कांग्रेस आक्रामक इसलिए भाजपा में भी ऐसे अध्यक्ष की मांग, फैसला 20 के बाद

Bhilaidurg News - राज्य में कांग्रेस सरकार जिस आक्रामक ढंग से राजनीति कर रही है, उससे भाजपा में भी आक्रामक नेतृत्व की मांग उठ रही है।...

Jan 16, 2020, 06:25 AM IST
Bhilai News - chhattisgarh news congress aggressively calls for such president in bjp after decision 20
राज्य में कांग्रेस सरकार जिस आक्रामक ढंग से राजनीति कर रही है, उससे भाजपा में भी आक्रामक नेतृत्व की मांग उठ रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव 20 जनवरी को है। इसके बाद नए अध्यक्ष का ऐलान होगा। भाजपा में वर्तमान अध्यक्ष विक्रम उसेंडी के अलावा नए नेतृत्व के लिए चार नेताओं का नाम प्रमुखता से सामने आया है। इनमें दुर्ग के सांसद विजय बघेल, राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम, रायपुर सांसद सुनील सोनी और पूर्व मंत्री राजेश मूणत के नाम की चर्चा है।

छत्तीसगढ़ में भाजपा के नए अध्यक्ष का नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष तय करेंगे। 19 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नामांकन है, जबकि 20 जनवरी को नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान होगा। इससे पहले 18 जनवरी तक देशभर के 80 फीसदी राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कराने के निर्देश हैं। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव के कारण 11 जिलों के अध्यक्षों का चुनाव रोक दिया गया। इस वजह से प्रदेश अध्यक्ष का भी चुनाव नहीं हो सका। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष ही नए अध्यक्ष का मनोनयन करेंगे। 15 साल बाद भाजपा विपक्ष में है। विधानसभा चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस 68 सीटों पर जीतकर आई और आक्रामक तरीके से राजनीति कर रही है, इसलिए भाजपा में भी आक्रामक नेतृत्व की मांग उठ रही है। प्रदेश के नेताओं का कहना है कि सालभर में भाजपा बैकफुट पर रही है। सत्ता में वापसी के लिए आक्रामक नेतृत्व की जरूरत है। इस आधार पर ही ऐसे नामों की चर्चा हो रही है, जो आक्रामक राजनीति और छवि के लिए जाने जाते हैं।

लगातार हमलावर विपक्ष बनाने पर जोर

कांग्रेस ने सालभर के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ राम, गांधी-गोडसे और सीएए के जरिए केंद्र सरकार के सामने भी चुनौती पेश की है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर भी भाजपा पर हमले किए हैं। ऐसे समय में भाजपा में भी लगातार हमलावर विपक्ष पर जोर दिया जा रहा है, जिससे सरकार के हमले सहने के बजाय जनहित के मुद्दों के साथ हमले किए जा सकें। इसके अलावा प्रदेश की संस्कृति को जानने और समझने वाले नेता पर भी जोर दिया जा रहा है।

बड़े जिलाें में ही चुनाव नहीं

भाजपा के 11 जिलों में चुनाव नहीं हुए हैं। इनमें रायपुर शहर, ग्रामीण और दुर्ग-भिलाई के अलावा कांकेर, बस्तर, कोरबा, जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर शामिल हैं। प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के बाद ही इन जिलों में जिलाध्यक्ष का नाम तय किया जाएगा। इसके लिए भी लॉबिंग चल रही है।

दावेदारों ने इन नामों की इसलिए हो रही है चर्चा

विक्रम उसेंडी : पूर्व मंत्री व सांसद रहे हैं। विधानसभा चुनाव में हार के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ही अध्यक्ष बनाया था।

विजय बघेल : कुर्मी नेता। सर्वाधिक वोटों से जीतकर दुर्ग के सांसद बने। आक्रामक नेता माने जाते हैं। सीएम बघेल के रिश्तेदार होने के साथ ही मुखर नेता भी हैं।

रामविचार नेताम : राज्यसभा सांसद होने के साथ ही अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। तेजतर्रार व मुखर आदिवासी नेता हैं।

सुनील सोनी : रायपुर के सांसद हैं। रमेश बैस का रिकॉर्ड तोड़ ज्यादा वोटों से जीते। शांत स्वभाव के हैं। संगठन के सभी खेमों की पसंद हैं।

राजेश मूणत : तीन बार मंत्री रहे। जोगी शासन में युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। प्रबंधन में माहिर, आक्रामक और दमदार छवि के नेता।

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