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अपराध / बच्चों को पढ़ाने का झांसा देकर बिहार से लाए, सुबह से रात तक करवाते थे काम, चूक होने पर करते थे पिटाई

Dainik Bhaskar

Mar 16, 2019, 10:55 AM IST


प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।
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  • 2 बच्चों को बंधक बनाकर व्यापारी करा रहे थे घर व कारखाने में काम
  • चाइल्ड लाइन अाैर पुलिस ने दोनों बच्चों को कराया आजाद 
     

भिलाई.बिहार के बेगुसराय से दो बच्चों को भिलाई लाकर उनसे बालश्रमिक के तौर पर काम लेने का मामला सामने आया है। इन बच्चों से शहर के दो व्यापारी घर के साथ ही कारखाने में भी दो साल से काम ले रहे थे। इन बच्चों के माता-पिता बेगुसराय में ही रहते हैं। शुक्रवार को चाइल्ड लाइन, बचपन बचाओ आंदोलन, महिला एवं बाल विकास और पुलिस की संयुक्त टीम ने इन बच्चों का रेस्क्यू किया।

किसी अज्ञात ने हेल्पलाइन नंबर पर दी इसकी सूचना

  1. चाइल्ड लाइन की हेल्पलाइन पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर सूचना दी कि बिहार के बेगुसराय से भिलाई लाकर दो बालकों को नेहरू नगर में रहने वाले संजीव शर्मा और संतोष शर्मा ने बंधक बनाकर रखा है। बताया जाता है कि संजीव और संतोष दोनों का ही अलग-अलग लोहे का कारखाना है। दोनों के खिलाफ बाल श्रम अधिनियम 1986 की धारा 3 एवं किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 79 के तहत अपराध भी दर्ज किया गया है।

  2. बच्चों को दो वक्त का खाना और देते थे दो हजार रुपए

    संजीव शर्मा और संतोष शर्मा करीब दो साल पहले बिहार के बेगुसराय से बच्चों को भिलाई लेकर आए थे। वह उनके माता-पिता से भिलाई में उन्हें शिक्षा दिलाने की बात कहकर लाए थे। भिलाई लाकर उन्होंने बच्चों को घर के अलावा कारखाने में भी काम कराना शुरू कर दिया। इसके बदले में वह बच्चों को दो वक्त का खाना और दो हजार रुपए महीना देते थे।

  3. सुबह झाड़ू पोछा करवाते फिर कारखाने भेज देते

    शुक्रवार को बच्चों को संजीव शर्मा और संतोष शर्मा के चंगुल से मुक्त कराने के बाद चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी लाया गया। यहां बच्चों की काउंसिलिंग की गई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनसे सुबह से रात तक काम लिया जाता था। सुबह उठकर घर में झाड़ू-पोछा करने के बाद उन्हें कारखाने भेज दिया जाता था। यहां उनसे दिनभर काम लिया जाता था। गलती हो जाने पर पिटाई भी की जाती थी। बच्चों ने ये पूरी कहानी टीम को बताई है।

  4. दो बच्चियों को भी रेलवे स्टेशन से किया रेस्क्यू

    इधर भिलाई-3 स्टेशन पर भीख मांगने वाली दो बच्चियों को चाइल्ड लाइन की टीम ने रेस्क्यू किया है। दोनों बच्चियों को जीआरपी की मदद से पकड़ा गया। बच्चियों ने बताया कि उनके माता-पिता उनसे भीख मंगवाने का काम कराते हैं। भीख मांगने के बाद जो पैसा एकत्रित होता है उसे उनके माता-पिता शराब में उड़ा देते हैं।

  5. बच्चों के माता-पिता से संपर्क कर रही टीम

    दोनों बच्चों ने काउंसिलिंग के दौरान अपने घर का पता बिहार के बेगुसराय का बताया। हालांकि दोनों बच्चे यह नहीं बता सके कि संतोष और संजीव ने उनके बदले में उनके माता-पिता को रुपए दिए हैं या नहीं। दोनों बच्चों के माता-पिता से संपर्क करने की कोशिश की जा रहा है। चाइल्ड लाइन और बचपन बचाओ के साथ ही महिला एवं बाल विकास विकास विभाग और पुलिस के अधिकारी रेस्क्यू टीम में शामिल थे।

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