पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Jagdalpur News Chhattisgarh News 300 Shops Of Sweets Notice Of Adulteration But With Samples From 10 12

मिठाई की 300 दुकानें, मिलावट की भी सूचना मगर 10-12 से सैंपल लेकर खानापूर्ति

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

होली के लिए शहर के छोटे-बड़े मिष्ठान भंडारों में मिठाइयों की ढेरों वैरायटी तैयार है। खाद्य विभाग को इनपुट है कि मिलावटी घी, खोवे और दूध की सप्लाई भी जोरों पर है, लेकिन कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता भर रह गई है। बस्तर जिले में मिठाई की 300 से अधिक छोटी-बड़ी दुकानें हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सिर्फ 12 दुकानों से ही सैंपल लिए हैं।

ऐसे में साफ है कि इस बार फिर होली में ज्यादातर ऐसी दुकानों की मिठाइयां खानी पड़ेगी, जहां मिलावट की जा रही है। नकली खोवा, घी और केमिकल से बनी मिठाइयां सेहत के लिए भी नुकसानदेह हैं। हर साल त्योहारी सीजन में लाखों रुपए के मिलावटी मिष्ठान जिले में खपा दिए जाते हैं। जिम्मेदार विभाग के अधिकारी खानापूर्ति तब कर रहे जबकि कुछ महीने पहले शहर के होटल में सप्लाई हो रहा दूध अमानक पाया गया था। खाद्य एवं औषधि विभाग के मुताबिक कुछ महीने पहले नगर में दूध बेचने आने वाले ग्रामीणों से 5 सैंपल लेकर जांच के लिए रायपुर में भेजा गया था। रिपोर्ट में दूध अमानक पाया गया। उन्होंने बताया कि दूध में पोषक तत्व 2.2 प्रतिशत पाया गया, जबकि 4.5 प्रतिशत होना चाहिए था।

जिले में रोजाना लगभग 15 हजार लीटर दूध की खपत हो रही है, जिसमें डेयरी विकास परियोजना से 2800 लीटर, ओडिशा से 2300 लीटर दूध की सप्लाई शामिल है। इस समय सातों ब्लाकों में 5 लाख 73 हजार 539 गाय और 1 लाख 11 हजार 404 भैंस पालने की जानकारी पंजीकृत है। सबसे अधिक खपत जगदलपुर में हो रही है। डेयरियों की संख्या कम एवं दूध उत्पादन में कमी के बाद भी यहां पर हर साल होटल, रेस्टोरेंट व चाय ठेलों की संख्या बढ़ती ही जा रही है।

1 जून से लिखना होगा कि कब बनाई मिठाई


होटल संचालक अब आने वाले दिनों में अब ज्यादा समय मिठाई बेचकर नहीं रख सकेंगे। इस पर रोक लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने रोक लगाने की योजना बनाई है। इस योजना को बस्तर जिले में 1 जून 2020 से लागू की जाएगी। इसके अनुसार जो भी होटल या रेस्टोरेंट संचालक मिठाई बनाएगा उसे डिस्प्ले में मिठाई बनाने की तारीख और एक्सपायरी डेट लिखनी होगी। यह भी बताना होगा कि इस मिठाई को बनाने में किन-किन पदार्थों की कितनी मात्रा मिलाई गई है । इस योजना को लागू करने से पहले खाद्य विभाग के अधिकारी दुकानदारों को इस नियम के तहत की जाने वाली गतिविधियों को कैसे करना है इसके बारे में बताएंगे।

जगदलपुर. किराना दुकान से सैंपलिंग करती खाद्य विभाग की टीम।

सैंपल रिपोर्ट भी त्योहारों
के बाद आएगी


आपने होली में मिलावटी मिठाई खाई है या नहीं, इसका पता त्योहार के बाद ही चलेगा। विभागीय अधिकारियों ने जिन गिनी-चुनी दुकानों से सैंपल लिए हैं, उनकी रिपोर्ट भी होली के बाद ही आ पाएगी एक सैंपल की रिपोर्ट आने में दो हफ्ते लग जाते हैं। ऐसे में यदि होली के एक हफ्ते पहले भी अधिकारी सैंपल लेकर जांच में भेजने की बात करते हैं तो सैंपल रिपोर्ट होली के बाद ही आएगी। रिपोर्ट में मिठाइयों का सैंपल फेल होने की पुष्टि होने तक काफी देर हो चुकी होगी।

अफसर के मुताबिक- ठीक मिले सैंपल

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के उपसंचालक हेमंत श्रीवास्तव ने सिर्फ इतना ही कहा कि रायपुर से सैंपल की जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई तय की जाएगी। इससे पहले मोबाइल लैब में कई नमूने की जांच की गई जो जांच में मानक मिले।
खबरें और भी हैं...