पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Jagdalpur News Chhattisgarh News Screws On Millers Rejects Most Rice In The State

मिलर्स पर शिकंजा, प्रदेश में सबसे अधिक चावल बस्तर में रिजेक्ट

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

जिले में मिलर्स द्वारा अमानक चावल की आपूर्ति का सिलसिला थम नहीं रहा है। मिलर्स की मनमानी को रोकने और सरकारी राशन दुकानों में गुणवत्तायुक्त चावल मिले, इसलिए प्रदेश के हर जिले में नागरिक आपूर्ति निगम के क्वालिटी इंस्पेक्टर और अधिकारियों द्वारा चावल की जांच की जा रही है और मापदंड में खरा नहीं उतरने वाले चावल को रिजेक्ट कर वापस मिलर्स को दिया जा रहा है।

कस्टम मिलिंग के तहत हो रही जांच में इस साल सबसे अधिक चावल बस्तर जिले में रिजेक्ट किया गया है। यहां पर अब तक अधिकारियों ने मिलर्स द्वारा दिए गए 3 लाख 30 हजार 840 क्विंटल चावल में से 8 हजार 410 क्विंटल चावल अमानक पाया गया है।

नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक एससी द्वेदी ने बताया कि रिजेक्ट किए गए चावल की लाट की मात्रा के आधार पर बस्तर जिला पहले स्थान पर है। 9 मार्च तक बस्तर जिले के मिलर्स ने 1209 लाट चावल जमा किया था जिसमें से 29 लाट चावल जांच में अमानक पाया गया है। मात्रा के आधार पर बस्तर जिले में अब तक सबसे अधिक चावल रिजेक्ट किया गया है।

चावल का 8 बिंदुओं में होता है परीक्षण: गोदाम में जमा किए जाने वाले चावल को 8 बिंदुओं में परीक्षण करने का प्रावधान है। जमा किए गए चावल में कनकी की मात्रा 25 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके लिए 0.5 मेटर यानी कंकड़ पत्थर आदि पाए जाने पर चावल को जमा करने से मना कर दिया जाता है। निर्धारित मापदंड के अनुसार जमा किए गए चावल में 3.0 फीसदी से अधिक डैमेज चावल की मात्रा नहीं होनी चाहिए। गुणवत्ता के मापदंड को देखते हुए यह तय है कि जमा किए गए चावल में भी निर्धारित मापदंड में खरे नहीं उतरे हैं।

इन मिलर्स के चावल अब तक किए जा चुके हैं रिजेक्ट: जांच के दौरान जिन मिलर्स के चावल को अमानक बता वापस किया गया है। उसमें पूजा एग्रोटेक, अंबे ट्रेडर्स, दिनेश राइस इंडस्ट्रीज, सुपर चावल उद्योग, एके राइस मिल, मेसर्स बजरंग ट्रेडर्स, अनीशा राइस मिल, बालगोपाल इंडस्ट्रीज, हनुमान राइस मिल, मट्‌टा इंडस्ट्रीज, अनुज राइस मिल और
श्यामा ट्रेडर्स शामिल हैं।

जानिए... विभिन्न जिलों में कितना चावल रिजेक्ट हुआ

जिला प्राप्त लॉट रिजेक्ट

1. बस्तर 1209 29

2. बीजापुर 53 0

3. दंतेवाड़ा 58 6

4. कांकेर 2285 40

5. कोण्डागांव 1180 7

6. नारायणपुर 87 8

7. सुकमा 231 12

8. बिलासपुर 5317 32

9. जांजगीरचांपा 3190 32

10. कोरबा 257 10

11. मुंगेली 2226 19

12. रायगढ़ 4333 10

13. बालोद 2073 30

14. बेमेतरा 1368 26

15. दुर्ग 2551 15

16. कवर्धा 1748 26

17. राजनांदगांव 3375 15

18. बलौदा बाजार 3713 35

19. धमतरी 2321 21

20. गरियाबंद 1887 20

21. महासमुंद 2551 17

22. रायपुर 4976 29

23. बलरामपुर 1836 26

24. जशपुर 1535 29

25. कोरिया 1797 28

26. सरगुजा 2004 29

27. सूरजपुर 1460 15

निर्धारित मात्रा से ज्यादा टूटन पाई गई चावल में

कस्टम मिलिंग के तहत मिलर्स द्वारा जमा किए गए चावल में प्रति क्विंटल 25 फीसदी तक टूटन को अमानक की श्रेणी में रखा गया है। लेकिन जांच के दौरान मिलर्स के द्वारा जमा किए गए चावल में टूटन की मात्रा 28 से 30 फीसदी तक पाई गई है। विभागीय जानकारी के अनुसार जिले के दर्जनभर राइस मिलर्स ने 29 लाट अमानक श्रेणी के चावल की आपूर्ति की थी जिसे वेयर हाउस से ही परीक्षण के बाद वापस कर दिया गया है। इसकी जगह उनसे दोबारा फ्रेश चावल मंगवाया गया है। नान के अधिकारियों ने बताया कि सामान्य तौर पर एक लाट में 290 क्विंटल चावल आता है।
खबरें और भी हैं...