जिला पंचायत के विभागों में कांग्रेस के सभी सदस्यों को बनाया सभापति
जिला पंचायत में सात समितियों का गठन कर लिया गया लेकिन शिक्षा समिति नहीं बना सके। शिक्षा समिति के लिए सदस्य कम पड़ गए। भाजपा समर्थित सदस्यों को शामिल कर यह समिति बनाई जा सकती थी लेकिन समन्वय नहीं बन पाए। हालांकि प्रदेश सरकार ने पांच समिति ही बनाने के निर्देश दिए थे लेकिन अनुमोदन दो समिति बढ़ाई गई। जिला पंचायत में सामान्य प्रशासन समिति सहित सात समितियों का गठन गुरूवार को कर लिया गया। 12 सदस्यीय वाले जिला पंचायत में इस बार भी सदस्यों का टोटा रहा। जिसका असर सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा समिति पर पड़ा। शिक्षा समिति आखिरकार इस बार भी सदस्यों के अभाव में बनाई नहीं जा सकी। हालात को देखते हुए इस समिति के पदेन सभापति जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक साहू को बनाया गया है।
जिला पंचायत में कांग्रेस समर्थित सात सदस्य है। सामान्य प्रशासन समिति के सभापति जिला पंचायत अध्यक्ष होते हैं इसलिए बनी। बाकी छह सदस्य जो अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के दावेदार थे उन सभी को समितियों के सभापति बना दिए गए हैं।
स्कूल और शिक्षकों की समस्या पर नहीं होगी बात
शिक्षा समिति बनती तो वे अलग से शिक्षा संबंधी समस्याओं पर विचार करती और समाधान का निर्णय लेती। अब इस समिति के नहीं बनने से स्कूलों में व्याप्त समस्या को सामान्य प्रशासन समिति में ले जाने की जरूरत पड़ेगी। मसलन शिक्षकों की समस्या, स्कूलों का संधारण, शैक्षणिक गुणवत्ता लाने, संसाधन जुटाने समेत अन्य मुद्दों पर सीधा असर पड़ेगा।
शिक्षा समिति का गठन इसलिए नहीं हो पाया
शिक्षा समिति बनाने के लिए दो सदस्यों की जरूरत रही। सात अन्य समितियां बनाई गई। नियम के हिसाब से एक सदस्य तीन समिति के सदस्य बने इसलिए शिक्षा समिति के लिए सदस्य कम पड़ गए। इस समिति को बनाने पहले भाजपा सदस्यों को लेने का मंथन किया लेकिन आखिर में समन्वय नहीं बना पाए। जिपं में भाजपा समर्थित 5 सदस्य है।
जिला पंचायत दुर्ग में समितियों का गठन हुआ। इस दौरान सभी सभापति।