सभी दानों का आधार है अभय दान: आचार्य विमर्श

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:00 AM IST

Durg Bhilai News - दुर्ग|जैन दर्शन में चार प्रकार के दान का कथन मिलता है - आहार दान औषधि दान, शास्त्र दान और अभय दान। चारों दान अपने आप...

Durg News - chhattisgarh news all the donations are the basis of abhay charan acharya exchanges
दुर्ग|जैन दर्शन में चार प्रकार के दान का कथन मिलता है - आहार दान औषधि दान, शास्त्र दान और अभय दान। चारों दान अपने आप में महत्वपूर्ण है, लेकिन इनमें जो आधार भूत है, वह है अभयदान। आहार दान से भूख मिटती है।

औषधि दान से रोग का शमन होता है और शास्त्र दान से अज्ञानता का नाश होता है। लेकिन अभय दान इसलिए इन तीनों में श्रेष्ठ है, क्योंकि इससे ये तीनों कार्य सध जाते हैं। अभयदान के बिना तीनों दान निष्फल है। यदि जीव के प्राणों की रक्षा होगी तो ही अन्य प्रकार के दान संभव हो सकेंगे। यह बातें राष्ट्रयोगी श्रमणाचार्य विमर्श सागर मुनिराज ने सुमतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में धर्मसभा के दौरान कही। आचार्य ने कहा कि अभय का अर्थ होता है भय रहित अर्थात भयभीत जीवों को भय रहित कर देना ही अभय दान है। धर्मात्मा जीवों के अंदर सहज ही अभय दान की प्रवृत्ति होती है।

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