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प्रॉपर्टी टैक्स के ‌‌‌‌वसूलने हैं ~4.5 करोड़ 40 रसूखदारों पर ही ~80 लाख बकाया

एक वर्ष पहले
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मार्च का भी आधा महीना बीत गया है, लेकिन नगर निगम अभी प्रॉपर्टी टैक्स (संपत्ति कर) की 50 फीसदी राशि भी वसूल नहीं कर सका है। निगम को इस वित्तीय वर्ष में 7.9 करोड़ रुपए संपत्ति कर वसूलना है, अब तक निगम प्रशासन सिर्फ 3.46 करोड़ की वसूली कर सका है। यह कुल बकाये का केवल 43 फीसदी है। नगर निगम के पास 31 मार्च तक करीब 4.5 करोड़ रुपए प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने की बड़ी चुनौती है।

इन बकायेदारों में 40 ऐसे रसूखदार हैं जिनसे करीब 80 लाख रुपए टैक्स लेना है। इसमें सभी लोग बड़े कारोबारी, नेता, डॉक्टर या इंजीनियर हैं। इन 40 संपत्ति मालिकों में से 20 लाेग ऐसे भी हैं, जिन पर अकेले एक से 5 लाख रुपए टैक्स बकाया है। अफसरों का दावा है कि बड़े बकायेदारों को पहले नोटिस जारी किया जाएगा, जो टैक्स जमा नहीं कराएगा, उनकी प्रॉपर्टी सील की जाएगी। हालांकि पंद्रह दिन में निगम क्या कर पाएगा, यह पूछने पर अफसर जवाब नहीं दे पा रहे हैं।

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संपत्ति कर जमा करने में लोगों को परेशानी न हो इसलिए निगम ने करदाताओं को दो बार छूट की पेशकश की थी। पहली बार अप्रैल से लेकर सितंबर तक 6 फीसदी छूट और इसके बाद अक्टूबर से दिसंबर तक 5 फीसदी छूट दी गई थी। हजारों रुपए की छूट मिलने के बाद भी लोग कर जमा करने आगे नहीं आए हैं। समय पर टैक्स जमा नहीं होने से निगम के कई काम जहां प्रभावित हो रहे हैं वहीं दूसरी ओर कई बार कर्मचारियों को वेतन देने के लिए बार-बार शासन से पैसे की मांग की जाती है।


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नगर निगम ने बकायेदारों का नाम भी सार्वजनिक करने की तैयारी शुरू कर दी है। इनमें ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने कई रिमाइंडर के बावजूद टैक्स नहीं दिया है। निगम ने ऐसी संपत्तियों की पहचान कर ली है जिन पर अधिक संपत्ति कर बकाया है। निगम प्रशासन शहरवासियों को सड़क, नाली और पानी जैसी जो सुविधाएं देता है उसके खर्च की पूर्ति में बड़ा हिस्सा संपत्ति कर का हाेता है। आमजन तो कार्रवाई के डर से टैक्स जमा कर रहे लेकिन रसूखदार लेटलतीफी कर रहे हैं।


टैक्स नहीं पटाने पर संपत्ति कुर्क की जा सकती है


{टैक्स वसूली काफी पीछे चल रही है ।

{{अब तेजी आ रही है ।

{क्या लक्ष्य पूरा हो पाएगा।

{{उम्मीद है।

{संपत्ति कर जमा करने के लिए रसूखदार आगे नहीं आ हैं।

{{बकायेदारों को नोटिस जारी की गई है। इसके अलावा बड़े बकायेदारों की सूची बनाई जा रही है।

{ 31 मार्च तक संपत्ति कर जमा नहीं करने वाले लोगों पर क्या कार्रवाई होगी।

{{बकायेदारों की अचल संपत्ति कुर्क की जाएगी।

एक कर्मचारी के भरोसे निगम के दो वार्ड


संपत्ति कर की वसूली के लिए निगम ने भी खास तैयारी नहीं की है। कभी चुनाव तो कभी दूसरे काम की दुहाई देकर टैक्स वसूली टाली जा रही है। शत-प्रतिशत वसूली के लिए अफसरों ने एक कर्मचारी को दो वार्डों का जिम्मा सौंपा है। नाम नहीं छापने की शर्त पर कई कर्मचारियों ने बताया कि टैक्स वसूलने में काफी परेशानी होती है। कई बार तो लोग मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।


25 हजार को नोटिस, 15 हजार ने भरा टैक्स

संपत्ति कर जमा करवाने निगम ने शहर में रहने वाले 25 हजार लोगों को समय-समय पर टैक्स जमा करने के लिए नोटिस जारी किया था। इनसे अपील भी की गई थी वे समय पर टैक्स जमा कर पेनाल्टी से बचें। हालत यह है यह वित्तीय वर्ष गुजरने में चंद दिन बचे हैं। अब तक 9 हजार लोग संपत्ति कर जमा नहीं कर पा रहे हैं। निगम इस समय कामर्शियल प्रॉपर्टी पर 83 रुपए प्रति स्क्वायर फीट और आवासीय संपत्ति पर 38 रुपए प्रति स्क्वायर फीट की दर से टैक्स ले रहा है।


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50 फीसदी वसूली भी नहीं हो पाई, बकायेदारों में बड़े कारोबारी, नेता, डॉक्टर-इंजीनियर भी शामिल

निगम हर साल वसूली का 70 से 80 फीसदी टैक्स वसूल पाता है। लेकिन इस साल सिर्फ 43 प्रतिशत टैक्स लिया जा सका है। निगम में पिछले तीन साल के आंकड़े देखे जायें तो वसूली औसत 70 फीसदी के आसपास रही है। यदि तीन सालों के बकाया राशि को देखा जाये तो यह रकम 5 करोड़ के आसपास हो गई है। 2017-18 में 4.82 करोड़ लक्ष्य था, 3.31 करोड़ वसूली हुई थी। साल 2018-19 में 5.80 करोड़ लक्ष्य की जगह 4.35 करोड़ वसूली हुई। इस साल 5.82 करोड़ लक्ष्य और पिछला बकाया मिलाकर कुल 7.9 करोड़ टैक्स लेना है।

पिछले तीन साल के मुकाबले इस बार आधी वसूली भी नहीं

राजेश राय प्रभारी, राजस्व विभाग, नगर निगम **

निगम के पास 31 मार्च तक 57% संपत्ति कर वसूल करने की चुनौती


दो बार दी छूट पर टैक्स जमा नहीं किया


नाम सार्वजनिक करने की तैयारी
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