साइकिल स्टोर बना गैस गोदाम, रिफिलिंग करते समय लगी आग, दो दुकानें जलीं

Bhaskar News Network

Jan 14, 2019, 02:30 AM IST

Durg Bhilai News - भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा जिला मुख्यालय के मेन रोड में सिलेंडर अवैध रूप से किराना दुकान से लेकर साइकिल दुकान,...

Durg News - chhattisgarh news bicycle store made of gas warehouse refueling fire two shops
भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा

जिला मुख्यालय के मेन रोड में सिलेंडर अवैध रूप से किराना दुकान से लेकर साइकिल दुकान, जनरल स्टोर, जूता सहित अन्य दुकानों में आसानी से ब्लैक में मिल जाता है, इन्हीं स्थानों से वे जरूरत मंद लोग सिलेंडर ले जाते हैं जिन्हें जरूरी होता है, खुले आम बिकता है सिलेंडर पर खाद्य विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारियों को यह काला कारोबार नजर नहीं आता है। उन्हें शिकायत चाहिए। रविवार को थाना के सामने साइकिल दुकान में गैस रिफिल करते समय आग लग गई। उस दुकान से बड़ी दर्जन भर छोटे बड़े सिलेंडर जब्त किए गए हैं। जो इस बात की पुष्टि करता है कि दोनों विभागों के जिम्मेदारों की जानकारी में ही अवैध कारोबार होता है, लेकिन आज तक न तो खाद्य विभाग के अधिकारियों ने कार्रवाई की न पुलिस ने। एएफओ राजेश शर्मा पर भी गंभीर आरोप हैं, वे बारह साल से यहीं पदस्थ हैं, वे जिले के चप्पे चप्पे से वाकिफ हैं, लेकिन उन्हें शहर में खुले आम बिक रहे अवैध सिलेंडर दिखाई नहीं देते।

जिला मुख्यालय के सभी मुख्य मार्गों में रसोई गैस सिलेंडर का काला कारोबार व्यापारी बहुत शान से चलाते हैं। चाहे नेताजी चौक से लेकर कचहरी चौक, केरा राेड की दुकानें हों या फिर लिंक रोड, अकलतरा रोड, नैला स्टेशन रोड या फिर विवेकानंद रोड। इन मुख्य मार्गों में संचालित दुकानों में किसी भी समय ब्लैक में सिलेंडर मिल जाता है।





कचहरी चौक के पास थाना के सामने संचालित जय दुर्गा साइकिल स्टोर से भी अवैध रूप से सिलेंडर की सप्लाई की जाती है। पुलिस के अनुसार रविवार को इस दुकान के संचालक जय अग्रवाल छाेटे सिलेंडर की रिफिलिंग कर रहा था कि अचानक गैस लीकेज होने से उसमें आग लग गई। इसकी चपेट में आने से वह जल गया। आग ने उसकी दुकान तथा उससे लगी कपड़े की दुकान को अपने चपेट में ले लिया। इससे साइकिल दुकान तो पूरी तरह जल गई। आग पर बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया जा सका।

साइकिल दुकान से दो दर्जन और जूता दुकान से तीन सिलेंडर मिले

आग बुझाने के लिए पहुंची पुलिस की टीम को साइकिल दुकान से दो दर्जन सिलेंडर मिले। वहीं उसी दुकान से लगी निरंकारी फूट वेयर से भी पुलिस ने तीन सिलेंडर जब्त किए। सूत्रों के अनुसार दुकान में बड़ी संख्या में सिलेंडर था, जिसे आगजनी के दौरान कुछ लोग उठाकर ले गए। पुलिस ने मौके से छोटे बड़े छह भरे हुए, आठ खाली तथा आठ जले हुए सिलेंडर मिले हैं।

थाना में भी निकल रही थी गैस

पुलिस ने उस सिलेंडर को भी जब्त किया है, जिससे रिफिलिंग का काम किया जा रहा था। सिलेंडर को पुलिस थाना लेकर आई थी। उसमें रिफिलिंग पिन लगी थी, जिसके कारण गैस लीक हो रही थी, इसलिए पुलिस ने उसे दूर रखवा दिया था। वहीं लीकेज हो रहे तीन सिलेंडर को नाली में रखा गया था।

ऐसे लोगों पर दो प्रकार की हो सकती है कार्रवाई

रसोई गैस सिलेंडर का अवैध व्यापार करने वालों पर दो प्रकार से कार्रवाई की जा सकती है। पहली कार्रवाई तो खाद्य विभाग द्वारा हो सकती है। ऐसे लोगों के खिलाफ द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस वितरण विनियमन आदेश 2000 का उल्लंघन और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3-7 के उल्लंघन का मामला दर्ज होता है। दूसरी कार्रवाई पुलिस कर सकती है, पुलिस चाहे तो ऐसे लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा में कार्रवाई कर सकती है।

जानिए दोनों धाराओं में सजा का क्या है प्रावधान

खाद्य विभाग की कार्रवाई में 3 लाख तक दंड का प्रावधान

खाद्य विभाग द्वारा द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस वितरण विनियमन आदेश 2000 का उल्लंघन व आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3-7 के उल्लंघन का मामला दर्ज करने पर मामला कलेक्टर के कोर्ट में चलता है। इस कोर्ट में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा तीन लाख रुपए अर्थदंड तक करने का प्रावधान है।

आईपीसी की धारा में 6 माह की सजा व एक हजार अर्थदंड

अवैध रूप से डीजल या पेट्रोल बेचते पकड़े जाने पर पुलिस संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी की धारा 285 के तहत कार्रवाई करती है। यह धारा जमानती है, इस अपराध के आरोपी को पुलिस मुचलके पर ही छोड़ देती है। वही धारा साइकिल स्टोर में दो दर्जन गैस सिलेंडर मिलने पर भी पुलिस ने लगाई आरोपी को इस धारा में मुचलके पर छोड़ दिया गया है। इस धारा में अधिकतम छह माह की सजा व एक हजार रुपए अर्थदंड का प्रावधान है।

वर्शन

आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई

खाद्य अधिनियम के तहत संबंधित के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं 3-7 के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। इसके तहत कार्रवाई कर मामला कलेक्टर कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस भी इसमें आईपीसी की धाराओं के तहत कार्रवाई कर सकती है।

केके घोरे, जिला खाद्य अधिकारी

आईपीसी की धारा 285 भी लगाई गई है

आरोपी जय अग्रवाल के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अलावा आईपीसी की धारा 285 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह मामला जमानती है, मुचलके पर छोड़ दिया गया है।

विवेक पांडेय

फोटो 13 जेएएन 9: दुकान में लगी आग बुझाते दमकल कर्मचारी

फोटो 13 जेएएन 10: दुकान के पास ही नाली में पड़ा सिलेंडर

फोटो 13 जेएएन 11: थाना के सामने लीकेज सिलेंडर को नाली में डालकर रखा गया

फोटो 13 जेएएन 12: दुकान से बरामद सिलेंडर की जब्ती की कार्रवाई करते पुलिस और खाद्य विभाग के अधिकारी

X
Durg News - chhattisgarh news bicycle store made of gas warehouse refueling fire two shops
COMMENT