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बड़े नक्सली नेता हिड़मा को मारने गए 550 जवान एंबुश में फंसे, 5 घंटे चली मुठभेड़ में 17 जवान शहीद

2 वर्ष पहले
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{12 डीआरजी और 5 एसटीएफ जवान शहीद, इनमें 12 शहीद सुकमा के

सुकमा जिले के कसालपाड़ के जंगलों में शनिवार की दोपहर नक्सलियों और जवानों के बीच आमने-सामने की भीषण मुठभेड़ हुई। पांच घंटे की गोलाबारी में डीआरजी और एसटीएफ के 17 जवान शहीद हो गए। वहीं 14 जवान घायल हो गए, जिन्हें एयरिलफ्ट कर शनिवार की रात रायपुर लाया गया है। यही नहीं इस लड़ाई के बाद 17 जवानों के शव रविवार दोपहर तक जंगल में ही पड़े रहे। सर्चिंग से लौट रही फोर्स को नक्सलियों ने कोराज डोंगरी के पास घेरा था। यह इलाका दो पहाड़ियों के बीच पड़ता है। आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि जवान टुकड़ियों में बंटे थे। करीब एक से डेढ़ किमी के लंबे पैच में जवानों और नक्सलियों के बीच सीधी मुठभेड़ चलती रही। शहीदों के शव बैकअप टीम के जाने के बाद कैंप लाए जा सके। बताया जा रहा कि फोर्स नक्सली नेता हिड़मा को मारने गए थे।

पहले तीन घंटे जाेरदार फायरिंग, फिर रुक-रुककर चलीं गोलियां

कोराज डोंगरी के जंगलों में नक्सलियों और जवानों के बीच भयंकर गोलीबारी हुई है। एक तरफ ऑपरेशन में निकले 550 जवान थे। जवानों को अलग-अलग टुकड़ियों में बांटा गया था। दूसरी तरफ दो से ढाई सौ नक्सली थी। बताया जा रहा है कि करीब तीन घंटे तक दोनों और से जाेरदार फायरिंग और गोला-बारूद एक दूसरे पर बरसाये गये। पहली ही गोलीबारी में करीब 20 से ज्यादा जवान गंभीर रूप से घायल हो गये थे। इसके बाद आमने-सामने की लड़ाई में अलग-अलग टुकड़ियों पर कुछ-कुछ दूरी के अंतराल में नक्सली फायरिंग कर रहे थे।

जवानों को पकड़कर रो पड़े एसपी-एएसपी

सुकमा। कोराज डोंगरी के जंगलों में हुई मुठभेड़ के बाद रविवार की देर शाम शहीदों के शव सुकमा पुलिस लाइन लाए गए। शहीदों के शवों के साथ मुठभेड़ में फंसने के बाद बचकर निकले जवान भी मौजूद थे। सुकमा में जैसे ही शहीदों के शवों को हेलिकॉप्टर से उतारा गया तो एसपी शलभ सिन्हा और एएसपी सिद्धार्थ तिवारी भी वहीं थे। शहीदों के शव लेकर जैसे ही साथी जवान आगे बढ़े तो एसपी और एएसपी इन जवानों को पकड़कर फफक कर रोने लगे।

इतने हथियार लूट ले गए नक्सली

डीआरजी बुर्कापाल-

3 एके 47, 1 यूबीजीएल, 1 एक्स कैलिबर

एसटीएफ बुर्कापाल- 3 एके 47

डीआरजी चिंतागुफा- 3 एके 47, 1 इंसास

आर्मी टीम- 1 एलएमजी, 4 एके-47

ग्रेहाउंड डीआरजी- 1 एके 47

कुल 15 हथियारों के साथ एक यूबीजीएल लूट ले गये नक्सली

एसटीएफ

{गीता राम राठिया रायगढ़

{नारद निषाद बालोद

{हेमंत पोया कांकेर

{अमरजीत खलखो जशपुर

{मड़कम बुच्चा सुकमा

डीआरजी

{हेमंत दास मानिकपुरी सुकमा

{गंधम रमेश सुकमा

{लिबरूराम बघेल सुकमा

{सोयम रमेश सुकमा

{उईका कमलेश सुकमा

{पोड़ियम मुत्ता सुकमा

{उइका धुरवा सुकमा

{वनजाम नागेश सुकमा

{मड़कम मासा सुकमा

{पोड़ियाम लखमा बीजापुर

{मड़कम हिड़मा सुकमा

{नितेंद्र बंजामी सुकमा

शहीदों के नाम और उनके गृह जनपद

जवानों के लौटने के दौरान हुआ हमला

बताया जा रहा है कि पुलिस को इंटेलिजेंस इनपुट मिले थे कि कसालपाड़ इलाके में बड़ी संख्या में नक्सली जमा हैं और वे टीसीओसी के दौरान बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। इसके बाद दोरानापाल, चिंतागुफा, बुर्कापाल कैंपों से एसटीएफ, डीआरजी और कोबरा कमांडो के जवानों को ऑपरेशन के लिए इस इलाके में भेजा गया था। जवान आसानी से जंगलों में घुस तो गये लेकिन वापसी के दौरान नक्सलियों से उनका आमना-सामना हो गया।

हमले के बाद सर्चिंग पर िनकली टीम

डीजीपी अवस्थी व विजय कुमार जाएंगे

भूपेश बघेल ने नक्सल हमले में एसटीएफ व डीआरजी के 17 जवानों की शहादत के बाद डीजीपी डीएम अवस्थी को घटनास्थल पर जाने के निर्देश दिए हैं। डीजीपी ऑपरेशन की समीक्षा के साथ ही आगे के ऑपरेशन पर अफसरों से बात करेंगे। इधर, गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार के विजय कुमार भी सोमवार को सुकमा पहुंचेंगे। नक्सल ऑपरेशन में सबसे अहम भूमिका निभा रहे डीआरजी 12 और एसटीएफ के पांच जवानों की शहादत पर सीएम बघेल ने चिंता जताई है। उन्होंने डीजीपी को मौके पर जाकर पूरे घटनाक्रम की जांच करने और ऑपरेशन के दौरान जो चूक हुई, उस रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

सुकमा में मुठभेड़ के दौरान शहीद जवान।

सीने पे गोली खाई पर सीने से तिरंगा न गिरने दिया

हमले के दौरान कमांडर हिड़मा था मौजूद

बताया जा रहा है कि हमले के दौरान मौके पर नक्सलियों की मिलिट्री कंपनी नंबर एक का लीडर हिड़मा भी मौजूद था। यही कारण था कि लाल लड़ाकों ने यहां अपनी पूरी ताकत झोंक दी। बस्तर में हुए अब तक के सभी बड़े हमलों के पीछे हिड़मा का हाथ रहा है। हिड़मा सुकमा जिले के ही पूवर्ती गांव का रहने वाला है और उसने ही पहली मिलिट्री बटालियन तैयार की है। वह नक्सलियों के साउथ सब जोनल कमेटी का हेड भी है और कुछ समय पहले तक उसे नक्सलियों के सेंट्रल मेंबर बनाने की खबरें भी चल रही थी। हिड़मा के पास ऐसे सौ से ज्यादा हथियारबंद लड़ाके हैं और इनके पास अत्याधुनिक हथियार भी मौजूद हैं।

{1 से 1.5 किमी के लंबे दायरे में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़
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