अगले बरस तू जल्दी आ... गणेश विसर्जन के लिए बनाया कुंड पर लोग नदी में ही विसर्जित कर रहे

Bastar Jagdalpur News - गणपति विसर्जन का सिलसिला शुरू हो चुका है। इधर निगम द्वारा बनाए गए कुंड में गणपति विसर्जन को लेकर कोई सख्ती नहीं...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 06:57 AM IST
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गणपति विसर्जन का सिलसिला शुरू हो चुका है। इधर निगम द्वारा बनाए गए कुंड में गणपति विसर्जन को लेकर कोई सख्ती नहीं बरती जा रही है। लोग इंद्रावती नदी में ही प्रतिमा को विसर्जित कर रहे। शनिवार से शुरू होने वाले पितृ पक्ष से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को गणपति का विसर्जन होता रहा। बताया जा रहा कि प्रतिमा का विसर्जन शुक्रवार को ही पूरा कर दिया जाना बेहतर होता, क्योंकि शनिवार से शुरू हो रहे पितृ पक्ष में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं होता। ऐसे में देर रात तक आनन-फानन में समितियों ने गणेश प्रतिमाओं को विसर्जित करने तैयारी करते रहे।

पितृ पक्ष को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसमें जहां कुछ लोगों ने शुक्रवार से पितृ पक्ष माना तो कुछ शनिवार से इसे मानेंगे। शहर के ज्योतिषाचार्य पं. रामरजनीश बाजपेई ने बताया कि पितृ पक्ष शनिवार यानि 14 सितंबर से शुरू हो रहा है, जो 29 सितंबर तक चलेगा।

गाय और काले कुत्ते को रोटी खिलाने से पितरों की कृपा बरसेगी: पं. बाजपेई: ज्योतिषाचार्य पं. रामरजनीश बाजपेई ने बताया कि पितरों को तर्पण के लिए उन्हें जल देना चाहिए। इसके साथ ही उनके लिए पत्ते में भोजन निकालकर रखना चाहिए। कौओं को पितरों का प्रतीक माना जाता है। इसलिए उन्हें मारना या भगाना नहीं चाहिए। उन्होंने बताया कि इस साल ऐसे संयोग बन रहे हैं, जिसमें गाय और काले कुत्ते को रोटी खिलाई जाए तो पितरों की विशेष कृपा बरसेगी। वहीं गरीब भूखों को भोजन भी कराना शुभ होगा।

जगदलपुर। शुक्रवार काे इंद्रावती नदी में गणपति का विसर्जन करते भक्त।

अनंत चतुर्दशी के दूसरे दिन भी विदा हुए गणपति बप्पा

भास्कर न्यूज|दंतेवाड़ा

अनंत चतुर्दशी के दूसरे दिन भी शुक्रवार को भगवान गणेश की प्रतिमाओं की विदाई का सिलसिला जारी रहा। ज्यादातर बड़ी समितियों ने गुरुवार को विसर्जन नहीं किया। भव्य ढंग से शोभायात्रा निकालने और डीजे जैसे बड़े म्यूजिक सिस्टम के इंतजार में विसर्जन को टाल दिया गया था।

30 से लेकर 70 हजार रुपए तक डीजे पर खर्च किए गए। शुक्रवार को बस स्टैंड गणेशोत्सव समेत आधा दर्जन से ज्यादा समितियों ने प्रतिमा विसर्जन से पहले भव्य झांकियां निकालीं। नगर भ्रमण के बाद प्रतिमाओं का विसर्जन डंकनी नदी में किया गया। इसके पहले अनंत चतुर्दशी पर गुरुवार को बड़ी संख्या में प्रतिमाएं विसर्जित की गईं। कारली, बालूद, कतियाररास समेत अन्य इलाकों से भी गणेशोत्सव समितियों ने जिला मुख्यालय में भव्य शोभायात्रा निकाली और प्रतिमाओं का विसर्जन किया।

हादसे रोकने बरती एहतियात

संभावित हादसों व अप्रिय वारदात को रोकने सभी प्रमुख रास्तों पर पुलिस के जवान तैनात किए गए थे। डंकनी नदी के घाट पर नगर सेना के गोताखोर तैनात रहे, जो लाइफ जैकेट व अन्य सुरक्षा उपकरणों से लैस थे। घाट पर रोशनी का इंतजाम नगर पालिका ने किया था, ताकि अंधेरा होने के बाद कोई परेशानी न हो।

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