पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Barsur News Chhattisgarh News For 66 Days The Soldiers Used To Gather At The Turning Of Ghotia Every Day The Naxalites Did 10 Blasts Here

66 दिनों से रोज घोटिया मोड़ पर जुटते थे जवान, नक्सलियों ने यहीं किए 10 ब्लास्ट

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

पुसपाल और बोदली के बीच शनिवार को नक्सलियों ने एक के बाद एक 10 ब्लास्ट किए हैं। जिसमें सीएएफ के दो जवान शहीद हो गए और सीआरपीएफ का एक जवान घायल है। नक्सलियों का यह हमला सोची-समझी साजिश के तहत जवानों पर किया गया था। इलाके के सूत्र बता रहे हैं कि 9 जनवरी को बोदली में नया पुलिस कैंप खोला गया था। इस कैंप में सीएएफ और डीआरजी के जवानों को तैनात किया गया था। यहां पुलिस का कैंप इसलिए खोला क्योंकि इलाके में नक्सलियों की खासी दखल है और इसके कारण सड़क निर्माण का काम अटक रहा था। बोदली में कैंप खुलने के बाद यहां सड़क निर्माण का काम तेज करवाया गया और जवान पिछले 66 दिनों से लगातार सड़क को सुरक्षा देने के लिए निकल रहे थे।

सड़क निर्माण को सुरक्षा देने के लिए जवानों ने एक ही रूटीन बनाया था। दरअसल पुसपाल कैंप से सीआरपीएफ के जवान बोदली की तरफ और बोदली से सीएएफ के जवान पुसपाल की तरफ निकलते थे। रास्ते में घोटिया मोड़ को जवानों ने अपना मीट प्वाइंट बनाया था। नक्सलियों को इस रूटीन की भनक लग गई थी और नक्सली यहां बड़े हमले की तैयारी करने में लग गए थे। यही कारण था कि एक ही स्थान पर कुछ दूरी के अंतराल में नक्सलियों ने दस से ज्यादा बम लगा रखे थे। जवानों को इस बात की उम्मीद नहीं थी कि इतनी भारी सुरक्षा में नक्सली सेंध लगाने की हिम्मत करेंगे और नक्सलियों ने इसी बात का फायदा उठा लिया। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने यहां एक साथ बड़ी संख्या में जवानों को टारगेट बनाने का प्लान किया था लेकिन जवानों की मुस्तैदी की वजह से नक्सली बड़े हादसे को अंजाम नहीं दे पाए।

नदी पार गांव में कैंप पर पुलिस का धावा, भागे नक्सली

दंतेवाड़ा| इंद्रावती नदी पार इलाके विंगपाल क्षेत्र में शनिवार को पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई है। जवानों को भारी पड़ता देख ग्रामीणों की आड़ लेकर भागने में तो सफल हो गए, लेकिन यहां से पुलिस को भारी तादाद में सामान मिले हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस को इंद्रावती एरिया कमेटी के सदस्य रामदास सहित 8-10 नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना मिली थी। जानकारी यह भी थी कि यहां नक्सलियों का कैंप है जहां उनकी मीटिंग चल रही है। सूचना पर डीआरजी के जवानों को पास आता देख नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। दोनों ओर से करीब 15 मिनट तक मुठभेड़ चली। इधर फायरिंग की खबर मिलते ही बैकअप पार्टी तुरंत भेजी गई। शाम तक पुलिस पार्टी वापस नहीं लौटी थी। एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि नक्सली ग्रामीणों की आड़ लेकर भागने में तो सफल हो गए, लेकिन यहां से प्रिंटर, स्कैनर, पिट्ठू सहित कई सारे सामान बरामद हुए हैं। जवानों के लौटने के बाद और भी जानकारी मिलेगी।

एस आकार का है रास्ता, पहले भी यहीं हो चुका है हमला

बारसूर-पल्ली सड़क निर्माण काम के लिए खुले कैंपों को नक्सली पहले भी निशाना बना चुके हैं। पुसपाल व बोदली के बीच एस आकार का रास्ता है। इसे घोटिया मोड़ कहते हैं। पुसपाल से सीआरपीएफ 195वीं बटालियन के जवान 3.2 किमी और बोदली से सीएएफ, डीआरजी व एसटीएफ के जवान आरसीएफ ( रोड कंस्ट्रक्शन फोर्स) के लिए निकलते हैं। इन दोनों ही पार्टियों के जवान घोटिया मोड़ पर मिलते हैं। इस मोड़ को नक्सलियों ने टारगेट कर रखा है। करीब 10 दिन पहले यहीं नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग की थी। सीआरपीएफ 195 बटालियन के जवानों पर 7 व सीएएफ पर 4 राउंड फायर किया था। हालांकि जवानों की जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली भाग गए थे। इसी जगह 100 मीटर के दायरे में फायरिंग व 4 बार आईईडी भी बरामद हुई है। हाल ही में बोदली कैंप पर नक्सली हमला भी कर चुके हैं।

घायल सीआरपीएफ जवान का जिला हॉस्पिटल में चल रहा इलाज, मामूली चोट आई


इधर घटना में आईईडी की चपेट में आकर सीएएफ के दो जवान शहीद हो गए। वहीं सीआरपीएफ 195वीं बटालियन के एएसआई को भी मामूली चोट आई है। पुसपाल-बोदली के बीच हुए ब्लास्ट में सीआरपीएफ 195वीं बटालियन के जवान एसएम रहमान भी घायल हुए हैं जिन्हें जिला अस्पताल लाया गया है। ये अपनी टीम में सबसे आगे चल रहे थे। उनका इलाज दंतेवाड़ा जिला हॉस्पिटल में चल रहा है।


पुसपाल से सीआरपीएफ तो बोदली से निकलते थे सीएएफ जवान, घोटिया मोड़ पर मिलते थे

खबरें और भी हैं...