- Hindi News
- National
- Balod News Chhattisgarh News To Prevent Rainy Water From Flowing In Vain 350 Villagers Of Pedial Made Shramdaan For Four Days
बरसाती पानी को व्यर्थ बहने से रोकने पीडियाल के 350 ग्रामीणों ने चार दिन तक श्रमदान कर बना दिया तालाब
जिला मुख्यालय बालोद से लगभग 50 किमी दूर डौंडीलोहारा ब्लॉक का एक गांव है पीडियाल, जहां के 350 ग्रामीणों ने 4 दिनों तक श्रमदान करके एक नया तालाब बना दिया है। इस तालाब को बनाने की वजह पानी का संरक्षण है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव जंगल के किनारे बसा हुआ है। पहाड़ियों का पानी जंगल से होकर उतरता है लेकिन उनके गांव के तालाब में नहीं ठहर पाता और नाले से होकर पानी व्यर्थ बह जाता है। बरसात तो अच्छी होती है लेकिन पानी का संरक्षण नहीं हो पाता। देखते-देखते एक ही तालाब के कारण गांव में मार्च में ही निस्तारी की समस्या आने लगती है। इस दिक्कत को देखते हुए ग्रामीणों ने कुछ दिन पहले ही फैसला किया कि सरकार से मदद मिले ना मिले हम एक नया तालाब अभी से बनाएंगे। ताकि बरसात आने के पहले तालाब तैयार हो और वहां पानी भर सके।
हर घर से दो-दो लोगों ने किया श्रमदान: गांव की आबादी 800 है। सरपंच सुकलाल धुर्वे, पूर्व सरपंच धूप सिंह टेकाम, ग्राम पटेल लक्ष्मण भंडारी ने बताया कि बैठक लेकर तय हुआ कि हर घर से दो-दो ग्रामीण महिला हो चाहे पुरुष, तालाब बनाने में श्रमदान करेंगे। निर्णय के मुताबिक सभी ने रोज 5 से 6 घंटे तक श्रमदान किया। 4 दिन में ही हम तालाब बनाने में सफल हो गए।
शासन-प्रशासन से मांग किए, कुछ नहीं हुआ
एकजुटता हो तो कुछ भी संभव है: सिंह
पंच अलाल सिंह, महिला हेमलता बाई ने कहा कि अगर लोगों में एकजुटता की भावना हो तो कुछ भी संभव है। हमारे गांव में एक ही तालाब था लेकिन वह गर्मी के दो माह में ही सूख जाता था। फिर नाला के भरोसा ही रहना पड़ता था। शासन प्रशासन ने तो कभी सुध नहीं ली इसलिए हमने बरसात में व्यर्थ बह जाने वाले पानी को रोकने के लिए एक नया तालाब बनाने ठान काम शुरू किया इस भागीरथ प्रयास में सफल हुए।
ग्रामीणों की मेहनत देख अब नाबार्ड करेगी मदद
ग्रामीणों द्वारा इस तरह श्रमदान कर तैयार किए गए तालाब को देखकर अब केंद्र सरकार के उपक्रम नाबार्ड द्वारा ग्रामीणों की मदद की पेशकश की गई है। उक्त संस्था के प्रमुख एसके खरे व वीणापाणी खरे का कहना है कि हम जलग्रहण मिशन में शामिल करके इस गांव के तालाब को भरने और भूजल स्तर बढ़ाने का प्रयास करेंगे। ताकि ग्रामीणों का यह प्रयास भविष्य के लिए भी सार्थक हो। गांव में बंजर जमीनों को भी मेंड़ बनवा कर घेरा जाएगा। ताकि वहां बरसात का पानी ठहरे। पौधरोपण भी करवाएंगे।
बालोद. ग्राम पीडियाल में तालाब बनाने श्रमदान करते हुए ग्रामीण।