सफाई से लेकर नालियों को ढंकने का जतन पर 1400 अंकों की परीक्षा में पास हो पाना कठिन

Bastar Jagdalpur News - स्वच्छता के मामले में शहर की रैंकिंग में सुधार हो और जगदलपुर शहर को एक बार फिर से कचरा मुक्त शहर का तमगा मिले इसके...

Nov 11, 2019, 07:01 AM IST
स्वच्छता के मामले में शहर की रैंकिंग में सुधार हो और जगदलपुर शहर को एक बार फिर से कचरा मुक्त शहर का तमगा मिले इसके लिए नगर निगम अब नींद से जागा है। जनवरी 2020 में नई दिल्ली से आने वाली सर्वेक्षण टीम से पहले हर व्यवस्था को चाक-चौबंद करने में निगम जुट गया है। इसके लिए शहर के कुछ हिस्सों में सुबह और रात में सफाई करवाई जा रही है तो वहीं एसएलआरएम सेंटर और डंपिंग यार्ड में अधिक से अधिक कचरा पहुंचे इसकी व्यवस्था की जा रही है।

नालियों को ढकने और उसमें प्लास्टिक कचरा नहीं जाए इसकी रोकथाम के उपाय कर नगर निगम रैंकिंग में सुधार लाने की कवायद में है। लेकिन नगर निगम की यह कवायद महज खानापूर्ति तक सीमित होकर रह गई है। ऐसे हालात में विभिन्न वर्गों में 1400 अंकों की परीक्षा में पास होना निगम के लिए कठिन होगा। पिछले साल हुए सर्वेक्षण में नगर निगम जगदलपुर देशभर में 32वें और राज्य में चौथे पायदान पर आ गया था। इस बार निगम अफसरों की योजना नगर निगम को देश में 10 वें और राज्य में दूसरे स्थान में लाने की है। जो संभव होती नहीं दिख रही है। बेहतर रैंकिंग पाने के लिए नगर निगम ने पिछले साल कचरे के निपटान और धूल के मैनेजमेंट को लेकर अच्छा काम किया था।

इन बिंदुओं पर पिछड़ा है नगर निगम इस साल

बीते साल 13 निकायों में चौथे और देश में 32वां स्थान पाया था निगम ने

यह है स्थिति नगर निगम जगदलपुर की

कर्मचारियों की संख्या

48 आटो

06 जेसीबी

07 टिप्पर

01 पोकलेन

हर महीने सफाई का खर्च डेढ़ करोड़ से अधिक

3900 से अधिक शौचालय बनाए गए हैं

20

सार्वजनिक शौचालय

03

डंपिंग यार्ड

4 एसएलआरएम सेंटर

ये नाले हर साल मुसीबत





350

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट

शहीद पार्क के सामने नाले की सफाई शुरू नही हो पाई है।

इन स्थानों पर जमा होता है सबसे अधिक कचरा

बस स्टैंड, प्रवीर वार्ड, सरदार वल्लभ भाई पटेल वार्ड, महारानी वार्ड, सिविल लाइन वार्ड, वीर सावरकर वार्ड, बालाजी वार्ड, लोकमान्य तिलक, महाराणा प्रताप

निगम का दावा : बेहतर रैंक के लिए ये किए जा रहे







सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट

गीला-सूखा कूड़ा का अलग कलेक्शन

पब्लिक फीडबैक और जागरूकता की कमी

यह काम करने होंगे इस साल बेहतर रैंकिंग पाने






  अरविंद एक्का, नगर निगम आयुक्त

मैनपावर की कमी है, जिससे कई शिकायतें भी मिल रही हैं


- इस बार भी रैंकिंग में सुधार लाने योजना तैयार की गई है।


- काफी समय से युवाओं को स्वच्छता एप की जानकारी देने और लोगों को स्वच्छता सर्वेक्षण पर जागरूक किया जा रहा है, ताकि आमजन भी इसमें अपनी पूर्ण भागीदारी निभाएं। साथ ही हर वर्ग के साथ मीटिंग ली जा रही है।


- शहर को साफ बनाए रखने सभी की भागीदारी जरूरी है, इसलिए सभी समाज, संघ-संगठनों को इससे जुड़ने अपील की जा रही है।


- सिर्फ साधन-संसाधनों से ही नहीं, बल्कि मैनपावर की भी जरूरत पड़ती है। निगम के पास मैन पावर की कमी है, जिसके कारण कई जगहों पर शिकायतें भी मिल रही हैं।


- किसी को भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं किया जा सकता, लेकिन अपने स्तर पर कोशिश पूरी की जा रही है कि व्यवस्था को दुरूस्त बनाया रखा जा सके।

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