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महारानी हॉस्पिटल: ई-आईसीयू के लिए वेबसाइट पर ही जारी कर दिया टेंडर

एक वर्ष पहले
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{पहले भी चुपके से 25 लाख में सौंपा था काम

महारानी हॉस्पिटल में ई-आईसीयू का काम अपने चहेते हॉस्पिटल को देने के लिए अफसर कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। पहले हैदराबाद के अपोलो हॉस्पिटल को बिना टेंडर के ही सालाना 25 लाख रुपये में काम दे दिया गया था। जब भास्कर ने मामले का खुलासा किया तो अफसरों ने अब टेंडर जारी कर दिया है। यह टेंडर भी अभिव्यक्ति की रुचि के हिसाब से मांगा गया है। ई-आईसीयू के तहत टेलीमेडिसिन के जरिये दूसरे अस्पताल के विशेषज्ञ यहां भर्ती मरीजों के इलाज की गाइडलाइन देंगे।

यह टेंडर सिर्फ बस्तर जिला प्रशासन की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। जबकि ऐसे काम के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किये जाते हैं। जिन इलाकों में मेडिकल हब या इस तरह की सुविधा मिलती है वहां के प्रमुख समाचार-पत्रों में टेंडर जारी किया जाता है। लेकिन अफसरों ने टेंडर जारी करने और इसकी सूचना पहुंचाने में भी खेल कर दिया है। जानकारों के मुताबिक ग्लोबल टेंडर जारी किया जाता तो शायद चेन्नई, विशाखापट्नम, मुंबई, हैदराबाद के अन्य निजी अस्पताल भी इस काम में रुचि दिखाते। शायद कम दर पर ही यह सुविधा
उपलब्ध होती।

महारानी हॉस्पिटल के सूत्रों की मानें तो अभी प्रबंधन ने ऐसी व्यवस्था की है कि इस टेंडर में गिनती के ही कुछ हॉस्पिटल हिस्सा लेंगे। इनमें से जिस हॉस्पिटल को ई-आईसीयू का काम देना है, उसके टेंडर को पास किया जायेगा। बाकी आवेदन शर्तों और दस्तावेजों पूरे नहीं कर पाने पर खारिज कर
दिए जाएंगे।

इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि नियमत: इस टेंडर का प्रकाशन दो राष्ट्रीय और दो प्रांतीय समाचार-पत्रों में किया जाना था, लेकिन जहां तक मुझे जानकारी है एक अखबार में यह प्रकाशन कराया गया है। ऐसा क्यों किया गया इस पर अफसरों से बातचीत के बाद ही कुछ बता सकेंगे।

मॉडल हाॅस्पिटल में ही डॉक्टर को नहीं मिला इलाज!

महारानी हास्पिटल में ई-आईसीयू का पूरा कान्सेप्ट बचेली के अपोलो हॉस्पिटल को देखने के बाद तैयार किया गया। हाल ही में मेडिकल कॉलेज के एक अफसर बचेली गये हुए थे। जब उन्होंने वहां ये सुविधा देखी तो जिले के एक बड़े अफसर को दी। इसके बाद मेकाॅज और महारानी हॉस्पिटल में इसे शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया गया। अफसर ने वहां ई-आईसीयू की व्यवस्था देखी लेकिन इसका फायदा मरीजों को कितना मिल रहा है, शायद यह नहीं समझ सके। बताया जा रहा कि कुछ दिनों पहले बचेली हॉस्पिटल में तैनात डाॅक्टर की मौत कार्डियक अरेस्ट के कारण हो गई थी। उनकी मौत के बाद आरोप लगे थे कि डॉक्टर को अटैक के बाद हॉस्पिटल में ही समय पर इलाज नहीं मिल सका था।

{आईसीयू में अपोलो की सेवाएं लेने का मामला


बीमार पड़े हैं बस्तर के अस्पताल
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