परमात्मा की भक्ति आध्यात्मिक जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है : रत्न ज्योति

Durg Bhilai News - आनंद मधुकर रतन भवन प्रांगण में श्रमण संघ दुर्ग का धार्मिक जप अनुष्ठान चल रहा है। चातुर्मासिक आराधना शुरू होने से...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 06:55 AM IST
Durg News - chhattisgarh news devotion to god is the greatest achievement of spiritual life gems jyoti
आनंद मधुकर रतन भवन प्रांगण में श्रमण संघ दुर्ग का धार्मिक जप अनुष्ठान चल रहा है। चातुर्मासिक आराधना शुरू होने से पहले वातावरण की शुद्धि के लिए जप व तप का अनुष्ठान जारी है। शनिवार को धर्म सभा में महासती प्रियदर्शना श्रीजी व किरण प्रभा के सानिध्य में पैसठिया यंत्र व पार्श्वनाथ भगवान का जप किया गया। पैसठिया यंत्र के माध्यम से और तीर्थ उवसग्गहरं स्त्रोत के माध्यम से तीर्थकर की भक्ति करवाई गई। साध्वी किरण प्रभा व साध्वी अर्पिता ने दोनों जाप कराया।

धर्मसभा में साध्वी र| ज्योति ने कहा कि परमात्मा की भक्ति आध्यात्मिक जीवन की सर्वोत्कृष्ट उपलब्धि है। जप का अर्थ है परमात्मा की भक्ति करना। तीर्थंकरों का स्मरण पापों को नष्ट कर देता है। सम्यवत्व शुद्ध होता है। तीर्थकर की भक्ति संसार सागर का सेतु है, जो भवपार कराता है। जय भक्ति आत्म स्वरूप की उपासना है। प्रभु भक्ति अपनी निजी संपत्ति है। तीर्थकर की स्तुति मानव में अपने पौारुष को जागृत करने की प्रेरणा देती है। जप साधना के तीन लक्ष्य प्रभु भक्ति में तन्मयता हो आत्म शक्तियों का जागरण हो कार्यसिद्धि हो जप करने का अवश्य ध्यान दें।

धर्मसभा: भक्ति का बताया महत्व

आनंद मधुकर रतन भवन में विराजित साध्वियों ने तीर्थंकर भक्ति कराई।

नवकार महामंत्र का जाप, कल से होगा चातुर्मास

शुक्रवार रात 9 बजे श्रमण संघ स्वाध्याय मंडल दुर्ग के सदस्यों ने प्रकाश चंद प्रफुल्ल कुमार संचेती के निवास में नवकार महामंत्र का जाप किया। जयमल जी मसा की स्तुति की। 15 जुलाई से चातुर्मास शुरू हो रहा है। सभी वर्ग के लोगों के लिए सुबह 6 बजे से 7 बजे तक धार्मिक कक्षाएं लगेगी| सुबह 8.45 से 9.45 बजे तक प्रवचन होगा। महिलाओं की धार्मिक जैन संस्कार की पाठशाला दोपहर से चलेगी। संध्याकालीन प्रतिक्रमण के बाद धर्म चर्चा होगी। इसकी तैयारी की जा रही है।

भक्तों ने विश्व शांति के लिए किया महामंडल विधान पूजन

दुर्ग|दिगंबर जैन मंदिर पद्मनाभपुर में भाव लिंगी संत आचार्य विमर्श सागर के सानिध्य में शनिवार सुबह शांति विधान मंडल का आयोजन किया गया। संत भवन में समाज के लोगों ने भक्ति भाव से पूजा की।

शांति महामंडल पूजा विधान का उद्देश्य विश्व शांति और समस्त जीवों के मंगल के लिए किया गया। इस अवसर पर आचार्य ने संयम और शांति के उद्देश्य को प्राप्त हो, ऐसी मंगल कामना और आशीर्वाद के साथ विधान मंडल पूजन कराया। संजय बोहरा ने बताया कि आचार्य का पद विहार सुबह 7.30 बजे होगा

दुर्ग में आज होगा चतुर्विध संघ का मंगल प्रवेश

भावलिंगी संत, श्रमणाचार्य विमर्शसागर महामुनिराज के चतुर्विध संघ का चातुर्मास दुर्ग में होगा। इसके लिए संत, मुनिजन 14 जुलाई को नगर में मंगल प्रवेश करेंगे। चातुर्मास आयोजक समिति ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है। जिन-जिन मार्गों से आचार्य संघ का पदार्पण होगा, वहां रंगोलियां सजाई गई है। सैकड़ों श्रावक अपने द्वारों पर गुरुदेव का स्वागत, चरण पखारकर और आरती उतारकर करेंगे। हिन्दी भवन से जैन समाज उनकी अगवानी करेगा। शोभायात्रा सुमतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचेगी।

भक्ति भाव से पूजन करते लोग।

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