पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बीएसपी भिलाई या रिसाली निगम में रहेगा, इसके लिए होगी बैठक

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

नगर निगम भिलाई और रिसाली निगम के बीच संपत्तियों के बंटवारे को लेकर शुक्रवार को रायपुर सर्किट हाउस में दो घंटे तक बैठक चली। इस बैठक में यह तय नहीं हो पाया है कि भिलाई स्टील प्लांट किसके हिस्से में आएगा। इसके पीछे मुख्य बड़ी वजह यह बताई गई कि रिसाली निगम के नक्शे में चौहद्दी का जिक्र नहीं है। इसलिए बीएसपी पर फैसला नहीं हो सका। इसके अलावा रिसाली निगम के संचालन के लिए पांच करोड़ रुपए देने पर सहमति बनी है। भिलाई निगम में 37 करोड़ रुपए संचित निधि है। इस पर 80 फीसदी भिलाई और 20 फीसदी रिसाली निगम निगम का हिस्सा होगा। इसके अलावा दोनों निगमों की नई बिल्डिंग के लिए राशि की मंजूरी दी गई है।

रिसाली निगम आयुक्त ने यह भी मांगा है: एक असिस्टेंट इंजीनियर, 3 सब इंजीनियर, 1 राजस्व निरीक्षक, 2 सहायक ग्रेड-2, 4 सहायक ग्रेड-3, 1 स्टेनो टायपिस्ट की मांग की गई है। इसके अलावा 33 प्रकार के स्टेशनरी सामान की मांग आयुक्त से की है। इसके अलावा 16 कंप्यूटर सेट व यूपीएस सहित, 13 प्रिंटर, 10 स्कैनर, 2 एक्सटर्नल हार्ड डिस्क, 5 फोटो कॉपी मशीन, 16 कंप्यूटर टेबल, 16 कंप्यूटर चेयर मांगा है।

संचालन के लिए रिसाली को मिले 5 करोड़ रुपए

इस बैठक में नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, विधायक देवेंद्र यादव, सेक्रेटरी अलरमेलमंगई डी, कलेक्टर अंकित आनंद, भिलाई निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी, रिसाली निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मुख्य रूप से बीएसपी को लेकर चर्चा हुई। मंत्री ताम्रध्वज साहू और विधायक देवेंद्र ने बैठक में यही कहा है कि निगम के विकास के लिए जो भी निर्णय होगा, वह सर्वमान्य होगा।

भिलाई और रिसाली निगम होगा प्रदेश में मॉडल

रायपुर में भिलाई निगम और रिसाली निगम की संपत्तियों के बंटवारे को लेकर चर्चा हुई है। प्रदेश में भिलाई और रिसाली निगम मॉडल बनेगा। इसके लिए अधिकारियों के साथ चर्चा हुई है। बहुत सारे पेंडिंग इश्यू थे, इस पर भी बैठक में चर्चा हुई। सभी मुद्दों पर अफसरों के साथ सार्थक चर्चा हुई है।
-देवेंद्र यादव, मेयर व विधायक, भिलाई

बीएसपी को लेकर कुछ लोग राजनीति कर रहे...

रिसाली और भिलाई निगम की संपत्तियों के बंटवारे को लेकर बैठक थी। राजस्व आय से लेकर कर्मियों के सेटअप पर चर्चा हुई है। भिलाई स्टील प्लांट कहां रहेगा, यह चर्चा का विषय ही नहीं है। बेवजह कुछ लोग अपनी राजनीति के लिए इस पर चर्चा कर रहे हैं। ये कहां रहेगा, इस पर राजस्व विभाग फैसला करेगा। अनावश्यक रूप से कुछ लोग इसे इश्यू बना रहे हैं। यह ठीक नहीं है।
-ताम्रध्वज साहू, गृहमंत्री छग शासन

भिलाई में क्यों रहे बीएसपी, बैठक में यह भी तर्क दिया

सूत्रों की माने तो बैठक में यह तर्क दिया गया कि बीएसपी भिलाई निगम के हिस्से में आना चाहिए। क्योंकि शुरू से ही बीएसपी भिलाई निगम को टैक्स दे रहा है। एमआईसी से भी यही मंजूर हुआ है। रिसाली के हिस्से में एनएसपीसीएल आ रहा है। भिलाई के लिए सिफारिश करने वालों ने बैठक में यह भी कहा कि राजपत्र में यह भी प्रकाशन नहीं है कि बीएसपी की चौहद्दी कहां है? इसलिए बीएसपी भिलाई के पास होना चाहिए। अब इस पर फाइनल फैसला कलेक्टर करेंगे। चर्चा है कि एक अप्रैल से पहले यह तय हो जाएगा कि बीएसपी किसके हिस्से में आएगा?
खबरें और भी हैं...