छत्तीसगढ़  / दो विषयों में मिले पूरक अंक, 10वीं की छात्रा ने चुन्नी से फंदा लगाकर दे दी जान

Dainik Bhaskar

May 16, 2019, 11:43 AM IST


bhilai Supplementary marks found in two subjects, 10th grade student suicides
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bhilai Supplementary marks found in two subjects, 10th grade student suicides

  • हुडको स्थित आमदी विद्यालय की थी छात्रा, पिछले साल भी दो विषयों में आए थे पूरक
  • तब परिजनों ने समझाया था, इस बार 4 दिन से पता था रिजल्ट, फिर भी समझाने में चूके 

भिलाई. 10वीं की छात्रा पूर्णिमा ने बुधवार को चुन्नी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसे दो विषयों गणित और विज्ञान में पूरक अंक मिले थे। जबकि बाकी विषयों में उसके नंबर बेहतर हैं। हुडको स्थित आमदी विद्यालय की छात्रा पूर्णिमा इसके बाद से काफी स्ट्रेस में थी। परिजनों को चार दिन पहले ही रिजल्ट पता था, वो पूर्णिमा से बात करने की सोच ही रहे थे कि उससे पहले ऐसा कदम उठा लिया। परिजन कहते हैं कि पिछले साल भी पूर्णिमा के दो विषयों में पूरक आए थे, तब उन्होंने मोटिवेट किया था। 

खुदकुशी वाले दिन हुआ क्या था, जानिए

  1. जांच अधिकारी मंगल सिंह ने बताया कि पूर्णिमा बाघ (19) के पिता का निधन 13 साल पहले हो चुका है। तब से पूर्णिमा अपनी मां हंसा बाघ, मामा अगस्ती तांडी व छोटे भाई रामू के साथ रहती थी। मंगलवार सुबह 9 बजे पूर्णिमा की मां अपने काम पर गई। भाई अपने दोस्त के साथ चला गया। पूर्णिमा अपनी सहेली के साथ स्कूल गई। उसे अपने परीक्षा परिणाम का पता चला। वह काफी निराश हो गई। वह सहेली के साथ घर आई। घर के बगल वाले कमरे में शीट पर लगी पाइप में चुनरी के सहारे फंदा डालकर सुसाइड कर लिया। 

  2. 10 मिनट पहले पहुंचती तो बच जाती बेटी:मां 

    पूर्णिमा की मां हंसा कहती हैं, 13 साल पहले मेरे पति का निधन हो गया। उस वक्त पूर्णिमा 5 साल की थी। तब से हम लोगों के घर काम करती है। उसके मामा अगस्ती गाड़ी चलाते है। जिससे घर चलता है। मामा ही पूर्णिमा को प्राइवेट स्कूल में पढ़ा रहे थे। खर्च वो ही दिया करते थे। शायद ये साेचकर कि इतना खर्च के बावजूद पास नहीं हो पाई, यही सोचकर उसने ये कदम उठा लिया होगा। 

  3. कॉमर्स लेकर अकाउंटेंट बनना चाहती थी पूर्णिमा 

    अगस्ती कहते हैं, पूर्णिमा पढ़ना चाहती थी। वह पढ़ाई में थोड़ी कमजोर जरुर थी। लेकिन वह आगे चलकर कॉमर्स लेकर पढ़ना चाहती थी। उसके बाद अकाउंट्स के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती थी। लेकिन उससे पहले ही रिजल्ट देख वह हताश हो गई। उसके बाद उसने फांसी जैसा कदम उठा लिया। मौत की खबर से मोहल्ले में शोक है। 

  4. ये काम की बात: पैरेंट्स रखें ध्यान 

    • बच्चों के रिजल्ट के दौरान परिजन अलर्ट रहे। 
    • ऐसे मौके पर उन्हें अकेला न छोड़े। उनकी बल्कि उन्हें पहले से बच्चे जिनके करीब हो। 
    • बच्चों को पहले से प्रीपेयर रखे कि जो भी रिजल्ट आए वो हमें स्वीकार है। हम और प्रयास करेंगे। 
    • रिजल्ट से घबराना नहीं चाहिए, परिजनों को रिजल्ट आ जाने के बाद बच्चों के गतिविधि पर पूरी नजर रखनी चाहिए। 
    • किसी से तुलना करने की कोई जरूरत नहीं। अगली बार अच्छे से मेहनत करेंगे। 

  5. सुसाइड करने वाले शहरों में ट्विनसिटी 14वें नंबर पर 

    ट्विनसिटी में आत्महत्या के प्रकरण बढ़ते जा रहे हैं। सुसाइड केस को लेकर केंद्र सरकार के गृह विभाग ने लोकसभा में जो रिपोर्ट पेश की है। ये रिपोर्ट 2017 की है। आत्महत्या के बढ़ते मामले वाले टॉप शहरों की लिस्ट में दुर्ग-भिलाई का 14वें नंबर है। यह रैंक 2015 का है। 2014 में दुर्ग-भिलाई का यह रैंक 18 और 2013 में 21 था। जो महज तीन साल में ही 7 अंकों की छलांग लगाकर 14वें नंबर हासिल किया। 

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