जलसंकट से बचने एनीकेट की मांग, सीएम से मिले प्रतिनिधि
खारुन नदी तट पर बसे गांव ओदरागहन में पेयजल संकट बढ़ता जा रहा है। यहां के शासकीय प्राथमिक शाला का जर्जर भवन हादसे को निमंत्रण दे रहा।
बच्चे इसी के नीचे बैठकर पढ़ाई कर रहे। इसके अलावा और कई कई समस्याएं गांव में बनी हुई है, जिसे लेकर सरपंच जिनेश जैन ने ग्रामीणों के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह से मुलाकात की। उन्हें समस्याएं बताई। सरपंच जिनेश ने बताया कि सीएम ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और निराकरण का आश्वासन दिया है। सरपंच ने सीएम को बताया कि गांव में एनीकट की मांग बीते 5 वर्ष से की जा रही है। यहां निस्तारी की बड़ी समस्या है। 2007 में पुराना एनीकट टूट गया है। आज गांव की स्थिति बहुत खराब है। कहीं-कहीं तो 500-600 फिट बोर खनन के बाद भी पानी मुश्किल हो जाता है। किसानों की भी परेशानी बढ़ गई है। एनीकेट बन जाने से गांव का जल स्तर बढेगा। सरपंच ने शिक्षा मंत्री को बताया कि प्राथमिक शाला भवन जर्जर हो चुका है। कई बड़ी दुर्घटनाएं होते-होते बच गई। 2 बच्चों के सिर पर छज्जा टूटकर गिर चुका है। प्रशासन ने भवन के डिसमेंटल कराने का आदेश जारी किया, लेकिन नया भवन नहीं होने के कारण परेशानी बनी हुई है।
गांव में 2007 में निर्मित एनीकेट जर्जर स्थिति में है, इसलिए परेशानी बढ़ी