पीएम मोदी की परीक्षा चर्चा: बस्तर की एकमात्र छात्रा कोनिका पूछेंगी- परीक्षा में उत्तर भूलने पर छात्र क्या करें

Bastar Jagdalpur News - नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में सोमवार को होने वाले परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में शामिल होने दिसंबर में...

Jan 19, 2020, 07:05 AM IST
Jagdalpur News - chhattisgarh news pm modi39s examination discussion konika will ask the only student of bastar what to do if the student forgets the answer in the exam
नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में सोमवार को होने वाले परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में शामिल होने दिसंबर में सीबीएसई ने 9वीं से 12वीं तक के बच्चों से प्रविष्टियां मंगाई थीं। इसमें पूरे बस्तर जिले से एकमात्र छात्रा का चयन हुआ है।

बताया जाता है कि स्कूल प्रबंधन और जिला शिक्षा अधिकारी की अनदेखी का ही नतीजा है कि पूरे बस्तर जिसले से सिर्फ 6 बच्चों ने ही भाग लिया। इनमें भी एक ही छात्रा कोनिका जैन का चयन किया जा सका है। बस्तर जिले से ये अकेली छात्रा ही पीएम नरेंद्र मोदी से सीधे सवाल पूछ पाएंगी। कोनिका का कहना है कि वे प्रधानमंत्री मोदी से ये पूछेंगी कि पढ़ाई के प्रेशर के कारण सिरदर्द होता है। वहीं विषयों को लेकर डर भी लगता है। परीक्षा देते समय उत्तर भूलने की समस्या भी छात्रों के साथ होती है। छात्रों को इसके के लिए क्या करने चाहिए। बस्तर जिले के अलावा दंतेवाड़ा जिले से लिलेश का चयन हुआ है। दिसंबर के महीने में सीबीएसई द्वारा भेजे गए सर्कुलर को स्कूलों में देखा ही नहीं गया और न ही जिला शिक्षा अधिकारी ने ही इसे लेकर कोई तैयारी करवाई।

कोनिका जैन

छात्रों को इन विषयों पर लिखना था निबंध

6 दिसंबर को जो सर्कुलर बस्तर जिले के सीबीएसई पैटर्न के स्कूलों को भेजे गए, उसमें अलग-अलग विषय दिए गए थे, जिसमें निबंध लिखने थे। इनका चयन मानव संसाधन विभाग को करना था। कृतज्ञता पर छात्र को 300 शब्दों में लघु निबंध लिखना था। इसके अलावा भविष्य आपकी आकांक्षाओं पर निर्भर होने, परीक्षा की जांच पर 300-300 शब्द, हमारे कर्तव्य पर 500 शब्द और बैलेंस इज बेनिफिशियल पर भी 500 शब्दों में निबंध लिखना था।

एक ही निजी स्कूल के 6 छात्रों ने भरी प्रविष्टि

परीक्षा पर चर्चा में भाग लेने चयनित एकमात्र छात्रा शहर के सेंट जेवियर्स स्कूल की 9वीं की छात्रा कोनिका जैन हैं। 8वीं तक उन्होंने कोंडागांव जिले के एक स्कूल में अपनी पढ़ाई की, जिसके बाद 9वीं से अपनी पढ़ाई करने वो जगदलपुर के सेंट जेवियर्स स्कूल आ गईं। बताया जाता है कि पूरे जिले में सिर्फ इसी स्कूल में सकुर्लर पर काम हुआ, जहां 6 बच्चों ने भाग लिया था।

डाक्टर बनकर बस्तर में सेवा देना चाहती हैं

कोनिका ने बताया कि वे आगे चलकर डॉक्टर बनना चाहती हैं। डॉक्टर बनकर वे बस्तर के गरीब आदिवासियों की सेवा करना चाहती हैं। बस्तर में कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, आॅन्कोलॉजिस्ट सहित अन्य कई विशेषज्ञों की कमी है। इस कारण लोगों को बस्तर के बाहर दूसरे शहरों में इलाज करवाने जाना पड़ता है।जिला शिक्षा अधिकारी एचआर सोम ने बताया कि सर्कुलर आया था। सीबीएसई के स्कूलों को प्रविष्टियां भरने कहा गया था, लेकिन स्कूल प्रबंधनों ने इस पर ध्यान नहीं दिया।

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