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सर्दी-खांसी के मरीज भी पूछ रहे- कोरोना तो नहीं
कोरोना वायरस का डर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। इसके कारण साधारण सर्दी-खांसी या बुखार होने पर भी डाॅक्टर के पास चेकअप के लिए पहुंच रहे हैं और डाॅक्टरों से पूछ रहे हैं कि कहीं ये कोरोना का असर तो नहीं है। मेकॉज, महारानी हॉस्पिटल समेत आसपास के पीएचसी और सीएचसी में भी सर्दी, खांसी, बुखार और गले में दर्द होने की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने लगे हैं। डाॅक्टरों के अनुसार कोरोना वायरस के फैलने की खबरों से पहले लोग इस तरह की बीमारियों का इलाज मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर लेते थे लेकिन अब लोग हॉस्पिटल में आकर चेकअप करवा रहे हैं। इधर कोरोना के संदिग्ध मरीज कोबरा बटालियन के जवान का इलाज अभी भी मेकॉज में जारी है और डाॅक्टरों के अनुसार उनकी सेहत में पहले से काफी सुधार आया है। उन्हें अभी भी आइसोलेशन वार्ड में डाॅक्टरों की निगरानी में रखा गया है। इसके अलावा बीजापुर में कुवैत से लौटीं दो डॉक्टर महिलाओं को एहतियात के तौर पर आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है।
धरना प्रदर्शन रैली सभाओं पर 5 अप्रैल तक रोक: डाॅ. अय्याज तम्बोली ने आम जनता से कोरोना वायरस से बचाव के लिए जरुरी सावधानी बरतने के साथ ही भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचने की अपील की है। इसके अलावा अभी 5 अप्रैल तक धरना प्रदर्शन पर भी रोक लगाई गई है। कलेक्टर ने जो आदेश जारी किया है उसमें लिखा है कि धरना, प्रदर्शन, रैली, सभाओं, जुलूस इत्यादि पांच अप्रैल तक प्रतिबंध किया जाता है और किसी भी स्थिति में इस तरह के प्रदर्शन के लिए अनुमति न दी जाये।
इधर भाजपा जिला महामंत्री रामाश्रय सिंह ने कहा कि जब 13 मार्च को कलेक्टर ने धरना-प्रदर्शन पर रोक व स्कूल कॉलेज को बंद करने का निर्णय लिया था फिर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की रैली कैसे निकली।
सार्वजनिक यातायात साधनों का उपयोग न करें
कलेक्टर अय्याज तंबोली ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सबसे बेहतर यही है कि इसके प्रभाव में आने से स्वयं को बचाया जा सके। इसके लिए अधिक से अधिक सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि इसके लिए अनावश्यक प्रवास से बचने तथा यातायात के सार्वजनिक संसाधनों के उपयोग से भी बचें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालकों को भी ग्राहकों से एक मीटर से अधिक दूरी बनाए रखने, सामाजिक कार्यक्रमों को भी सादगी एवं कम लोगों की मौजूदगी में आयोजित करने की अपील की है।