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अभिषेक मिश्रा हत्याकांड की फिर से होगी सुनवाई, कोर्ट ने तीन गवाहों को बुलाया

एक वर्ष पहले
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बहुप्रतीक्षित अभिषेक मिश्रा हत्याकांड पर कोर्ट शुक्रवार को फिर से सुनवाई करने का फैसला लिया। कोर्ट ने इस मामले के उन तीन गवाहों को बुलाया है जो पहले सुनवाई के दौरान हाजिर नहीं हुए। कोर्ट ने कहा कि निष्पक्ष न्याय के लिए इनकी गवाही जरूरी है इसलिए कि ये महत्वपूर्ण गवाह हैं। इस तरह पांचवी बार फैसला टल गया। अंतिम तर्क के 71 दिन बाद यह फैसला लिया है।

अभिषेक मिश्रा हत्याकांड पर जिला न्यायाधीश जीके मिश्रा ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा है। इस हत्याकांड पर 24 दिसंबर को अंतिम तर्क हुआ था और उसके बाद फैसला होना था। फैसले की पहली तारीख 13 जनवरी थी जो टल गई। फिर 28 जनवरी,14 फरवरी, 26 फरवरी को फैसले की तारीखें तय की गई लेकिन टल गई। तीन बार न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण तथा एक बार अधिवक्ताओं की हड़ताल से उपजी स्थिति के कारण फैसला नहीं सुनाया जा सका था। चार बार फैसला टलने के बाद शुक्रवार 13 मार्च को फैसला की तारीख तय की गई थी।

इनका होगा कोर्ट में बयान

प्रकरण में अब मेमोरेंडम गवाह मुन्नालाल पटेल हैं। इसी तरह वीडियोकॉन नोडल अधिकारी श्रीराम झा तथा आयडिया के नोडल अधिकारी राजेश सिंह का कथन न्यायालय के समक्ष दर्ज किया जाएगा।

परिजन भी पहुंचे थे कोर्ट

कोर्ट में फैसले की तिथि होने की वजह से कोर्ट में अभिषेक की माता और बहन आई थी। इसी तरह आरोपी किम्सी, विकास जैन और उनके मामा अजीत सिंह को भी कोर्ट लाया गया था।

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