लेकिन इसलिए है धोनी की जरूरत

Bhilaidurg News - 1 इस साल धोनी फॉर्म में लौट चुके हैं। 2019 में उन्होंने 9 मैच खेले जिसमें उनका औसत 81 का रहा। उनका उच्चतम स्कोर भी इस वर्ष...

Bhaskar News Network

Mar 17, 2019, 03:15 AM IST
Bhilai News - chhattisgarh news but that39s why dhoni needs
1 इस साल धोनी फॉर्म में लौट चुके हैं। 2019 में उन्होंने 9 मैच खेले जिसमें उनका औसत 81 का रहा। उनका उच्चतम स्कोर भी इस वर्ष 87 रन है।

2 धोनी के अलावा विकेट कीपर का कोई विकल्प नहीं है। दिनेश कार्तिक वनडे टीम में ही नहीं है। जबकि ऋषभ पंत को हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी दो वनडे में मौका मिला लेकिन वो कुछ खास नहीं कर पाए। चौथे वनडे में उन्होंने एश्टन टर्नर की स्टम्पिंग सहित कई मौके छोड़े।

विकेट कीपर बल्लेबाज के तौर पर टीम जीती, तब धोनी 67 बार नाबाद रहे, संगकारा से 40 ज्यादा

वनडे में बतौर विकेट कीपर बल्लेबाज की बात की जाए तो श्रीलंका के कुमार संगकारा और महेंद्र सिंह धोनी की तुलना होती है। रन के मामले में भले ही संगकारा आगे हों लेकिन जब टीम को जीत मिलती है तब धोनी टीम के लिए हमेशा अहम साबित हुए हैं। इस मामले में वे संगकारा से काफी आगे है। जब टीम को जीत मिली है तब बतौर विकेट कीपर धोनी 156 पारियों में बल्लेबाजी करने उतरे और 67 बार नाबाद रहे। 71 की औसत से कुल 6305 रन बनाए। स्ट्राइक रेट 96 का रहा। वहीं संगकारा ने 183 पारी में बल्लेबाजी की। केवल 27 बाद नाबाद रहे। 51 की औसत से 7940 रन बनाए। स्ट्राइक रेट 83 का रहा। लक्ष्य का पीछा करते हुए धोनी का ओवरऑल औसत 105 का है (जब टीम को जीत मिली है)।

शहीद की मां का दर्द- मैं कुछ कहूंगी तो वो मेरे छोटे बेटे को भी मार देंगे

डिवीजनल कमांडर आतंकी तारिक मौलवी की मां का कहना है उसके बेटे को इतना टॉर्चर किया गया कि उसके पास आतंकी बनने के अलावा कोई और रास्ता ही नहीं बचा था। सेना और पुलिस उन्हें रोज कहती है कि वह अपने बेटे को सरेंडर करने को कहें, पर बेटा मानता ही नहीं है। डाउनटाउन में रहने वाली आबिदा का बेटा 15 साल का है। वह कब कहां जाता है, कितना वक्त किसके साथ गुजारता है, किसी घटना पर वह किस तरह से रिएक्ट करता है, आबिदा हर चीज का हिसाब रखती हैं। कहती हैं- “यही उम्र है जब उसके दिमाग पर कोई छोटी बात भी असर कर सकती है।’ जिस इलाके में वह रहती हैं, वहां पत्थरबाजी आम है। आबिदा हर रोज झूठी-सच्ची कहानियां सुनाकर बेटे से तरह-तरह के सवाल करती हैं। ये जानने के लिए कि कहीं वह कुछ गलत करने के बारे में तो नहीं सोच रहा। इसी डाउनटाउन का वाकया है एहतशाम से जुड़ा। खानयार का रहने वाला एहतशाम अपनी मां के कहने पर सरेंडर करने को राजी हुआ था। मां के ही कहने पर फुटबॉलर से आतंकी बना अनंतनाग का माजिद पिछले साल छोड़ घर लौट आया था। पिछले कुछ सालों में जो भी आतंकी सरेंडर कर लौटा है, वह मां की अपील पर ही लौटा है। हाल के कुछ सालों में ऐसे तीन-चार वाकये हुए हैं। यही वजह है कि जैसे ही किसी युवा के घर से गायब होने और आतंकी बनने की बात पुलिस या आर्मी को पता चलती है, वह सबसे पहले उसके परिवार से उसे बुलाने को कहते हैं। वह परिवारों से मिलकर उन्हें समझाने की कोशिश करते हैं कि आतंक से कुछ भी हासिल नहीं होने वाला। पर कई बार मां की अपील भी काम नहीं आती। पिछले साल त्राल में एक एनकाउंटर चल रहा था। सेना ने आतंकी की मां को बुलाकर उसे सरेंडर करने को कहा। मां की गुहार आतंकी ने नहीं मानी और मारा गया।

बढ़ रहा विदेशी वेबसाइट से सामान मंगाने का ट्रेंड

उम्मीद है कि देश का बिजनेस-टु-बिजनेस ई-कॉमर्स मार्केट 2020 तक 49 लाख करोड़ का हो जाएगा।

यानी 2014 की तुलना में यह 133 फीसदी बड़ा हो जाएगा। देश में कुल ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले लोगों में करीब 80 फीसदी ग्राहक फ्लिपकार्ट और अमेजन के हैं। बाकी 20 फीसदी लोग डॉमेस्टिक और विदेशी वेबसाइट्स से शॉपिंग कर रहे हैं। इसमें सबसे बड़ी खिलाड़ी अलीबाबा है। दुनिया के सबसे बड़े ई-रिटेलर अलीबाबा समूह की बिजनेस-टु-बिजनेस शाखा अलीबाबा डॉट कॉम की शुरुआत 1999 में हुई थी। भारत दुनिया में इसका दूसरा सबसे बड़ा मार्केट है। यह सप्लायर को खरीददार से जोड़कर लगभग हर तरह का व्यापार करती है। कुछ समय पहले अलीबाबा डॉट कॉम के ग्लोबल बिजनेस डेवलपमेंट के प्रमुख टिमोथी ल्यूंग ने मीडिया से कहा था कि चीन के बाद भारत ही अलीबाबा डॉट कॉम के लिए सबसे जरूरी बाजार है। अलीबाब अब भारत में लघु और मध्यम उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आईसीआईसीआई, कोटक महिंद्रा बैंक, क्रिसिल रेटिंग और टैली जैसी कई संस्थाओं के साथ काम रही है। विदेशी साइट्स से सामान मंगाने के पीछे एक कारण कम कीमतें भी हैं। भारतीय सेलर चीन से उत्पाद मंगाने पर उसमें अपनी मार्जिन, लॉजिस्टिक की लागत और टैक्स आदि जोड़ते हैं, जिससे कीमत बढ़ जाती है। इसके विपरीत चाइनीज सप्लायर प्रोडक्ट को सीधे ग्राहक तक भेज देते हैं, जिससे कस्टम ड्यूटी और शिपिंग चार्ज चुकाने के बाद भी कीमत ज्यादा नहीं बढ़ती है। 5 हजार से कम कीमत के सामान गिफ्ट की श्रेणी में आ जाते हैं, जिससे मौजूदा नियमों के तहत कस्टम ड्यूटी नहीं लगती है।

विदेशी ई-कॉमर्स वेबसाइट के 3 फायदे और नुकसान

फायदे :
नुकसान :
शॉपिंग में अपनाएं चार सावधानियां :
ये 40 परिवार खुद करते हैं खेती, इनमें डॉक्टर और इंजीनियर जैसे लोग शामिल हैं

उनके युवा हो चुके बच्चों ने वहां पर खुद बीज भी लगाए। वे बताती हैं कि हर रविवार को कुछ परिवार इकट्‌ठे होकर वहां जाते हैं। इससे पिकनिक के साथ ही खेती भी हो जाती है। उन्होंने अब अपने घरों में भी मशरूम की खेती शुरू कर दी है। सभी परिवारों ने 15 हजार रुपए प्रति परिवार इकट्‌ठे किए थे। इसी फंड में से वर्कर्स, लीज वाले की पेमेंट और बीज-खाद आदि का काम करना शुरू किया है। चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में पांच सेंटर्स पर ये सब्जियां पहुंचती हैं जो सभी परिवारों को नजदीक पड़ता है। गांव से ही आने वाले एक ड्राइवर को इसकी अदायगी की जाती है। सब मिल-जुल कर एक दूसरे तक पहुंचा देते हैं। वंदना कहती हैं कि बाजार से सब्जियां खरीदने पर भी लगभग इतना ही खर्च आता था। लेकिन अब ये मेथी, मूंगरे और मटर आदि लाते हैं तो परिवार के लोग खुश होकर खा लेते हैं।

ऑनलाइन मूवी टिकट बुक के लिए हैंडलिंग चार्ज वसूली गलत: आरबीआई

आरबीआई के जवाब के बाद फोरम अगेंस्ट करप्शन ने बुक माय शो और पीवीआर के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के खिलाफ हैदराबाद में एक उपभोक्ता अदालत में केस किया है। इसकी सुनवाई 23 मार्च को होगी।

आरबीआई ने हैदराबाद स्थित फोरम अगेंस्ट करप्शन के अध्यक्ष विजय गोपाल की आरटीआई पर कहा कि शुल्क का भुगतान व्यापारियों को इंटरनेट आधारित ऑनलाइन लेनदेन के लिए करना पड़ता है। लेकिन फिल्म टिकट के मामले में यह शुल्क अब ऑनलाइन टिकट बुकिंग पोर्टल्स द्वारा उपभोक्ता से लिया जा रहा है। हालांकि इस शुल्क का भुगतान बुकिंग पोर्टल द्वारा बैंक को किया जाना है, न कि ग्राहक द्वारा।

भिलाई डीपीएस के 10वीं के छात्र ने फांसी लगाकर कर ली खुदकुशी

इंतजार करते-करते काफी वक्त हो गया। फिर उन्होंने पड़ोसियों को खबर दी। इतने में अमन के पिता भी आ गए। जब उन्होंने छत पर जाकर देखा तो खिड़की से अमन एक रस्सी के सहारे लटकता दिखा। परिजन ने बताया कि अमन के 10वीं के दोनों पेपर बढ़िया गए थे। खुदकुशी क्यों की? यह समझ से परे है। स्मृति नगर चौकी प्रभारी बीपी शर्मा ने बताया कि, पुलिस को कोई सुसाइडल नोट नहीं मिला है। मामले की पड़ताल की जा रही है।

सरगुजा से खेलसाय, बस्तर से बैज रायगढ़ से लालजीत, जांजगीर से भारद्वाज, कांकेर से बिरेश प्रत्याशी

वे पिछले चुनाव में दोबारा चुनकर आए थे। बैज का नाम पैनल में नहीं था। बताया जाता है कि कवासी के इनकार के बाद उन्हें टिकट दी गई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि बाकी बची 6 सीटों के लिए 18 मार्च को फिर बैठक होगी। पहले चरण के होने वाले मतदान को देखते हुए बस्तर लोकसभा सीट के प्रत्याशी की घोषणा पहले की गई है। इसके बाद दूसरे आैर तीसरे चरण के लिए सात सीटों के नामों की घोषणा की जाएगी। बस्तर में पहले चरण के तहत 11 आैर कांकेर, महासमुंद तथा राजनांदगांव में दूसरे चरण के लिए 18 अप्रैल को मतदान होना है। जबकि तीसरे चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना है।

न्यूजीलैंड: हमले में मारे गए 49 लोगों में आठ भारतीय; 5 गुजरात, 2 हैदराबाद, 1 केरल से

गोलीबारी के दौरान हुए दो वाकये: जिन पर पूरी दुनिया नाज कर रही है...

बेटों की ढाल बनकर हमलावर के सामने खड़ा हुआ पिता; गोली लगी, अब खतरे से बाहर हैं

मस्जिद में गोलीबारी की घटना के दौरान 52 साल के अदीब सामी ने अपने दो बेटों को बचाने के लिए खुद हमलावर की गोली का सामना किया। हमलावर ने उन्हें सीधे गोली मारी। इससे वे घायल हो गए। लेकिन, अब खतरे से बाहर हैं। उनके शरीर से गोली निकाल ली गई है। अदीब इराकी मूल के हैं और दुबई से ताल्लुक रखते हैं। उनके दो बेटों अब्दुल्ला (29) और अली (23) को खरोंच तक नहीं आई है।

जिस व्यक्ति को सबसे पहले गोली मारी, उसने हमलावर के स्वागत मेंं कहा था- ‘हैलो ब्रदर’

हमलावर ब्रेंटन टैरंट फेसबुक लाइव कर जब हथियार लेकर मस्जिद पहुंचा तो सबसे पहले गेट पर एक व्यक्ति से उसका सामना हुआ। उस व्यक्ति ने हमलावार के स्वागत में हैलो ब्रदर कहा, यह देखकर भी कि हमलावर उसकी तरफ बंदूक ताने हुए तेजी से बढ़ रहा है। तभी उसे गोली मार दी गई। यह घटना उसी वीडियो में कैद हो गई, जिसे हमलावर फेसबुक पर लाइव दिखा रहा था।

आईपीएस उदय किरण व 2 अन्य पर केस दर्ज किया जाए: हाईकोर्ट

इसी दौरान आसपास के कुछ युवकों ने उनसे छेड़खानी की। परेशान होकर सभी खिलाड़ी इसकी शिकायत करने थाने पहुंचीं। लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने की जगह उनसे ही दुर्व्यवहार किया। इस घटना के विरोध में महासमुंद के पूर्व विधायक विमल चोपड़ा अपने समर्थकों के साथ थाने का घेराव करने पहुंचे। आरोप है कि आईपीएस उदय किरण के निर्देश पर पुलिस ने विधायक और उनके समर्थकों की लाठियों से जमकर पिटाई कर दी। इस मामले में सब इंस्पेक्टर समीर डुंगडुंग की शिकायत पर पूर्व विधायक और उनके समर्थकों पर ही विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई थी। बार-बार आग्रह के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं करने पर काजल ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। जस्टिस गौतम भादुरी की बेंच ने चर्चित आईपीएस उदय किरण, सब इंस्पेक्टर समीर डुंगडुंग और छत्रपाल सिन्हा पर ललिता कुमारी के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय दिशा-निर्देशों के मुताबिक एफआईआर दर्ज कर विवेचना के आदेश संबंधित अधिकारी को दिए हैं। इसके साथ ही याचिका निराकृत कर दी गई है।

शहीद की मां का दर्द- मैं कुछ कहूंगी तो वो मेरे छोटे बेटे को भी मार देंगे

डिवीजनल कमांडर आतंकी तारिक मौलवी की मां का कहना है उसके बेटे को इतना टॉर्चर किया गया कि उसके पास आतंकी बनने के अलावा कोई और रास्ता ही नहीं बचा था। सेना और पुलिस उन्हें रोज कहती है कि वह अपने बेटे को सरेंडर करने को कहें, पर बेटा मानता ही नहीं है। डाउनटाउन में रहने वाली आबिदा का बेटा 15 साल का है। वह कब कहां जाता है, कितना वक्त किसके साथ गुजारता है, किसी घटना पर वह किस तरह से रिएक्ट करता है, आबिदा हर चीज का हिसाब रखती हैं। कहती हैं- “यही उम्र है जब उसके दिमाग पर कोई छोटी बात भी असर कर सकती है।’ जिस इलाके में वह रहती हैं, वहां पत्थरबाजी आम है। आबिदा हर रोज झूठी-सच्ची कहानियां सुनाकर बेटे से तरह-तरह के सवाल करती हैं। ये जानने के लिए कि कहीं वह कुछ गलत करने के बारे में तो नहीं सोच रहा। इसी डाउनटाउन का वाकया है एहतशाम से जुड़ा। खानयार का रहने वाला एहतशाम अपनी मां के कहने पर सरेंडर करने को राजी हुआ था। मां के ही कहने पर फुटबॉलर से आतंकी बना अनंतनाग का माजिद पिछले साल छोड़ घर लौट आया था। पिछले कुछ सालों में जो भी आतंकी सरेंडर कर लौटा है, वह मां की अपील पर ही लौटा है। हाल के कुछ सालों में ऐसे तीन-चार वाकये हुए हैं। यही वजह है कि जैसे ही किसी युवा के घर से गायब होने और आतंकी बनने की बात पुलिस या आर्मी को पता चलती है, वह सबसे पहले उसके परिवार से उसे बुलाने को कहते हैं। वह परिवारों से मिलकर उन्हें समझाने की कोशिश करते हैं कि आतंक से कुछ भी हासिल नहीं होने वाला। पर कई बार मां की अपील भी काम नहीं आती। पिछले साल त्राल में एक एनकाउंटर चल रहा था। सेना ने आतंकी की मां को बुलाकर उसे सरेंडर करने को कहा। मां की गुहार आतंकी ने नहीं मानी और मारा गया।

बढ़ रहा विदेशी वेबसाइट से सामान मंगाने का ट्रेंड

उम्मीद है कि देश का बिजनेस-टु-बिजनेस ई-कॉमर्स मार्केट 2020 तक 49 लाख करोड़ का हो जाएगा।

यानी 2014 की तुलना में यह 133 फीसदी बड़ा हो जाएगा। देश में कुल ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले लोगों में करीब 80 फीसदी ग्राहक फ्लिपकार्ट और अमेजन के हैं। बाकी 20 फीसदी लोग डॉमेस्टिक और विदेशी वेबसाइट्स से शॉपिंग कर रहे हैं। इसमें सबसे बड़ी खिलाड़ी अलीबाबा है। दुनिया के सबसे बड़े ई-रिटेलर अलीबाबा समूह की बिजनेस-टु-बिजनेस शाखा अलीबाबा डॉट कॉम की शुरुआत 1999 में हुई थी। भारत दुनिया में इसका दूसरा सबसे बड़ा मार्केट है। यह सप्लायर को खरीददार से जोड़कर लगभग हर तरह का व्यापार करती है। कुछ समय पहले अलीबाबा डॉट कॉम के ग्लोबल बिजनेस डेवलपमेंट के प्रमुख टिमोथी ल्यूंग ने मीडिया से कहा था कि चीन के बाद भारत ही अलीबाबा डॉट कॉम के लिए सबसे जरूरी बाजार है। अलीबाब अब भारत में लघु और मध्यम उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आईसीआईसीआई, कोटक महिंद्रा बैंक, क्रिसिल रेटिंग और टैली जैसी कई संस्थाओं के साथ काम रही है। विदेशी साइट्स से सामान मंगाने के पीछे एक कारण कम कीमतें भी हैं। भारतीय सेलर चीन से उत्पाद मंगाने पर उसमें अपनी मार्जिन, लॉजिस्टिक की लागत और टैक्स आदि जोड़ते हैं, जिससे कीमत बढ़ जाती है। इसके विपरीत चाइनीज सप्लायर प्रोडक्ट को सीधे ग्राहक तक भेज देते हैं, जिससे कस्टम ड्यूटी और शिपिंग चार्ज चुकाने के बाद भी कीमत ज्यादा नहीं बढ़ती है। 5 हजार से कम कीमत के सामान गिफ्ट की श्रेणी में आ जाते हैं, जिससे मौजूदा नियमों के तहत कस्टम ड्यूटी नहीं लगती है।

विदेशी ई-कॉमर्स वेबसाइट के 3 फायदे और नुकसान

फायदे :
नुकसान :
शॉपिंग में अपनाएं चार सावधानियां :
ये 40 परिवार खुद करते हैं खेती, इनमें डॉक्टर और इंजीनियर जैसे लोग शामिल हैं

उनके युवा हो चुके बच्चों ने वहां पर खुद बीज भी लगाए। वे बताती हैं कि हर रविवार को कुछ परिवार इकट्‌ठे होकर वहां जाते हैं। इससे पिकनिक के साथ ही खेती भी हो जाती है। उन्होंने अब अपने घरों में भी मशरूम की खेती शुरू कर दी है। सभी परिवारों ने 15 हजार रुपए प्रति परिवार इकट्‌ठे किए थे। इसी फंड में से वर्कर्स, लीज वाले की पेमेंट और बीज-खाद आदि का काम करना शुरू किया है। चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में पांच सेंटर्स पर ये सब्जियां पहुंचती हैं जो सभी परिवारों को नजदीक पड़ता है। गांव से ही आने वाले एक ड्राइवर को इसकी अदायगी की जाती है। सब मिल-जुल कर एक दूसरे तक पहुंचा देते हैं। वंदना कहती हैं कि बाजार से सब्जियां खरीदने पर भी लगभग इतना ही खर्च आता था। लेकिन अब ये मेथी, मूंगरे और मटर आदि लाते हैं तो परिवार के लोग खुश होकर खा लेते हैं।

ऑनलाइन मूवी टिकट बुक के लिए हैंडलिंग चार्ज वसूली गलत: आरबीआई

आरबीआई के जवाब के बाद फोरम अगेंस्ट करप्शन ने बुक माय शो और पीवीआर के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के खिलाफ हैदराबाद में एक उपभोक्ता अदालत में केस किया है। इसकी सुनवाई 23 मार्च को होगी।

आरबीआई ने हैदराबाद स्थित फोरम अगेंस्ट करप्शन के अध्यक्ष विजय गोपाल की आरटीआई पर कहा कि शुल्क का भुगतान व्यापारियों को इंटरनेट आधारित ऑनलाइन लेनदेन के लिए करना पड़ता है। लेकिन फिल्म टिकट के मामले में यह शुल्क अब ऑनलाइन टिकट बुकिंग पोर्टल्स द्वारा उपभोक्ता से लिया जा रहा है। हालांकि इस शुल्क का भुगतान बुकिंग पोर्टल द्वारा बैंक को किया जाना है, न कि ग्राहक द्वारा।

भिलाई डीपीएस के 10वीं के छात्र ने फांसी लगाकर कर ली खुदकुशी

इंतजार करते-करते काफी वक्त हो गया। फिर उन्होंने पड़ोसियों को खबर दी। इतने में अमन के पिता भी आ गए। जब उन्होंने छत पर जाकर देखा तो खिड़की से अमन एक रस्सी के सहारे लटकता दिखा। परिजन ने बताया कि अमन के 10वीं के दोनों पेपर बढ़िया गए थे। खुदकुशी क्यों की? यह समझ से परे है। स्मृति नगर चौकी प्रभारी बीपी शर्मा ने बताया कि, पुलिस को कोई सुसाइडल नोट नहीं मिला है। मामले की पड़ताल की जा रही है।

सरगुजा से खेलसाय, बस्तर से बैज रायगढ़ से लालजीत, जांजगीर से भारद्वाज, कांकेर से बिरेश प्रत्याशी

वे पिछले चुनाव में दोबारा चुनकर आए थे। बैज का नाम पैनल में नहीं था। बताया जाता है कि कवासी के इनकार के बाद उन्हें टिकट दी गई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि बाकी बची 6 सीटों के लिए 18 मार्च को फिर बैठक होगी। पहले चरण के होने वाले मतदान को देखते हुए बस्तर लोकसभा सीट के प्रत्याशी की घोषणा पहले की गई है। इसके बाद दूसरे आैर तीसरे चरण के लिए सात सीटों के नामों की घोषणा की जाएगी। बस्तर में पहले चरण के तहत 11 आैर कांकेर, महासमुंद तथा राजनांदगांव में दूसरे चरण के लिए 18 अप्रैल को मतदान होना है। जबकि तीसरे चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना है।

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गोलीबारी के दौरान हुए दो वाकये: जिन पर पूरी दुनिया नाज कर रही है...

बेटों की ढाल बनकर हमलावर के सामने खड़ा हुआ पिता; गोली लगी, अब खतरे से बाहर हैं

मस्जिद में गोलीबारी की घटना के दौरान 52 साल के अदीब सामी ने अपने दो बेटों को बचाने के लिए खुद हमलावर की गोली का सामना किया। हमलावर ने उन्हें सीधे गोली मारी। इससे वे घायल हो गए। लेकिन, अब खतरे से बाहर हैं। उनके शरीर से गोली निकाल ली गई है। अदीब इराकी मूल के हैं और दुबई से ताल्लुक रखते हैं। उनके दो बेटों अब्दुल्ला (29) और अली (23) को खरोंच तक नहीं आई है।

जिस व्यक्ति को सबसे पहले गोली मारी, उसने हमलावर के स्वागत मेंं कहा था- ‘हैलो ब्रदर’

हमलावर ब्रेंटन टैरंट फेसबुक लाइव कर जब हथियार लेकर मस्जिद पहुंचा तो सबसे पहले गेट पर एक व्यक्ति से उसका सामना हुआ। उस व्यक्ति ने हमलावार के स्वागत में हैलो ब्रदर कहा, यह देखकर भी कि हमलावर उसकी तरफ बंदूक ताने हुए तेजी से बढ़ रहा है। तभी उसे गोली मार दी गई। यह घटना उसी वीडियो में कैद हो गई, जिसे हमलावर फेसबुक पर लाइव दिखा रहा था।

आईपीएस उदय किरण व 2 अन्य पर केस दर्ज किया जाए: हाईकोर्ट

इसी दौरान आसपास के कुछ युवकों ने उनसे छेड़खानी की। परेशान होकर सभी खिलाड़ी इसकी शिकायत करने थाने पहुंचीं। लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने की जगह उनसे ही दुर्व्यवहार किया। इस घटना के विरोध में महासमुंद के पूर्व विधायक विमल चोपड़ा अपने समर्थकों के साथ थाने का घेराव करने पहुंचे। आरोप है कि आईपीएस उदय किरण के निर्देश पर पुलिस ने विधायक और उनके समर्थकों की लाठियों से जमकर पिटाई कर दी। इस मामले में सब इंस्पेक्टर समीर डुंगडुंग की शिकायत पर पूर्व विधायक और उनके समर्थकों पर ही विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई थी। बार-बार आग्रह के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं करने पर काजल ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। जस्टिस गौतम भादुरी की बेंच ने चर्चित आईपीएस उदय किरण, सब इंस्पेक्टर समीर डुंगडुंग और छत्रपाल सिन्हा पर ललिता कुमारी के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय दिशा-निर्देशों के मुताबिक एफआईआर दर्ज कर विवेचना के आदेश संबंधित अधिकारी को दिए हैं। इसके साथ ही याचिका निराकृत कर दी गई है।

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