भगवान प्राप्ति के लिए 3 प्रमुख मार्ग हैं- भक्ति, ज्ञान व वैराग्य: मोहन दुबे

Balod News - नगर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन भगवताचार्य मोहन दुबे ने मनु व सतरूपा की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि...

Nov 11, 2019, 06:55 AM IST
नगर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन भगवताचार्य मोहन दुबे ने मनु व सतरूपा की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि विवाह भोग के लिए नहीं योग के लिए किया जाता है, क्योंकि भोग के लक्ष्य से विवाह करने से व्यक्ति को गृहस्थ जीवन में सफलता नहीं मिलती है। जबकि योग के लिए किए विवाह में व्यक्ति को गृहस्थ के साथ-साथ जीवन के हर क्षेत्रों में सफलता मिलती है। नारी चाहे तो घर को नर्क या मंदिर बना सकती है।

उन्होंने कहा कि भगवान प्राप्ति के लिए तीन मार्ग हैं। भक्ति, ज्ञान व वैराग्य। मानव जीवन में भगवान की प्राप्ति तभी होता जब आपके जीवन में भगवान के प्रति भक्ति हो। भक्ति के साथ-साथ ज्ञान भी होना चाहिए। भक्ति व ज्ञान प्राप्ति के बाद मानव के जीवन में वैराग्य उत्पन्न होता है। भगवताचार्य ने भगवान के 24 अवतार व सती पार्वती व ध्रुव चरित्र की कथा भी सुनाई। इस अवसर पर कथा श्रवण करने वालों में महेंद्र जायसवाल, भारती जायसवाल, जगदीश जायसवाल, जमुना जायसवाल, मिलन निषाद, पद्मा ठाकुर, माया ठाकुर,खम्हन राजपूत, हीरा पेंटर, कोमल चन्द्राकर, बिसौहा निषाद, पूनम सिन्हा, एल्डरमैन हस्तीमल सांखला, गोरे लाल राजपूत, महेश पांडे, बाबी छतवाल, राजेश दसोडे, कासिम कुरैशी, लक्ष्मीकांत जोशी, श्री उमरेडे ,भरत साहसी, संतोष कृदत उपस्थित थे।

डौंडीलोहारा. नगर में प्रवचन करते भगवताचार्य मोहन दुबे।

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