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हाईकोर्ट में 63 हजार केेस पेंडिंग

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 02:16 AM IST

Durg Bhilai News - हाईकोर्ट में लंबित जिन मामलों में राज्य सरकार पक्षकार है, उनमें समय पर जवाब देने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग से...

Bhilai News - chhattisgarh news 63 thousand cases pending in the high court
हाईकोर्ट में लंबित जिन मामलों में राज्य सरकार पक्षकार है, उनमें समय पर जवाब देने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग से लेकर मुख्य सचिव ने भी कई बार निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद भी विभाग ध्यान नहीं दे रहे। हालत यह है कि अकेले नगरीय प्रशासन विभाग की ओर से 75 मामलों में अब तक जवाब पेश नहीं हो पाया है। इसकी वजह ये है कि नगरीय निकायों ने समय पर जवाब नहीं दिया। आखिरकार विभाग ने सभी नगरीय निकायों को सात दिन में जवाब पेश करने के कड़े निर्देश दिए हैं। ज्यादातर मामले पदोन्नति और नियमितीकरण से जुड़े हैं। बता दें कि हाईकोर्ट में करीब 63 हजार मामलों की सुनवाई चल रही है। इनमें 40 फीसदी से अधिक मामलों में राज्य सरकार पक्षकार है। हाईकोर्ट में पेंडिंग मामलों के पीछे जो सबसे बड़ी वजह यही है कि विभागों की ओर से समय पर जवाब पेश नहीं किया जाता। जवाब में लेटलतीफी से विभाग का खर्च भी बढ़ता है, क्योंकि सुनवाई टलती जाती है।

रायपुर संभाग में ही 13 मामले

अकेले रायपुर संभाग में पिछले एक साल में लगभग 13 मामले हाईकोर्ट में दाखिल हुए हैं। इनमें नगर निगम रायपुर में फर्जी नियुक्ति के एक मामले के साथ ही पदोन्नति के 3 केस हैं, जबकि नियुक्ति में निर्धारित योग्यता को लेकर दो मामले पंजीबद्ध हुए हैं। इसमें सहायक निरीक्षक पद के लिए एक और एक शिक्षाकर्मी के नियुक्ति के खिलाफ है। इसी तरह तबादला और अनुकंपा नियुक्ति का भी एक-एक मामला है।

40% में सरकार पक्षकार, सख्ती के बाद भी जवाब नहीं दे रहे निकाय



तबादले और पदोन्नति के सबसे ज्यादा पेंडिंग प्रकरण दुर्ग जिले में

तबादले व पदोन्नति के अधिकांश मामले दुर्ग संभाग के हैं। हालांकि, पेंडिंग केस में भिलाई कोहका में जमीन अतिक्रमण किए जाने, निर्मित भवन गिराने, निर्माण कार्य स्थगित करने, निगम आवास गृह को खाली कराने और संपत्ति कर का भुगतान करने संबंधी मामले भी हैं। सीएमओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश को कोर्ट में चुनौती दी गई है। राजनांदगांव निगम में रिटायरमेंट के बाद पेंशन व भविष्य निधि के भुगतान के मामले भी कोर्ट में हैं।

बिलासपुर संभाग में लगभग 25 मामले

बिलासपुर संभाग में लगभग 25 मामले कोर्ट में पेंडिंग हैं। जिन मामलों में प्रभारी अफसरों ने कोर्ट में जवाब नहीं पेश किया है, उनमें शिक्षक पदोन्नति, विज्ञापन जारी करने, वेतन वृद्धि रोकने, निर्माण कार्य पर रोक लगाने, पेंशन की पात्रता, भूमि उपयोग की जानकारी, निजी भूमि पर सड़क निर्माण पर आपत्ति, सड़क चौड़ीकरण, अनुकंपा नियुक्ति, दैनिक वेतन भोगी नियमितिकरण और मुआवजा आदि के प्रकरण हैं।

सात दिन में देना होगा जवाब


हाईकोर्ट कई बार विभागों के ऐसे

रवैए जता चुका है नाराजगी

राज्य सरकार से जुड़े मामलों में समय पर जवाब प्रस्तुत नहीं करने के लिए कई बार हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। इसे लेकर मुख्य सचिव ने भी सभी विभाग प्रमुखों की बैठक लेकर समय पर जवाब देने के निर्देश दिए थे। इसके लिए सभी विभागों में नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं, जो हाईकोर्ट से जुड़े प्रकरणों में समय पर जवाब पेश करने की निगरानी करते हैं। विभाग की शाखाओं में समन्वय नहीं होने के कारण भी कई बार ऐसी स्थिति बनती है।

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