आरटीओ को सीआईएसएफ ने दो महीने में ही तीन बार बैरंग लौटाया, जवाब भी नहीं दिया

Bhilaidurg News - प्लांट के अंदर चल रहे अवैध वाहनों को लेकर परिवहन विभाग ने बीएसपी प्रबंधन पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है।...

Feb 15, 2020, 06:46 AM IST

प्लांट के अंदर चल रहे अवैध वाहनों को लेकर परिवहन विभाग ने बीएसपी प्रबंधन पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। विभागीय अफसर का कहना है कि पहले तीन बार चिट्ठी लिखकर वाहनों का ब्यौरा देने कहा गया लेकिन जवाब नहीं मिला। इसके बाद विभाग का फ्लाइंग स्क्वॉड वाहनों की जांच के लिए प्लांट पहुंचा तो सीआईएसएफ के जवानों ने गेट से ही टीम को बैरंग लौटा दिया।

अवैध वाहनों को लेकर ईओडब्ल्यू के बाद दुर्ग का परिवहन विभाग हरकत में आ गए हैं। जांच नहीं करने देने और पत्रों का जवाब नहीं मिलने पर परिवहन अधिकारी ने अब सीधे सीईओ को ही पत्र लिखा है।

अब सख्ती: परिवहन अधिकारी ने सीधे सीईओ को लिखा पत्र

भारी छोड़ छोटे वाहनों की दी प्रबंधन ने दी जानकारी

परिवहन विभाग ने दबाव बनाने के लिए बीएसपी के एलएंडए विभाग में अपने स्टाफ को भेजा। उसके बाद प्रबंधन ने कुछ एजेंसियों के साथ कंपनियों के नाम उपलब्ध कराए, इनमें मारूति और टाटा जैसी कंपनियां शामिल है। ये सभी कंपनियां बीएसपी को लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) यानि छोटे वाहन उपलब्ध करा रहे हैं। लेकिन प्रबंधन की ओर से उस समय भी प्लांट के अंदर चल रहे भारी वाहनों की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।

लालसन ने कहा - सभी वाहनों का टैक्स जमा है

एफएसएनएल के ठेकेदार लालसन ने बताया कि प्लांट के अंदर उनके जितने भी भारी वाहन चल रहे हैं, सभी का नियमित रूप से टैक्स का भुगतान किया जा रहा है। एक भी वाहन ऐसा नहीं है जिसका टैक्स बकाया हो। परिवहन विभाग में सब कुछ ऑनलाइन है, जिसे विभागीय अफसर कभी भी देख सकते हैं।


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ईओडब्ल्यू का नोटिस तैयार, जल्दी होगा जारी


ईओडब्ल्यू ने नोटिस जारी करने की तैयारी पूरी कर ली है, एक-दो दिनों में उन सभी जिम्मेदारों को नोटिस जारी कर दी जाएगी जिनके वाहन प्लांट के अंदर और बाहर अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। बीएसपी, सीआईएसएफ को भी ईओडब्ल्यू नोटिस जारी कर मामले में अपना पक्ष रखने कहा जाएगा।

प्लांट के अंदर कई वाहन बिना नंबर के चल रहे

कर्मचारियों से मिली जानकारी के मुताबिक प्लांट के अंदर कई वाहन ऐसे भी चल रहे हैं जिनमें नंबर प्लेट तक नहीं लगी है। भारी वाहनों की गति भी इतनी अधिक रहती है कि कई बार अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक हादसे का शिकार हो चुके हैं। कुछ हादसों में तो मौत तक हो चुकी है, इसके बाद भी इन वाहनों की रफ्तार नियंत्रित नहीं हुई है। जिसके कारण कर्मियों, ठेका श्रमिकों को हादसे का खतरा बना रहता है इसे लेकर यूनियनें प्रबंधन से शिकायत कर चुकी है।

एजेंसियों व कंपनियों ने किया फाइन का भुगतान

छोटे वाहनों की जानकारी मिलने पर परिवहन विभाग ने जब उन एजेंसियों और कंपनियों के वाहनों की जांच की तो 24 वाहन ऐसे में मिले जिनका टैक्सी परमिट नहीं था। लिहाजा विभाग की ओर से फाइन सहित शुल्क वसूला गया। इसके अलावा एक लोकल एजेंसी द्वारा बीएसपी को उपलब्ध कराए जाने वाले 18 वाहनों में भी ज्यादातर वाहन टैक्सी परमिट नहीं होने की जानकारी मिली है। जिसकी जल्द ही जांच कर पेनाल्टी वसूलने की कार्रवाई की जाएगी।

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