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मिलीभगत से गादीरास के जंगलों में हो रही सागौन की अवैध कटाई

एक वर्ष पहले
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ग्राम पंचायत गादीरास से करीब 8 किमी दूर मुईयापारा के पास के जंगलों में सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई जारी है। अब तक यहां 20 से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं। यह सब वन विकास निगम और वन विभाग के नाक के नीचे चल रहा है। जानकारी के अनुसार इस अवैध कटाई में तकरीबन 5 गांवों के लोग जुटे हुए हैं, जो कुल्हाड़ियों और आरा से पेड़ों को काट रहे हैं।

सुकमा जिले के गोल्लागुड़ा, अधिकारीरास और खोंडरे में बड़े पैमाने पर सालों पुराने सागौन के पेड़ हैं। इनमें से अधिकारीरास से लगे मुईयापारा में सबसे अधिक पेड़ों की कटाई हो रही है। अधिकारीरास गांव में रहने वाले कुछ लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पैसे की लालच में गांव के कई लोग इस अवैध कटाई में जुटे हुए हैं। ये लोग सुबह 4-5 बजे के करीब अपने घरों से जंगल की ओर निकल पड़ते हैं। दोपहर तक कटाई कर वापस घर लौट आते हैं। यह सब गोरखधंधा वन विकास निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों की साठगांठ से चल रहा है।

अवैध कटाई के लिए लोग जंगल का रास्ता अपना रहे हैं। जंगल के रास्ते से अंदरूनी क्षेत्र में वे प्रवेश करते हैं। इसके लिए फिर पहाड़ी रास्ता अपनाया जाता है। इस मामले में डीएफओ आरडी तारम ने कहा कि शिकायत के बाद मौके पर जाकर इसकी पड़ताल की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पेड़ कटवाने के बाद सूखने के लिए जंगल में छोड़ रहे: ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामीणों की मदद से लकड़ी तस्कर सागौन के पेड़ों को उनसे कटवाकर जंगल में ही छोड़ देते हैं। इसके बाद जब पेड़ सूख जाता है तो इसे गोले में कटवाते हुए इसे फारा में तब्दील कर दिया जाता है। तस्कर इस काम के लिए बाहर से आने वाले कारीगर को एक दिन का 300 रुपए और खाना देते हैं। कारीगरों के द्वारा तैयार किए गए फारे को तस्कर जंगल के रास्ते ले जाकर इसे सुकमा और अन्य जिलों में बेचकर लाखों
रुपए कमा रहे हैं।

गादीरास में सरकारी आवास पर नहीं रहते कर्मचारी

जंगल में लगे सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई को रोकने के लिए वन विभाग द्वारा गादीरास में सरकारी आवास बनाए गए हैं, लेकिन यहां कोई कर्मचारी नहीं रहते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर डिप्टी रेंजर राम प्रसाद टेेकाम को सरकारी आवास की सुविधा दी गई है, लेकिन वे यहां पर न रहकर जिला मुख्यालय में रहते हैं। इसके अलावा अधिकारीरास में कुछ दिनों पहले सागौन का प्लांटेशन किया गया था। जिस पर लकड़ी तस्करों की नजर लग गई है।

गादीरास. मुईयापारा के जंगल में काटे गए सागौन के पेड़।

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