कर कारखाने में पेराई रुक-रुककर हो रही।

अनुमान लगा रहे हैं और गन्ना पहुंचेगा


पीतांबर ठाकुर, महाप्रबंधक कारखाना**

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